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सोते लोगों के पत्थर बनने की फैलीं अफवाहें, महिलाओं ने घरों के बाहर जलाए उपले, कुओं का किया पूजन
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जसराना में कुंए का पूजन करती एक महिला
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। सुहागनगरी में सोमवार तड़के कई मोहल्लों में अफवाह फैल गई, कि जो सो रहे थे वह सोते-सोते बुत बन गए। फोन से एक दूसरे को जानकारी दी। घर के बाहर महिलाएं उपले जलाने लगीं। एक परिवार को देख दूसरे और फिर कई मोहल्लों तक अफवाह फैलती रही। महिलाओं का कहना था कि परिवार पर कोई विपत्ति नहीं आए इसके कारण उपलों को जलाया है।
कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए शहर से लेकर गांव तक पब्लिक अपने ढंग से नए-नए जतन करने में जुटी है। कई घरों में लाल कपड़े में कपूर, लौंग को बांधा गया फिर कुछ घरों में कोरोना को भगाने के लिए जितने बेटे हों उतने ही दीपक घरों के बाहर जलाए गए। सोमवार को तड़के तीन बजे से अफवाह फैलने लगी कि अलीगढ़ के ही पास जितने लोग सो रहे थे वह सोते-सोते पत्थर के बुत बन गए।
जाग जाओ व घरों के बाहर उपले जला दो। विघ्न बाधा दूर हो जाएगी। इसके बाद महिलाओं ने जतन शुरू कर दिए। खुद भी किया साथ ही पड़ोसियों को भी बता दिया। इसके बाद एक एक बाद लोग उपले जलाते नजर आए। कैलाशनगर निवासी सुरेशचंद्र शर्मा कहते हैं कि साहब एक फोन आया था इसलिए उपले जला दिए। करबला देव नगर में देवेंद्र सिंह का कहना है कि घरों के बाहर उपले इस कारण जलाए कि परिजन सुरक्षित रहें।
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गांधीनगर के निवासी नेमीचंद्र का कहना है कि पूरा परिवार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी तीन बजे जाग गए थे। सूचना मिली कोई सोता ही रहा तो सोता रह जाएगा। पुष्टि किसी ने नहीं की बल्कि घरों के बाहर दीपक जलाए। हिमायूंपुर निवासी दुर्गेश का कहना था कि फोन आने के बाद तड़के चार बजे से हर घर के ही बाहर उपलों को जलाया जा रहा है। किसी के पास कोई भी सटीक जानकारी नहीं थी। जानकार यही बोले लोग भ्रमित हो ऐसा कदम उठा रहे हैं।
कोई पूज रहा कुआं, कोई बांध रहा ताबीज
जसराना। जनता कर्फ्यू के बाद लोग तरह-तरह की अफवाहों के शिकार हो रहे हैं। जसराना के मोहल्ला टीकतपुरा व बेलमपुरी मेें महिलाओं ने अपने बच्चों के भविष्य व बीमारी से बचाने के लिए कुआं पूजन किया। महिलाओं ने कुओं में पानी डाल रही हैं। कुछ महिलाओं ने अपने बच्चों को ताबीज भी बांधे।
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कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए शहर से लेकर गांव तक पब्लिक अपने ढंग से नए-नए जतन करने में जुटी है। कई घरों में लाल कपड़े में कपूर, लौंग को बांधा गया फिर कुछ घरों में कोरोना को भगाने के लिए जितने बेटे हों उतने ही दीपक घरों के बाहर जलाए गए। सोमवार को तड़के तीन बजे से अफवाह फैलने लगी कि अलीगढ़ के ही पास जितने लोग सो रहे थे वह सोते-सोते पत्थर के बुत बन गए।
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जाग जाओ व घरों के बाहर उपले जला दो। विघ्न बाधा दूर हो जाएगी। इसके बाद महिलाओं ने जतन शुरू कर दिए। खुद भी किया साथ ही पड़ोसियों को भी बता दिया। इसके बाद एक एक बाद लोग उपले जलाते नजर आए। कैलाशनगर निवासी सुरेशचंद्र शर्मा कहते हैं कि साहब एक फोन आया था इसलिए उपले जला दिए। करबला देव नगर में देवेंद्र सिंह का कहना है कि घरों के बाहर उपले इस कारण जलाए कि परिजन सुरक्षित रहें।
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गांधीनगर के निवासी नेमीचंद्र का कहना है कि पूरा परिवार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी तीन बजे जाग गए थे। सूचना मिली कोई सोता ही रहा तो सोता रह जाएगा। पुष्टि किसी ने नहीं की बल्कि घरों के बाहर दीपक जलाए। हिमायूंपुर निवासी दुर्गेश का कहना था कि फोन आने के बाद तड़के चार बजे से हर घर के ही बाहर उपलों को जलाया जा रहा है। किसी के पास कोई भी सटीक जानकारी नहीं थी। जानकार यही बोले लोग भ्रमित हो ऐसा कदम उठा रहे हैं।
कोई पूज रहा कुआं, कोई बांध रहा ताबीज
जसराना। जनता कर्फ्यू के बाद लोग तरह-तरह की अफवाहों के शिकार हो रहे हैं। जसराना के मोहल्ला टीकतपुरा व बेलमपुरी मेें महिलाओं ने अपने बच्चों के भविष्य व बीमारी से बचाने के लिए कुआं पूजन किया। महिलाओं ने कुओं में पानी डाल रही हैं। कुछ महिलाओं ने अपने बच्चों को ताबीज भी बांधे।