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पीने को स्वच्छ पानी नहीं, शहर से गांव तक संकट
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 05 Dec 2014 04:44 PM IST
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सुहागनगरी में बढ़ती आबादी को स्वच्छ एवं भरपूर पेयजल संसाधनों के अभाव में मुहैया नहीं हो पा रहा है। पानी के लिए हर रोज लोगों में मारामारी मची रहती है। सुबह से देर रात लोगों को पानी आने का इंतजार करना पड़ता है। शहर में हजारों लोग वर्षों से दुर्गंध युक्त पानी पीने या खरीद कर लाने को मजबूर हैं। वर्तमान में शासनप्रशासन के पास मौजूदा आबादी को स्वच्छ एवं भरपूर पेयजल उपलब्ध कराने का कोई इंतजाम नहीं हैं।
शहर की आबादी लगातार बढ़ने के साथ-साथ पेयजल संकट की खाई भी गहरी होती जा रही है। करीब 10 लाख की आबादी वाले शहर के लिए पानी की आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। जनपद में लगातार गिरते जलस्तर के कारण नगर निगम द्वारा स्थापित कराए गए नलकूपों का गला सूखने के कारण वह क्षमता के अनुसार पानी उगलने में अक्षम साबित हो रहे हैं। नगर निगम द्वारा जुटाए गए संसाधन भी जनता को पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। शहर की 13 ग्रामसभा एवं नई आबादी से जुड़े क्षेत्रों में सर्वाधिक पेयजल संकट बना हुआ है। नगर निगम सीमा में शामिल होने के वर्षों बाद भी पेयजल के संसाधन नहीं जुटाए जा सके। इन क्षेत्रों में बनी टंकियां शोपीस बनी खड़ी हैं। जनता द्वारा आंदोलन करने के बाद कुछ टंकियों से सप्लाई अवश्य शुरू हुई, लेकिन पूरी आबादी को पानी फिर नहीं मिला। ऐसी स्थिति में शहर के कई क्षेत्रों में लोग पानी मोल खरीद कर पीने को मजबूर हैं। हर माह लोगों को हजारों रुपये खर्च कर मोल पानी खरीदना पड़ रहा है।
हादसे के बाद भी नहीं बदले हालात
शहर के शीतल खां, नगला बरी, रामनगर, संतनगर, रसूलपुर सहित कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां वर्षों से दूषित पेयजल आपूर्ति होने की शिकायत है। दूषित पेयजल आपूर्ति के चलते कई बार डायरिया फैलने से कुछ लोगों की मौत के बाद भी स्थिति में अपेक्षा के अनुरूप सुधार नहीं हो सका।
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हाथवंत के 15 गांव के पानी में अधिक मिली है फ्लोराइड व टीडीएस की मात्रा
फीरोजाबाद। लगातार नीचे गिरते जलस्तर के साथ पानी की गुणवत्ता दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मामले का काफी प्रमुखता से उठाया गया था। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर हाथवंत ब्लाक में जांच कराई तो 15 गांव के पानी की गुणवत्ता खराब मिली। अब शीघ्र ही इनमें टंकी स्थापित करके शुद्ध पानी की आपूर्ति की जाएगी।
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शहर की आबादी लगातार बढ़ने के साथ-साथ पेयजल संकट की खाई भी गहरी होती जा रही है। करीब 10 लाख की आबादी वाले शहर के लिए पानी की आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब है। जनपद में लगातार गिरते जलस्तर के कारण नगर निगम द्वारा स्थापित कराए गए नलकूपों का गला सूखने के कारण वह क्षमता के अनुसार पानी उगलने में अक्षम साबित हो रहे हैं। नगर निगम द्वारा जुटाए गए संसाधन भी जनता को पानी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। शहर की 13 ग्रामसभा एवं नई आबादी से जुड़े क्षेत्रों में सर्वाधिक पेयजल संकट बना हुआ है। नगर निगम सीमा में शामिल होने के वर्षों बाद भी पेयजल के संसाधन नहीं जुटाए जा सके। इन क्षेत्रों में बनी टंकियां शोपीस बनी खड़ी हैं। जनता द्वारा आंदोलन करने के बाद कुछ टंकियों से सप्लाई अवश्य शुरू हुई, लेकिन पूरी आबादी को पानी फिर नहीं मिला। ऐसी स्थिति में शहर के कई क्षेत्रों में लोग पानी मोल खरीद कर पीने को मजबूर हैं। हर माह लोगों को हजारों रुपये खर्च कर मोल पानी खरीदना पड़ रहा है।
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हादसे के बाद भी नहीं बदले हालात
शहर के शीतल खां, नगला बरी, रामनगर, संतनगर, रसूलपुर सहित कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां वर्षों से दूषित पेयजल आपूर्ति होने की शिकायत है। दूषित पेयजल आपूर्ति के चलते कई बार डायरिया फैलने से कुछ लोगों की मौत के बाद भी स्थिति में अपेक्षा के अनुरूप सुधार नहीं हो सका।
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हाथवंत के 15 गांव के पानी में अधिक मिली है फ्लोराइड व टीडीएस की मात्रा
फीरोजाबाद। लगातार नीचे गिरते जलस्तर के साथ पानी की गुणवत्ता दिन प्रतिदिन खराब हो रही है। जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मामले का काफी प्रमुखता से उठाया गया था। डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर हाथवंत ब्लाक में जांच कराई तो 15 गांव के पानी की गुणवत्ता खराब मिली। अब शीघ्र ही इनमें टंकी स्थापित करके शुद्ध पानी की आपूर्ति की जाएगी।