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एसडीएम सिरसागंज के खिलाफ लामबंद हुए कर्मचारी, हंगामा
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 10 Dec 2015 07:53 PM IST
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एसडीएम सिरसागंज राजेश यादव के द्वारा बीडीओ मदनपुर व सचिव से अभद्रता के विरोध में जिले के सभी ब्लाकों में गुरुवार को कामकाज ठप रहा। कर्मचारियों ने विकास भवन के बाहर प्रदर्शन किया। डीएम विजय किरन आनंद ने कर्मचारियों की समस्याओं को सुना और घटना की निंदा करते हुए माफी मांगी। डीएम ने भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने देने का भी भरोसा दिया।
एसडीएम सिरसागंज राजेश यादव के द्वारा गत दिवस बीडीओ मदनपुर विशंभर दयाल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत व सचिव के साथ अभद्रता की गई थी। एक कर्मचारी से मारपीट की नौबत आ गई थी। जिले भर के ब्लाकों के कर्मचारियों ने घटना के विरोध में गुरुवार को कामकाज ठप रखा। कर्मचारियों के संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने प्रदीप यादव की अध्यक्षता में सभा की। निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि धरना स्थल पर आकर एसडीएम खुद माफी नहीं मांगते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विकास भवन के कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए पीडी डीआरडीए सर्वेशचंद्र यादव एवं डीडीओ आरके राम वार्ता के लिए पहुंचे। उन्होंने डीएम के शिविर कार्यालय पर वार्ता के लिए चलने को कहा। कर्मचारी नेताओं ने इस आग्रह को ठुकरा दिया। उन्होंने डीएम को सभा स्थल पर आकर माफी मांगने को कहा। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए जिले के सभी ब्लाकों के बीडीओ प्रतिमा निमेष, पीएन यादव, एके जौहरी, धर्मवीर सिंह, राजेश कुमार, विशंभर दयाल आदि के साथ शिविर कार्यालय पर बात की। उन्होंने कर्मचारियों का पक्ष डीएम के समक्ष रखा। डीएम ने भी एसडीएम सिरसागंज के व्यवहार की निंदा करते हुए कर्मचारी समूह से माफी मांगी। कर्मचारियों को खुद का हिस्सा ही बताते हुए कहा भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। संचालन विकास भवन कर्मचारी महासंघ के डा. ध्रुव कुमार आचार्य ने किया। दिनेश यादव, रामवीर सिंह, जितेंद्र कुमार, दिलीप, प्रदीप, मनीष कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश, श्रीकृष्ण, संदीप दीक्षित ने सभा को संबोधित किया। धरना स्थल पर राकेश सक्सेना, इंसाफ अली, रवि कटारा, गोपाल, मनोज, कफील, नरेंद्र शर्मा, मुसद्दक हुसैन, ईश्वर दयाल, हरीशंकर, प्रदीप पांडे, मुश्ताक अहमद, हरेंद्र कुमार थे।
ब्लाकों में नहीं बन सके गणना एजेंट
कर्मचारियों के आंदोलन के चलते विकास भवन के साथ सभी ब्लाकों में सन्नाटा रहा। कर्मचारी पहुंचे भी तो उन्होंने काम नहीं किया। यही कारण रहा कि जसराना के साथ ही जिले के अन्य ब्लाकों में मतगणना एजेंट बनाने एवं प्रमाण पत्रों को बांटने तक का काम नहीं हो सका। इस कारण कई प्रत्याशी भी ब्लाकों के चक्कर लगाने के बाद लौट गए।
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बीडीओ ने भी रखा अपना दर्द
एसडीएम के द्वारा बीडीओ के साथ किस तरह का व्यहार किया जाता है यह दर्द जिले के सभी बीडीओ ने सभा के दौरान रखा। साफ कहा कि अब किसी के साथ कोई भी गलत व्यवहार करे तो उसे तुरंत जिलाधिकारी के संज्ञान में लाएं। हर किसी ने कहा कि सम्मान के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
हड़ताल के कारण बाहर बैठे रहे अधिकारी
कर्मचारियों के कामकाज ठप कर दिए जाने के कारण अधिकारी कार्यालयों के बाहर बैठे रहे। समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञाशंकर तिवारी व बीएसए बालमुकुंद प्रसाद, डिप्टी बीएसए तरुण कुमार कार्यालय के बहार बैठे थे।
