स्मार्ट रोड बनी मुसीबत: दस दिन में तीन बार खोदी सड़क, राहगीर परेशान, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में स्मार्टरोड का काम काफी धीमी गति से चल रहा है। गांधी पार्क बिजली घर से सुभाष तिराहे तक अंडरग्राउंड बिजली की लाइन बिछाने को गांधी पार्क के गेट पर सड़क को पिछले दस दिनों में तीन बार खोद दिया गया। मतलब पिछले दस दिनों से रास्ता अवरुद्ध है। सड़क खोदने के कारण जहां गांधी पार्क में टहलने आने वाले परेशान हैं। वहीं रास्ता अवरुद्ध होने के कारण जलेसर रोड की ओर जाने वालों को सदर बाजार अथवा सुभाष तिराहे की ओर जाने को मजबूर हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत फिरोजाबाद शहर के सुभाष तिराहे से स्टेशन रोड तक स्मार्ट रोड बनाने का काम चल रहा है। बिजली के खंबे हटाकर अंडरग्राउंड लाइन की केबिल डालने का काम काफी तेजी से संचालित किया जा रहा है। इसके लिए गांधीपार्क के अंदर की ओर जाने वाला मार्ग दस दिन पूर्व करीब खोद दिया था।
तीन दिन बीतने के बाद दोबारा खोद डाली
बिजली की केबिल बिछाने को रोड खोदने के साथ लाइन बिछा दी। एक बार रास्ता बंद कर दिया। लेकिन तीन दिन बीतने के बाद दोबारा रोड खोद डाला। लिहाजा इस रास्ते से निकलने वालों का आवागमन फिर से बंद हो गया। इतना ही नहीं गांधी पार्क में टहलने के लिए आने वाले सैकड़ों की संख्या में लोगों को भी प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि अंदर जाने का रास्ता बंद है।
खोराणा द्वार वाले रास्ते से कम ही आते है। शुक्रवार की शाम को तीसरी बार गांधी पार्क चौराहे से अंदर जाने वाले रास्ते को खोद दिया। शनिवार को सुबह खोराड़ा द्वार से प्रवेश करने वाले बाइक सवार अथवा पैदल जाने वालों को वापस लौटना पड़ा। क्योंकि रोड खोदने के कारण निकलने का कोई रास्ता ही नहीं बचा था। इतनी धीमी गति से चल रहा स्मार्ट रोड के निर्माण कार्य से आम जनता प्रभावित हो रही है।
निगम प्रशासन को दिक्कत को समझना चाहिए
एडवोकेट धर्म सिंह यादव ने कहा कि अफसरों की प्लानिंग ठीक नहीं होने के कारण सड़क को बार-बार खोदा जा रहा है। इसके कारण आम जनता को परेशानी हो रही है। स्मार्ट सिटी के नाम पर दुकानों को तोड़ने एव सड़क को खोदने के अलावा कोई कार्य नहीं हो रहा। निगम प्रशासन को आम शहरियों की दिक्कत को समझना चाहिए।
दिक्कत का सामना करना पड़ रहा
एडवोकेट अनूपचंद्र जैन ने कहा कि शहर स्मार्ट बनें हम भी चाहते हैं। लेकिन अफसरों को एक बार में तय कर लेना चाहिए कि सड़क को कहां तक खोदना है। बार-बार खोदने और रास्ता अवरुद्ध कर दिए जाने के कारण जनता को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्लानिंग के साथ काम करें तो बेहतर होगा।