{"_id":"ca45ba6d593adafe7972dd674e584185","slug":"sp-bsp-are-wary-of-nishad-community-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा-बसपा से सावधान रहे निषाद समाज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा-बसपा से सावधान रहे निषाद समाज
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 02 Jan 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद की गढ़ी तिवारी चौराहे पर आयोजित सभा में डा. नेकराम वर्मा ने कहा कि सपा-बसपा ने आरक्षण दिलाने के नाम पर समाज का वोट लेकर सरकार बनाने का काम किया है। हम सभी को सत्ता के लिए संघर्ष करना होगा।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद की सभा को संबोधित करते हुए डा.नेकराम वर्मा ने कहा कि निषाद समाज के मझवार, तुरैहा, गौड़, भुइया, पासी व शिल्पकार की उपजातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र आज तक किसी तहसील में जारी नहीं किया गया। सपा एवं बसपा से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज के लोग आंदोलन करते-करते थक गए। निषाद आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्वांचल के अखिलेश निषाद की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई। कई वाहनों को फूंका गया, 37 आंदोलनकारियों पर लगाए गए मुकदमों को आज तक वापस नहीं किया गया। संघर्ष के अगुआ रहे डा. संजय निषाद ने कहा कि ऐसे राजनीतिक दल का हम साथ क्यों दें जो हमारे समाज की बात सुनने को तैयार नहीं है। महानगर अध्यक्ष राजेश निषाद ने कहा कि 2017 के चुनाव में पूर्वांचल से समाज के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की बात चल रही है। आगे का चुनाव हमारे समाज के वोट बैंक के आधार पर ही लड़ेगा। सभा को मथुरी निषाद, सुरेश निषाद, शंकरलाल निषाद, कर्नल प्रेमचंद्र निषाद, प्रेमवीर निषाद, सिलेट सिंह निषाद, बाबा बालकदास, मानिकचंद्र निषाद, हाकिम सिंह निषाद, गंगा प्रसाद निषाद, श्रीकृष्ण निषाद, हरिविलास निषाद, जितेंद्र निषाद थे।
विज्ञापन
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद की सभा को संबोधित करते हुए डा.नेकराम वर्मा ने कहा कि निषाद समाज के मझवार, तुरैहा, गौड़, भुइया, पासी व शिल्पकार की उपजातियों को अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र आज तक किसी तहसील में जारी नहीं किया गया। सपा एवं बसपा से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि समाज के लोग आंदोलन करते-करते थक गए। निषाद आरक्षण आंदोलन के दौरान पूर्वांचल के अखिलेश निषाद की पुलिस की गोली लगने से मौत हो गई। कई वाहनों को फूंका गया, 37 आंदोलनकारियों पर लगाए गए मुकदमों को आज तक वापस नहीं किया गया। संघर्ष के अगुआ रहे डा. संजय निषाद ने कहा कि ऐसे राजनीतिक दल का हम साथ क्यों दें जो हमारे समाज की बात सुनने को तैयार नहीं है। महानगर अध्यक्ष राजेश निषाद ने कहा कि 2017 के चुनाव में पूर्वांचल से समाज के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने की बात चल रही है। आगे का चुनाव हमारे समाज के वोट बैंक के आधार पर ही लड़ेगा। सभा को मथुरी निषाद, सुरेश निषाद, शंकरलाल निषाद, कर्नल प्रेमचंद्र निषाद, प्रेमवीर निषाद, सिलेट सिंह निषाद, बाबा बालकदास, मानिकचंद्र निषाद, हाकिम सिंह निषाद, गंगा प्रसाद निषाद, श्रीकृष्ण निषाद, हरिविलास निषाद, जितेंद्र निषाद थे।
विज्ञापन