एसडीएम और बीडीओ के बीच किसी बात पर नोंकझोंक हो गई थी। मामले को शांत करा दिया गया है। मैंने खुद कर्मचारियों से माफी मांगी और कहा कि गलती किसी की भी हो सभी सामंजस्य से कार्य करें। दोनों अधिकारियों को संतुष्ट किया।
विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी
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एसडीएम सिरसागंज राजेश यादव के द्वारा गत दिवस बीडीओ मदनपुर विशंभर दयाल, सहायक विकास अधिकारी पंचायत व सचिव के साथ अभद्रता की गई थी। एक कर्मचारी से मारपीट की नौबत आ गई थी। जिले भर के ब्लाकों के कर्मचारियों ने घटना के विरोध में गुरुवार को कामकाज ठप रखा। कर्मचारियों के संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्यों ने प्रदीप यादव की अध्यक्षता में सभा की। निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि धरना स्थल पर आकर एसडीएम खुद माफी नहीं मांगते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विकास भवन के कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए पीडी डीआरडीए सर्वेशचंद्र यादव एवं डीडीओ आरके राम वार्ता के लिए पहुंचे। उन्होंने डीएम के शिविर कार्यालय पर वार्ता के लिए चलने को कहा। कर्मचारी नेताओं ने इस आग्रह को ठुकरा दिया। उन्होंने डीएम को सभा स्थल पर आकर माफी मांगने को कहा। कर्मचारियों के आक्रोश को देखते हुए जिले के सभी ब्लाकों के बीडीओ प्रतिमा निमेष, पीएन यादव, एके जौहरी, धर्मवीर सिंह, राजेश कुमार, विशंभर दयाल आदि के साथ शिविर कार्यालय पर बात की। उन्होंने कर्मचारियों का पक्ष डीएम के समक्ष रखा। डीएम ने भी एसडीएम सिरसागंज के व्यवहार की निंदा करते हुए कर्मचारी समूह से माफी मांगी। कर्मचारियों को खुद का हिस्सा ही बताते हुए कहा भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति नहीं होने दी जाएगी। संचालन विकास भवन कर्मचारी महासंघ के डा. ध्रुव कुमार आचार्य ने किया। दिनेश यादव, रामवीर सिंह, जितेंद्र कुमार, दिलीप, प्रदीप, मनीष कुमार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश, श्रीकृष्ण, संदीप दीक्षित ने सभा को संबोधित किया। धरना स्थल पर राकेश सक्सेना, इंसाफ अली, रवि कटारा, गोपाल, मनोज, कफील, नरेंद्र शर्मा, मुसद्दक हुसैन, ईश्वर दयाल, हरीशंकर, प्रदीप पांडे, मुश्ताक अहमद, हरेंद्र कुमार थे।
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ब्लाकों में नहीं बन सके गणना एजेंट
कर्मचारियों के आंदोलन के चलते विकास भवन के साथ सभी ब्लाकों में सन्नाटा रहा। कर्मचारी पहुंचे भी तो उन्होंने काम नहीं किया। यही कारण रहा कि जसराना के साथ ही जिले के अन्य ब्लाकों में मतगणना एजेंट बनाने एवं प्रमाण पत्रों को बांटने तक का काम नहीं हो सका। इस कारण कई प्रत्याशी भी ब्लाकों के चक्कर लगाने के बाद लौट गए।
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बीडीओ ने भी रखा अपना दर्द
एसडीएम के द्वारा बीडीओ के साथ किस तरह का व्यहार किया जाता है यह दर्द जिले के सभी बीडीओ ने सभा के दौरान रखा। साफ कहा कि अब किसी के साथ कोई भी गलत व्यवहार करे तो उसे तुरंत जिलाधिकारी के संज्ञान में लाएं। हर किसी ने कहा कि सम्मान के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
हड़ताल के कारण बाहर बैठे रहे अधिकारी
कर्मचारियों के कामकाज ठप कर दिए जाने के कारण अधिकारी कार्यालयों के बाहर बैठे रहे। समाज कल्याण अधिकारी प्रज्ञाशंकर तिवारी व बीएसए बालमुकुंद प्रसाद, डिप्टी बीएसए तरुण कुमार कार्यालय के बहार बैठे थे।
एसडीएम और बीडीओ के बीच किसी बात पर नोंकझोंक हो गई थी। मामले को शांत करा दिया गया है। मैंने खुद कर्मचारियों से माफी मांगी और कहा कि गलती किसी की भी हो सभी सामंजस्य से कार्य करें। दोनों अधिकारियों को संतुष्ट किया।
विजय किरन आनंद, जिलाधिकारी