गेहूं की फसल चौपट, आलू को बड़ा नुकसान

ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sat, 04 Apr 2015 11:30 PM IST
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Ruined wheat, potatoes big losses

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बारिश एवं ओलावृष्टि ने किसानों को रुला दिया, जिले में अभी तक 15 किसानों की मौत हो चुकी है। पहले तेज हवा के साथ बारिश ने गेहूं की फसल के गिराया और अब पानी से गेहूं का दाना सड़ना शुरू हो गया। बर्बाद फसलों को देखकर किसान अपनी किस्मत को ठोंकने को विवश है। प्रशासन किसानों की मौत का कारण अन्य बताकर अपना पल्ला झाड़ रहा है।
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बेमौसम बारिश किसानों की दुश्मन बन गई। मार्च की शुरूआत के तीन दिन की बारिश ने फसलों को हानि पहुंचाई थी। अप्रैल की शुरूआत में बारिश के कारण खेतों में तैयार (पकी) खड़ी गेहूं, जौ की फसल सड़नी शुरू हो गई। दाना तो वैसे ही हल्का था लेकिन बारिश हो जाने के कारण बालें काली होना शुरू हो गईं। दाना खेत में ही झड़ गया।
शनिवार को भी जिले में दो किसानों की मौत हो गई। रसूलपुर थाना क्षेत्र केे ग्राम बड़ा लालपुर निवासी किसान होरीलाल यादव (58) पुत्र गुलजारीलाल पर पांच बीघा जमीन है। दस बीघा जमीन गांव के बाबूराम से बटाई पर लेकर गेहूं की फसल की थी। गुरुवार एवं शुक्रवार रात आई तेज आंधी बारिश के चलते फसल बर्बाद हो गई। होरीलाल शनिवार सुबह छह बजे करीब खेत पर पहुंचा तो बिछी फसल देख उसे सदमा लगा और वहीं गिर पड़ा। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। होरीलाल की मौत से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं खैरगढ़ क्षेत्र के ग्राम कलूपुरा निवासी कायम सिंह (55) पुत्र प्यारेलाल की सदमे से मौत हो गई। बेटा गेंदालाल ने कहा कि फसल बर्बाद होने के चलते वह डिप्रेशन में थे।
अच्छी नहीं थी होरीलाल की माली हालत
खेती करके परिवार को चलाने वाले होरीलाल की माली हालत ठीक नहीं है। उसके चार बेटियां एवं तीन बेटे हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। परिवार का खर्चा भी खेती के सहारे टिका था।

किसान भीगी फसल काटने को विवश
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। पिछले तीन दिनों की बारिश ने हर फसल को नुकसान पहुंचाया। गेहूं एवं जौ सड़ना शुरू हो गया। खीरा की खराब होने लगा है। आलू पहले से खराब है वहीं फसलों की कटाई का काम प्रभावित हो रहा है। ग्राम भीकनपुर मेघपुर निवासी भीकम सिंह ने बताया कि तीन बीघा खेत में खीरा किया था उसकी लागत निकलना भी मुश्किल है। गेहूं बिक्री के लायक तो दूर बल्कि खाने तक के लाले पड़ेंगे। पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा होगा। भीकनपुर मेघपुर निवासी किसान राम स्वरूप गेहूं की फसल काटते रो पड़ा।

फसल की प्रजाति    बोई गई हेक्टेयर में
गेहूं                      97170
जौं                        7560
सरसों                   12240
चना                        902
मटर                        395
आलू                    65000
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जिले में बर्बाद हुई कुल फसल
फसल का नाम      हेक्टेयर
गेहूं                  45230
सरसों                3100
चना                   157
मटर                   172
मशहूर                 126
आलू                10850
अन्य                 2779
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किसानों को अनदेखी
- प्रशासन के आंकलन में 60 हजार हेक्टेयर से अधिक फसल बर्बाद हुई।
- 1499 हेक्टेयर फसल में 50 प्रतिशत से अधिक हानि हुई।  
- प्रशासन ने किसानों को मुआवजा के रूप में दो करोड़ 69 लाख 80 हजार मांगे।
- शासन ने एक करोड़ 84 लाख जिले को मुआवजा राशि के रूप में दिया।
- मुआवजा की दरें शासन ने नौ हजार प्रति हेक्टेयर की दर से बढ़ाकर 18 हजार कीं।
- मृत किसान के परिवार को आर्थिक मदद डेढ़ लाख से बढ़ाकर पांच लाख की।

तहसीलों में भेजी मुआवजा राशि
फीरोजाबाद         36.91 लाख
शिकोहाबाद        66.00 लाख
जसराना            52.00 लाख
टूंडला              30.00 लाख
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कुल            184.91 लाख
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नोट: 84 लाख से अधिक धनराशि की अभी डिमांड शेष है।


इन किसानों की हुई मौत
अंगूरी देवी निवासी खेरिया सिकमी गोहाना, रहीशपाल निवासी नैपइ, नीरज निवासी टीकरी टूंडला, हरीशचंद्र यादव निवासी टीकरी, श्री प्रकाश यादव निवासी लालपुर, गढ़ी तिवारी में रामचरन निषाद, फतेहपुर नसीरपुर में नरेंद्र ने जान दी। खैरगढ़ के हाथवंत निवासी हरीशचंद्र, लुखरिया निवासी भूपेंद्र, टूंडला क्षेत्र के बांस झरना निवासी शिवशंकर, नारखी गढ़ी हंसराम निवासी गोपी चंद्र, खुशालपुर निवासी मुन्नालाल, नगला सैंदलाल निवासी राकेश, खैरगढ़ के ग्राम कलूपुरा में किसान कायम सिंह और रसूलपुर थाना केे बड़ा लालपुर निवासी होरीलाल यादव ने फसल बर्बादी के चलते सदमे से दम तोड़ा।

550 किसानों को 22 लाख के चेक बांटे
फीरोजाबाद। बरसात एवं ओलावृष्टि से प्रभावित आधा दर्जन गांव के 550 किसानों को प्रशासन ने चेक प्रदान किए गए। शनिवार को एसडीएम सदर रविंद्र कुमार मांदड ने तहसील टीम के साथ गांव कुतकपुर चनौरा में 45, रैपुरा में 35, नैपई में 175, बरतरा में 65, गौंछ में 63 सहित कुल 550 किसानों को करीब 22 लाख के चेक प्रदान किए गए। कई किसान मुआवजा न मिलने से मायूस नजर आए। कहा, जिला प्रशासन द्वारा वर्तमान में हो रही बरसात एवं ओलावृष्टि के हर गांव का विशेष रूप से सर्वे कराया जा रहा है। तहसीलदार जीतसिंह राय, नायाब तहसीलदार एन.राम के अलावा लेखपाल, कानूनगो मौजूद थे।

गोथुआ में ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
टूंडला/ नगला बीच। शनिवार की अल सुबह चार बजे करीब बरसात के साथ ओले गिरने से गांव गोथुआ में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल तबाह हो गई। किसानों ने मामले से प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन गांव में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा तो उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
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