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सुहागनगरी में दिखा सूर्यग्रहण, मंदिरों के पट सुबह रहे बंद
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सूर्यग्रहण के दौरान बंद रहे राजराजेश्वरी कैला देवी मंदिर के कपाट
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में सूर्यग्रहण को युवाओं ने एक्सरे के साथ ही विभिन्न तकनीकि के माध्यम से देखा। खगोलीय घटनाक्रम को देखकर युवा आश्चर्य चकित रह गए। कुछ युवाओं ने इसे कैमरे में कैद किया। ग्रहण के दौरान धार्मिक स्थल बंद रहने के साथ ही कोई अनुष्ठान आदि का आयोजन भी नहीं हुआ। दोपहर के बाद मंदिरों को धुलाई एवं साफ सफाई करने के बाद लोग दर्शन करने के लिए पहुंचे।
सूर्यग्रहण की शुरूआत भले ही रविवार को सुबह दस बजे के बाद से हुई परंतु सूतक लग जाने के कारण शहर के मंदिरों को सुबह से नहीं खोला गया, जो लोग धोखे से मंदिर पहुंच गए उनको बैरंग लौटने को विवश होना पड़ा। इस तरह का नजारा मां राजराजेश्वरी कैला देवी भवन, माता वाला बाग स्थित बड़ी माता मंदिर के साथ जलेसर रोड स्थित काली माता मंदिर, मंदिर श्री बांके बिहारी महाराज, द्वारिकाधीश महाराज मंदिर के साथ राधा कृष्ण मंदिर के बाहर देखने को मिला।
मंदिरों के पट सुबह बंद रखने के साथ ही मंदिर के महंत सूर्यग्रहण के दौरान पूजा अर्चना करते रहे। सूर्यमंत्र का जाप किया गया। सूर्यग्रहण रविवार को दोपहर दो बजे के बाद समाप्त हो गया। सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की धुलाई किए जाने के साथ मंदिरों को दर्शन करने के लिए खोला गया। इधर, घरों में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सूर्यग्रहण के दौरान घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। सूर्यग्रहण के दौरान युवाओं ने एक्सरे के माध्यम एवं विशेष चश्मे के माध्यम से सूर्यग्रहण के न सिर्फ नजारे को देखा बल्कि इस नजारे को खुद कैमरे में भी कैद किया।
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सूर्यग्रहण की शुरूआत भले ही रविवार को सुबह दस बजे के बाद से हुई परंतु सूतक लग जाने के कारण शहर के मंदिरों को सुबह से नहीं खोला गया, जो लोग धोखे से मंदिर पहुंच गए उनको बैरंग लौटने को विवश होना पड़ा। इस तरह का नजारा मां राजराजेश्वरी कैला देवी भवन, माता वाला बाग स्थित बड़ी माता मंदिर के साथ जलेसर रोड स्थित काली माता मंदिर, मंदिर श्री बांके बिहारी महाराज, द्वारिकाधीश महाराज मंदिर के साथ राधा कृष्ण मंदिर के बाहर देखने को मिला।
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मंदिरों के पट सुबह बंद रखने के साथ ही मंदिर के महंत सूर्यग्रहण के दौरान पूजा अर्चना करते रहे। सूर्यमंत्र का जाप किया गया। सूर्यग्रहण रविवार को दोपहर दो बजे के बाद समाप्त हो गया। सूर्यग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों की धुलाई किए जाने के साथ मंदिरों को दर्शन करने के लिए खोला गया। इधर, घरों में बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सूर्यग्रहण के दौरान घरों से बाहर नहीं निकलने दिया। सूर्यग्रहण के दौरान युवाओं ने एक्सरे के माध्यम एवं विशेष चश्मे के माध्यम से सूर्यग्रहण के न सिर्फ नजारे को देखा बल्कि इस नजारे को खुद कैमरे में भी कैद किया।
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