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Firozabad News: फल विक्रेता के नाम पंजीकृत फर्म से करोड़ों की कर चोरी
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खैरगढ़ (फिरोजाबाद)। कस्बे में एक फल विक्रेता के नाम पर फरीदाबाद में फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की कर चोरी (जीएसटी फर्जीवाड़े) का मामला सामने आया है। कर चोरी की कड़ियां खुलने के बाद कानपुर के कल्याणपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। नोटिस का जवाब न मिलने पर जब कानपुर क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए फल विक्रेता के घर पहुंची, तो वहां की बदहाली और कच्चा मकान देखकर हैरान रह गई।
जीएसटी फर्मों की जांच के दौरान कानपुर में राज्य कर अधिकारी रमेश चंद्र ने फर्जीवाड़ा पकड़ा था। इसमें एक फर्म का लेन-देन फरीदाबाद की फर्म से पाया गया, जो खैरगढ़ कस्बा निवासी दिनेश कुमार के नाम पर पंजीकृत दर्ज थी। 14 जून को राज्य कर अधिकारी की ओर से थाना कल्याणपुर में केटी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर कार्तिक सिंह तोमर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच में सामने आया कि केटी ट्रेडर्स द्वारा टाम एंटरप्राइजेज को वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिना कोई वास्तविक माल सप्लाई किए सिर्फ बिलों का आदान-प्रदान किया गया। इसी तरह फर्स्ट ग्रीन एंटरप्राइजेज द्वारा भी टाम एंटरप्राइजेज को क्रय-विक्रय पत्र जारी कर करीब 83 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त की गई।
मामले में अगस्त में कानपुर क्राइम ब्रांच की ओर से फल विक्रेता दिनेश कुमार को नोटिस भेजा गया था। नोटिस का जवाब न मिलने पर रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम खैरगढ़ स्थित दिनेश के घर जांच के लिए पहुंची। यहां फल विक्रेता के टूटे-फूटे कच्चे मकान और स्थिति को देखकर अधिकारी चकित रह गए। पीड़ित दिनेश कुमार का कहना है कि वे आठ वर्ष पूर्व दिव्यांग हो गए थे और चौराहे पर फल की ठेल लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका मकान पूरी तरह कच्चा व क्षतिग्रस्त है और उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं मिला था। क्राइम ब्रांच की टीम ने दिनेश को अपना पक्ष रखने के लिए कानपुर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया है, जहां वे पहुंचकर अपनी सफाई देंगे।
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जीएसटी फर्मों की जांच के दौरान कानपुर में राज्य कर अधिकारी रमेश चंद्र ने फर्जीवाड़ा पकड़ा था। इसमें एक फर्म का लेन-देन फरीदाबाद की फर्म से पाया गया, जो खैरगढ़ कस्बा निवासी दिनेश कुमार के नाम पर पंजीकृत दर्ज थी। 14 जून को राज्य कर अधिकारी की ओर से थाना कल्याणपुर में केटी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर कार्तिक सिंह तोमर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई। जांच में सामने आया कि केटी ट्रेडर्स द्वारा टाम एंटरप्राइजेज को वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिना कोई वास्तविक माल सप्लाई किए सिर्फ बिलों का आदान-प्रदान किया गया। इसी तरह फर्स्ट ग्रीन एंटरप्राइजेज द्वारा भी टाम एंटरप्राइजेज को क्रय-विक्रय पत्र जारी कर करीब 83 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) प्राप्त की गई।
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मामले में अगस्त में कानपुर क्राइम ब्रांच की ओर से फल विक्रेता दिनेश कुमार को नोटिस भेजा गया था। नोटिस का जवाब न मिलने पर रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम खैरगढ़ स्थित दिनेश के घर जांच के लिए पहुंची। यहां फल विक्रेता के टूटे-फूटे कच्चे मकान और स्थिति को देखकर अधिकारी चकित रह गए। पीड़ित दिनेश कुमार का कहना है कि वे आठ वर्ष पूर्व दिव्यांग हो गए थे और चौराहे पर फल की ठेल लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनका मकान पूरी तरह कच्चा व क्षतिग्रस्त है और उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं मिला था। क्राइम ब्रांच की टीम ने दिनेश को अपना पक्ष रखने के लिए कानपुर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय बुलाया है, जहां वे पहुंचकर अपनी सफाई देंगे।
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