सत्ता का संग्राम: सिरसागंज में सरकारी योजनाओं और स्थानीय विधायक से जनता कितना संतुष्ट, जानें इस रिपोर्ट में
यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी छोटे-बड़े दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। सपा जहां अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है,वहीं भजापा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए पूरा जोर लगा रही है। इसी कड़ी में सिरसागंज विधानसभा सीट पर अमर उजाला की टीम ने लोगों से बातचीत की।
विस्तार
यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा का चुनाव होना है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी छोटे-बड़े दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुट गए हैं। सपा जहां अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना चाहती है वहीं भजापा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए पूरा जोर लगा रही है। भाजपा सरकार के कामकाज से जनता कितना संतुष्ट है और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार को लेकर लोगों की राय क्या है? प्रदेश की जनता के 'मन की बात' जानने के लिए आमर उजाला ने एक अभियान चलाया है जिसका नाम है 'सत्ता का संग्राम'। इस अभियान के तहत अमर उजाला की टीम प्रदेश की सभी विधानसभाओं में जाकर तमाम मुद्दों को लेकर लोगों से बात कर रही है और ये जानने की कोशिश कर रही है कि क्षेत्र के मौजूदा विधायक के काम-काज से जनता कितना संतुष्ट है? इसी कड़ी में सिरसागंज विधानसभा सीट का अमर उजाला की टीम ने जायजा लिया। ये सीट फिरोजाबाद जिले में आती है।
सिरसागंज मंडी की हालत पर क्या बोले- स्थानीय निवासी
सत्ता का संग्राम के तहत अमर उजाला की टीम फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज विधानसभा सीट का दौरा किया। सिरसागंज में स्थानीय लोगों से बात कर उनकी समस्याओं को जानने की कोशिश की। अमर उजाला से बातचीत के दौरान स्थानीय लोगों ने सिरसागंज मंडी की खराब हालत को लेकर नाराजगी जताई। स्थानीय निवासी पंकज ने बताया कि मंडी की हालत बहुत खराब है, सरकार से अनुरोध है कि मंडी में जलभराव की स्थिति पर काम किया जाए। वहीं प्रशांत कुमार ने भी मंडी और सड़कों का मुद्दा उठाया। वहीं अवधेश कुमार समेत कई लोगों ने भी सबसे ज्यादा मंडी की समस्या को लेकर आवाज उठाई। साथ ही स्थानीय लोगों ने कहा कि जो विकास करेगा मंडी की हालत सुधारेगा उसी को वोट देंगे। वहीं स्थानीय निवासी ने कहा कि दस साल पहले ये मंडी बनी थी तब से इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सिरसागंज के स्थानीय मुद्दे क्या?
स्थानीय लोगों से बाचतीच के दौरान हरेन्द्र सिंह ने बताया कि किसानों का खाद नहीं मिल रही है, सड़कों की हालत बहुत खराब है। साथ ही उन्होंने यूजीसी को लेकर अपनी बात कही। आगे स्थानीय सपा विधायक को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। आगे सौरभ ने बताया कि विधायक ने कोई काम नहीं किया। विधायक का शून्य काम है। स्थानीय लोगों ने यहां भी खाद और यूजीसी का मुद्दा उठाया। वहीं दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि हम आवारा गायों से बहुत परेशान हैं। स्थानीय निवासी ने कहा कि सरकारी विभागों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता है और किसानों को खाद नहीं मिल रही है। किसान चार दिन घूमता है तब जाकर एक बोरी खाद मिलती है। सारी खाद ब्लैक में बेची जा रही है। किसान विकास को लेकर अगली सरकार चुनेगा।
सिरसागंज के युवाओं से उनके मु्द्दों पर बात
सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र में अमर उजाला की टीम ने युवाओं से बातचीत की। इस दौरान मोहित कुमार ने बताया कि हमारे यहां गंदगी का बड़ा मुद्दा है। पहली बार वोट करने वाले मोहित ने बताया कि जो भी नेता अच्छा काम करेगा उसी को वोट करेंगे। वहीं अंतरिक्ष ने बताया कि ये इलाका किसानी वाला है लेकिन यहां किसानों की हालत बहुत खराब है। किसानों को अपनी फसल का दाम तय करने का हक मिलना चाहिए। वही अमन नाम के युवक ने बताया कि हमारे बेरोजगारी बहुत बड़ा मुद्दा है। स्थानीय युवक ने सिरसा नदी में गंदगी को अपनी आवाज उठाई।
सिरसागंज की छात्राओं से महिला सुरक्षा पर चर्चा
अमर उजाला की टीम ने सिरसागंज विधानसभा में महिला सुरक्षा को लेकर छात्राओं से बातचीत की और उनके इलाके में कानून-व्यवस्था का स्थिति का जायजा लिया। बातचीत के दौरान निशा ने बताया कि वो पहली बार मतदान करेंगी। आगे निशा ने कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर काम होना चाहिए। अभी महिलाओं में यहां डर का माहौल रहता है। आते-जाते समय लड़के कमेंट करते हैं इसको लेकर सरकार का कदम उठाना चाहिए। आगे एक छात्रा ने स्थानीय विधायक को लेकर नाराजगी जताई और कहा विधायक आते नहीं है आते भी हैं तो फोटो खिंचवाकर चले जातें। वहीं सपना नाम की छात्रा ने पेपरलीक का मुद्दा उठाया।
सिरसागंज में आलू किसानों की क्या परेशानी
सिरसागंज विधानसभा में सत्ता का संग्राम के तहत अमर उजाला की टीम ने किसानों से बातचीत की। बातचीत के दौरान सतेन्द्र सिंह ने खाद को लेकर सरकार से अनुरोध किया कि खाद की किल्लत दूर की जानी चाहिए। किसानों को खाद को लेकर बहुत मुश्किलों का सामना पड़ रहा है। वहीं किसान सुमित ने स्थानीय विधायक को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि वो किसान होते तो किसानों से मिलते वो तो उद्योगपति हैं किसानों से क्यों मिलेंगे। आगे कहा कि शिक्षा, चिकित्सा और सड़कों की हालत हमारे यहां ठीक है। वहीं अशोक ने बताया कि आलू बिक नहीं रहा जिससे पैसा लिया है उसको दे नहीं पा रहे हैं। आलू न बिकने से किसानों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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