{"_id":"5824c8f84f1c1b342fb3a272","slug":"sold-identify-the-poor-and-by-account","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिक रही गरीबों की पहचान, खाते और आधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिक रही गरीबों की पहचान, खाते और आधार
अमर उजाला
Updated Fri, 11 Nov 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
पैसा जमा करने काे भ्ड़ श्ााम तक कम नहीं हुई
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
500-1000 के नोट के शक्ल में जमा अघोषित धनराशि को ठिकाने लगाने के लिए। सरकार ने पांच सौ और हजार का नोट बंद करके उन लोगों की नींद उड़ा दी है जिनके घरों में नगदी भरी पड़ी है। ऐसे लोग बैंक खुलते ही नगदी को ठिकाने लगाने की जुगाड़ तलाशने लगे हैं। इस बीच गरीबों के खाते, आधार कार्ड और पहचान पत्र बिकने की खबरें मिल रही हैं।
जमा नकदी को ठिकाने लगाने के लिए धनाढ्यों ने घरों और संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के खातों में पैसा ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। बैंकों में लाइन में लगे तमाम लोगों ने जब कहा कि हम तो साहब का पैसा अपने खाते जमा करने आए हैं, तब यह खेल उजागर हुआ।
एक व्यक्ति अपने खाते में ढाई लाख रुपये तक की रकम डाल सकता है। इस पर आयकर ने संज्ञान न लेने की बात कही है ऐसे में धनाढ्यों ने दूसरों के खाते खरीद लिए हैं। ढाई लाख कैश जमा करने पर दस से बीस हजार रुपये तक खातेदारों को देने का आफर दिया गया है। गुरुवार से ही यह खेल सुहाग नगरी में शुरू हो गया।
विज्ञापन
इसके साथ-साथ एक दिन में बैंक से चार हजार रुपये कैश के बदले हजार और पांच सौ रुपये के बदले चार हजार रुपये की निकासी की सुविधा का भी धनाढ्यों ने लाभ लेने का तरीका खोज निकाला। इसके लिए गरीबों के आधार कार्ड लीज पर ले रहे हैं।
उन्ही को आधार कार्ड के साथ लाइन में लगाया गया। एक-एक व्यक्ति ने दस से बीस आधार कार्डों से चार-चार हजार रुपये एक्सचेंज किए। इसकी एवज में एक आधार कार्ड धारक को सौ रुपये तक दिए गए। इस तरह कई धनाढ्यों ने एक ही दिन में चालीस हजार से एक लाख रुपये तक की करंसी एक्सचेंज कराई। आधार कार्डों के साथ लाइन में लगाए गए गरीबों की निगरानी के लिए धनाढ्यों ने अपने एक दो लोगों भी लगा रखा था। लोगों कोशिश है कि 31 दिसंबर तक जितनी करंसी बिना लिखा-पढ़ी के एक्सचेंज हो जाए। कुछ लोग पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी संचालकों के जरिए हजार और पांच सौ के नोट ठिकाने लगा रहे हैं।
विज्ञापन
जमा नकदी को ठिकाने लगाने के लिए धनाढ्यों ने घरों और संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों के खातों में पैसा ट्रांसफर करना शुरू कर दिया है। बैंकों में लाइन में लगे तमाम लोगों ने जब कहा कि हम तो साहब का पैसा अपने खाते जमा करने आए हैं, तब यह खेल उजागर हुआ।
विज्ञापन
एक व्यक्ति अपने खाते में ढाई लाख रुपये तक की रकम डाल सकता है। इस पर आयकर ने संज्ञान न लेने की बात कही है ऐसे में धनाढ्यों ने दूसरों के खाते खरीद लिए हैं। ढाई लाख कैश जमा करने पर दस से बीस हजार रुपये तक खातेदारों को देने का आफर दिया गया है। गुरुवार से ही यह खेल सुहाग नगरी में शुरू हो गया।
विज्ञापन
इसके साथ-साथ एक दिन में बैंक से चार हजार रुपये कैश के बदले हजार और पांच सौ रुपये के बदले चार हजार रुपये की निकासी की सुविधा का भी धनाढ्यों ने लाभ लेने का तरीका खोज निकाला। इसके लिए गरीबों के आधार कार्ड लीज पर ले रहे हैं।
उन्ही को आधार कार्ड के साथ लाइन में लगाया गया। एक-एक व्यक्ति ने दस से बीस आधार कार्डों से चार-चार हजार रुपये एक्सचेंज किए। इसकी एवज में एक आधार कार्ड धारक को सौ रुपये तक दिए गए। इस तरह कई धनाढ्यों ने एक ही दिन में चालीस हजार से एक लाख रुपये तक की करंसी एक्सचेंज कराई। आधार कार्डों के साथ लाइन में लगाए गए गरीबों की निगरानी के लिए धनाढ्यों ने अपने एक दो लोगों भी लगा रखा था। लोगों कोशिश है कि 31 दिसंबर तक जितनी करंसी बिना लिखा-पढ़ी के एक्सचेंज हो जाए। कुछ लोग पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी संचालकों के जरिए हजार और पांच सौ के नोट ठिकाने लगा रहे हैं।