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जिला अस्पताल में सोमवार को रक्त परीक्षण न होने पर मरीजों से हंगामा किया।
अमर उजाला
Updated Tue, 18 Oct 2016 12:45 AM IST
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रक्त परीक्षण कराने को दौड़े एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में सोमवार को रक्त परीक्षण न होने पर मरीजों से हंगामा किया। पैथोलॉजी स्टॉफ रक्त की जांच किए बिना वापस लौटा रहा था। इस पर मरीज भड़क गए। स्थिति संभालने को एसडीएम सदर को पहुंचना पड़ा। एसडीएम की फटकार के बाद मरीजों के रक्त परीक्षण हो सका।
जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में सुबह रक्त की जांच कराने आ रहे मरीजों को वापस भेजा जा रहा था। स्टाफ कल आने की बात कह रहा था। मरीजों ने इसका विरोध किया। हंगामा होने पर एसडीएम सदर रविंद्र मांदड जिला अस्पताल में पहुंच गए। यहां मरीज ने पैथोलॉजी स्टाफ पर रक्त जांच से मना करने का आरोप लगाया।
साथ ही कई मरीजों ने अवैध वसूली की शिकायत की। एसडीएम रविंद्र मांदड ने पैथोलॉजी में बैठे चिकित्सक डा. भवर सिंह एवं डा. एसके सिंह को एसडीएम ने बाहर बुलाया। मगर दोनों चिकित्सक बाहर नहीं आए तो एसडीएम स्वयं अंदर चले गए। चिकित्सक आराम कर रहे थे। एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि बाहर मरीज परेशान हैं आप अंदर आराम फरमा रहे हो। एसडीएम ने निर्देश दिए कि रक्त आदि की जांच कराने को आने वाला मरीज बिना जांच कराए वापस नहीं होना चाहिए।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अजय शुक्ला ने कहा कि दोपहर 12 बजे तक डीएम ने सैंपुल करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद जांच की जाती है। मरीजों की संख्या बढ़ने से अव्यवस्था फैल गई।
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जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में सुबह रक्त की जांच कराने आ रहे मरीजों को वापस भेजा जा रहा था। स्टाफ कल आने की बात कह रहा था। मरीजों ने इसका विरोध किया। हंगामा होने पर एसडीएम सदर रविंद्र मांदड जिला अस्पताल में पहुंच गए। यहां मरीज ने पैथोलॉजी स्टाफ पर रक्त जांच से मना करने का आरोप लगाया।
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साथ ही कई मरीजों ने अवैध वसूली की शिकायत की। एसडीएम रविंद्र मांदड ने पैथोलॉजी में बैठे चिकित्सक डा. भवर सिंह एवं डा. एसके सिंह को एसडीएम ने बाहर बुलाया। मगर दोनों चिकित्सक बाहर नहीं आए तो एसडीएम स्वयं अंदर चले गए। चिकित्सक आराम कर रहे थे। एसडीएम ने सख्त लहजे में कहा कि बाहर मरीज परेशान हैं आप अंदर आराम फरमा रहे हो। एसडीएम ने निर्देश दिए कि रक्त आदि की जांच कराने को आने वाला मरीज बिना जांच कराए वापस नहीं होना चाहिए।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डा. अजय शुक्ला ने कहा कि दोपहर 12 बजे तक डीएम ने सैंपुल करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद जांच की जाती है। मरीजों की संख्या बढ़ने से अव्यवस्था फैल गई।