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शिकोहाबाद विधानसभा-1967 जैसा उत्साह मुलायम, रामनरेश के चुनाव लडने के दौरान भी नहीं दिखा
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फिरोजाबाद। शिकोहाबाद विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं में 1967 में सबसे अधिक मतदान किया था। मतदाताओं ने ऐसा उत्साह सपा के वर्तमान संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 1993 तथा पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल रहे रामनरेश यादव के 1985 में चुनाव लड़ने के दौरान भी दिखाई नहीं दिया था। 1967 के चुनाव में रिकार्ड 69.59 प्रतिशत लोग मतदान करने घरों से निकले थे। वहीं 1977 के चुनाव में इसी विधानसभा के वोटरों ने बेरुखी भी दिखाई थी। इस चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदाता मतदान करने को निकले थे।
जिले के शिकोहाबाद विधानसभा की बात करें तो यहां के मतदाताओं का मिजाज ही अलग रहा है। 1967 के चुनाव में विधानसभा के मतदाताओं ने उत्साह के साथ मतदान किया था। 1967 के विधानसभा चुनाव में एक लाख चार हजार 536 मतों में 72766 मतदाता मतदान करने बूथों पर पहुंचे थे। इसमें चुनाव जीतने वाले रामस्वरूप को 36999 मत मिले थे। वही प्रतिद्वंदी मंशाराम को 22832 मत मिले थे। इस विधानसभा के जानकारों की मानें तो यह चुनाव रोचक भी रहा था।
यादव बहुल रही इस विधानसभा सीट पर ऐसा उत्साह सपा के वर्तमान संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 1993 में चुनाव लड़ने एवं 1985 में रामनरेश यादव के चुनाव लड़ने के दौरान भी देखने को नहीं मिला था। 1993 में चुनाव जीतने के बाद मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। वहीं 1977 के चुनाव में जनता पार्टी से चुनाव लड़े गंगा सिंह यादव विधायक चुने गए थे। उन्हें कुल पड़े 48753 मतों में से 24596 मत मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंदी दुर्गविजय सिंह को 9065 ही मत मिल सके थे।
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जिले के शिकोहाबाद विधानसभा की बात करें तो यहां के मतदाताओं का मिजाज ही अलग रहा है। 1967 के चुनाव में विधानसभा के मतदाताओं ने उत्साह के साथ मतदान किया था। 1967 के विधानसभा चुनाव में एक लाख चार हजार 536 मतों में 72766 मतदाता मतदान करने बूथों पर पहुंचे थे। इसमें चुनाव जीतने वाले रामस्वरूप को 36999 मत मिले थे। वही प्रतिद्वंदी मंशाराम को 22832 मत मिले थे। इस विधानसभा के जानकारों की मानें तो यह चुनाव रोचक भी रहा था।
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यादव बहुल रही इस विधानसभा सीट पर ऐसा उत्साह सपा के वर्तमान संरक्षक मुलायम सिंह यादव के 1993 में चुनाव लड़ने एवं 1985 में रामनरेश यादव के चुनाव लड़ने के दौरान भी देखने को नहीं मिला था। 1993 में चुनाव जीतने के बाद मुलायम सिंह यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। वहीं 1977 के चुनाव में जनता पार्टी से चुनाव लड़े गंगा सिंह यादव विधायक चुने गए थे। उन्हें कुल पड़े 48753 मतों में से 24596 मत मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंदी दुर्गविजय सिंह को 9065 ही मत मिल सके थे।
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