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बैरंग लौटीं समाज कल्याण अधिकारी
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 10 Mar 2015 11:31 PM IST
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दाऊदयाल पीजी कॉलेज स्थित राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास में मंगलवार को निरीक्षण करने पहुंची समाज कल्याण अधिकारी को करीब एक घंटा गेट पर ही खड़ा रहना पड़ा। मुख्य गेट पर ताला लगा था। जानकारी पर बताया चाबी निदेशक के पास है लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया है। अधीक्षिका अनुपस्थित थीं।
समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञाशंकर राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंची तो छात्रावास का मुख्य गेट बंद था। गेट खोलने को कहा तो कर्मचारियों ने चाबी ना होने की बात कही। जानकारी करने पर पाया कि छात्रावास की चाभी दाऊदयाल पीजी कॉलेज के निदेशक रितु नारंग के पास है। कर्मचारी ने बताया कि निदेशक ने चाबी देने से मना कर दिया है। बालिका छात्रावास के अंदर एक पुरुष कर्मचारी था। उन्होंने बताया कि छात्रावास में पुरुष कर्मचारी और गेट पर ताला बंद होना आपत्तिजनक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी तीन बार छात्रावास का निरीक्षण किया हर बार अधीक्षिका किरनपाल अनुपस्थित मिली हैं। उन्होंने छात्राओं से पूछताछ की तो बताया कि भोजन के नाम पर हजारों रुपये की वसूली की जाती है। काफी देर तक गेट पर इंतजार करने के बाद समाज कल्याण अधिकारी भी बैरंग लौटने को विवश हुई। उन्होंने अपनी निरीक्षण आख्या डीएम विजय किरन आनंद और निदेशक समाज कल्याण विभाग को भेजी है।
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समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञाशंकर राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंची तो छात्रावास का मुख्य गेट बंद था। गेट खोलने को कहा तो कर्मचारियों ने चाबी ना होने की बात कही। जानकारी करने पर पाया कि छात्रावास की चाभी दाऊदयाल पीजी कॉलेज के निदेशक रितु नारंग के पास है। कर्मचारी ने बताया कि निदेशक ने चाबी देने से मना कर दिया है। बालिका छात्रावास के अंदर एक पुरुष कर्मचारी था। उन्होंने बताया कि छात्रावास में पुरुष कर्मचारी और गेट पर ताला बंद होना आपत्तिजनक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी तीन बार छात्रावास का निरीक्षण किया हर बार अधीक्षिका किरनपाल अनुपस्थित मिली हैं। उन्होंने छात्राओं से पूछताछ की तो बताया कि भोजन के नाम पर हजारों रुपये की वसूली की जाती है। काफी देर तक गेट पर इंतजार करने के बाद समाज कल्याण अधिकारी भी बैरंग लौटने को विवश हुई। उन्होंने अपनी निरीक्षण आख्या डीएम विजय किरन आनंद और निदेशक समाज कल्याण विभाग को भेजी है।
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