फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   stope, suicide, firozabad

विश्व आत्महत्या बचाव दिवस पर विशेष: घट रही सहन शक्ति, किशोर भी कर रहे आत्महत्या

Wed, 09 Sep 2020 11:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2020 11:30 PM IST
विज्ञापन
stope, suicide, firozabad
फिरोजाबाद। दस सितंबर को विश्व आत्महत्या बचाव दिवस है। आजकल आत्महत्या करने की घटनाएं बढ़ीं हैं। सुहाग नगरी में किशोर भी आत्महत्या कर रहे हैं। जिले में प्रतिदिन आत्महत्या के केस सामने आ रहे हैं। 16 वर्ष से 35 वर्ष तक के लोग आत्महत्या अधिक कर रहे हैं। अगस्त माह में करीब 44 लोगों ने आत्महत्या की। इसमें सर्वाधिक फांसी लगाकर जाने देने वाले हैं। मनोविज्ञानी कहते हैं कि ऐसी घटनाओं को रोक सकते हैं, जरूरत है थोड़ा धैर्य रखने की है। कहा कि इच्छा और जरूरत के बीच सामंजस्य बनाने की जरूरत है।
विज्ञापन

-थाना नारखी के गढ़ी छत्रपति कॉलोनी निवासी किशोरी प्रियंका (16) ने 31 अगस्त की देर शाम घर में इसलिए आग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली, क्योंकि उसके भाई ने झाड़ू लगाने की बात कह दी थी।
विज्ञापन

-नगला मिर्जा बड़ा निवासी रामवीर के इकलौते बेटे जितेंद्र उर्फ ईशू (15) मामूली बात पर कमरे में फांसी के फंदे पर लटक गया था।
- थाना दक्षिण के नगला मोती निवासी धर्मेंद्र पुत्र ओमप्रकाश फांसी के फंदे पर लटक गया। क्योंकि उसकी पत्नी मायके चली गई थी।
सुविधा छिनने पर घिर जाते अवसाद में
- मनोवैज्ञानिक डॉ. एबी चौबे कहते हैं कि आत्महत्या की घटनाओं को बढ़ने का सबसे बड़ा कारण आज लोगों में लग्जरी जीवन जीने की तमन्ना बढ़ना है। लोग सुविधा भोगी हो गए। सुविधा छिन जाए तो अवसाद से घिर जाते हैं और फिर आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं। सहनशक्ति की कमी आ गई। कष्ट उठाने की क्षमता घट गई है। जो इच्छा करें हासिल हो जाए ये संभव नहीं है। इसलिए इच्छा और जरूरत के बीच सामंजस्य बनाने की जरूरत है। अवसाद से घिरे व्यक्ति का परिजन ख्याल रखें, उसे अकेला नहीं छोड़ें।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना काल में बढ़ा आर्थिक संकट भी वजह
- एसआरके इंटर कॉलेज के प्राचार्य एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रभाष्कर राय कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के चलते परिवारों में आर्थिक संकट बढ़े हैं, परिवार में विवाद होने के साथ अवसाद का शिकार होने के कारण लोग ऐसा कदम उठाते हैं। क्योंकि आपस में प्रेम व विश्वास की कमी आई है। एक-दूसरे से लाभ लेने की सोच बढ़ी है। वह पूरी नहीं होने पर लोग ऐसा कदम उठाते हैं, इसके लिए धैर्य एवं विश्वास को बढ़ाना होगा।

-आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों की बर्दाश्त करने की क्षमता घट रही है। पिछले पांच माह में जिले में सौ से अधिक आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। इनमें महिलाएं मामले अधिक हैं।
राजेश कुमार, एसपी ग्रामीण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed