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चचेरी बहनों से दुष्कर्म
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 04 Mar 2015 11:22 PM IST
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घर के अंदर सो रही दलित परिवार को दो बेटियों (चचेरी बहनों) के साथ गांव के युवकों ने दुष्कर्म किया। विरोध करने से एक किशोरी के हाथ पैर बांध दिए। पुलिस मामले को दबा कर पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाने लगी तो विधायक मनीष असीजा ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और तहरीर ली।
मामला थाना नगला खंगर क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। दो मार्च को एक परिवार के रिश्तेदार जयपुर में हादसे का शिकार हो गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर दलित परिवार के मुखिया अपनी पुत्री और भतीजी को छोड़कर जयपुर चले गए।
आरोप है कि रात करीब दस बजे गंाव के ही तीन युवक उनके घर में प्रवेश कर गए। उन्होंने बरामद में सो रही दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर एक किशोरी को कमरे में बंद कर हाथ पैर बांध दिए। आरोपियों के जाने के बाद किशोरियों ने शोरगुल किया तो आसपास के लोग पहुंच गए। जयपुर से लौटने के बाद पिता को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने थाने पुलिस में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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आरोपियों ने परिवारीजनों को धमकी तक दे डाली। पुलिस भी पीड़ित पर समझौते का दबाव बनाने लगी। इस बीच विधायक मनीष असीजा के पास मामला पहुंचा तो उन्होंने आलाधिकारियों से बात की। तब जाकर पुलिस हरकत में आई और दोनों किशोरियों का मेडिकल कराया। एक आरोपी के ताऊ को पुलिस ने घर से उठा लिया। थानाध्यक्ष नगला खंगर का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं आई थी, इसलिए कार्रवाई नहीं की गई। तहरीर मिल गई है मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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मामला थाना नगला खंगर क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। दो मार्च को एक परिवार के रिश्तेदार जयपुर में हादसे का शिकार हो गए थे। इसकी जानकारी मिलने पर दलित परिवार के मुखिया अपनी पुत्री और भतीजी को छोड़कर जयपुर चले गए।
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आरोप है कि रात करीब दस बजे गंाव के ही तीन युवक उनके घर में प्रवेश कर गए। उन्होंने बरामद में सो रही दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर एक किशोरी को कमरे में बंद कर हाथ पैर बांध दिए। आरोपियों के जाने के बाद किशोरियों ने शोरगुल किया तो आसपास के लोग पहुंच गए। जयपुर से लौटने के बाद पिता को घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने थाने पुलिस में तहरीर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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आरोपियों ने परिवारीजनों को धमकी तक दे डाली। पुलिस भी पीड़ित पर समझौते का दबाव बनाने लगी। इस बीच विधायक मनीष असीजा के पास मामला पहुंचा तो उन्होंने आलाधिकारियों से बात की। तब जाकर पुलिस हरकत में आई और दोनों किशोरियों का मेडिकल कराया। एक आरोपी के ताऊ को पुलिस ने घर से उठा लिया। थानाध्यक्ष नगला खंगर का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं आई थी, इसलिए कार्रवाई नहीं की गई। तहरीर मिल गई है मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।