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ट्रेनों का बदला रूट, यात्री रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Wed, 28 Dec 2016 11:46 PM IST
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रेल हादसे के बाद टूंडला स्टेशन पर परेशान बैठे यात्री।
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सियालदाह-अजमेर के दुर्घटनाग्रस्त होने से दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान रेलवे प्रशासन ने घटना स्थल के लिए टूंडला जंक्शन से रेल दुर्घटना राहत ट्रेन को रवाना किया। वहीं, हादसे के बाद ट्रेनों के रूट बदल दिए गए। इस दौरान स्टेशनों और ट्रेनों के यात्री काफी परेशान दिखाई दिए। उधर, कई यात्रियों ने अपने रिजर्वेशन भी कैंसिल करा दिए।
अपने निर्धारित समय से घंटों लेट चल रही सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस बुधवार सुबह 05:22 बजे रूरा स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना पर मंडल यातायात प्रबंधक डा. शिवम शर्मा तुरंत ही कंट्रोल रूम पहुंच गए। उन्होंने तत्काल ही ट्रेनों को जहां-तहां रुकवाते हुए टूंडला से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) को रवाना किया। साथ ही कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों की स्थित की जांच की।
रेल प्रशासन ने हादसे के बाद कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेेनों का रूट बदल दिया। जिन यात्रियों को शिकोहाबाद, इटावा तक जाना था, वे उन ट्रेनों में सवार हो गए। वहीं, आगे जाने वाले यात्रियों ने अपनी यात्रा का रद्द कर दी अथवा सड़क मार्ग से यात्रा की। जिन यात्रियों को कानपुर से आगे जाना था तथा उन्होंने अपना रिजर्वेशन कराया था। उन्होंने अपने रिजर्वेशन कैंसिल करा दिए। साथ ही जिन यात्रियों ने टिकट ले लिए थे, उन्होंने अपने टिकट वापस कर दिए।
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150 ने रिजर्वेशन कैंसिल कराए, 80 ने यात्रा रद्द की
टूंडला (ब्यूरो)। सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस रेल हादसे के चलते विविध ट्रेेनों से यात्रा करने वाले लगभग 150 रेलयात्रियों ने टूंडला स्टेशन पर बुधवार दोपहर तक अपने रिजर्वेशन कैंसिल कराए थे। साथ ही कानपुर-दिल्ली की ओर जाने के लिए टिकट लेने वाले करीब 80 रेलयात्रियों ने टिकट वापस कर दिए थे।
रद्द की गई ट्रेनें
टूंडला (ब्यूरो)। भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी, आगरा-लखनऊ इंटरसिटी, गरीबरथ, जेपी एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस को रद्द किया गया है। वहीं इंटरसिटी एक्सप्रेस को टूंडला स्टेशन पर रद्द किया गया।
डाउन लाइन की रूट बदलकर चलाई गईं ट्रेनें
नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी, कालका मेल, मुरी एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, एसी एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस को गाजियाबाद से मुरादाबाद होते हुए लखनऊ निकाला गया। ब्रह्मपुत्र मेल, गरीब रथ को इटावा-भिंड, ग्वालियर होते हुए कानपुर निकाला गया। वहीं डाउन लाइन के तूफान मेल को मैनपुरी होते हुए फर्रुखाबाद के लिए निकाला गया।
अप लाइन की रूट बदलकर चली ट्रेनें
सभी राजधानी एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस को कानपुर-फर्रुखाबाद-शिकोहाबाद होकर टूंडला होते हुए गुजारा गया। फरक्खा एक्सप्रेस, आम्रपाली, गोरखधाम एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस वाया मुरादाबाद होते हुए दिल्ली के लिए गुजारा गया। पटना-कोटा वाया कानपुर कासगंज-मथुरा होकर, मरुधर एक्सप्रेस को वाया फर्रुखाबाद-मथुरा होकर, रीवा एक्सप्रेस वाया सतना-झांसी आगरा होते हुए एत्मादपुर-मितावली होकर दिल्ली रवाना किया गया। प्रयागराज एक्सप्रेस को कानपुर वाया फर्रुखाबाद-शिकोहाबाद से टूंडला होकर दिल्ली के लिए निकाला गया।
खौफनाक मंजर याद कर सिहर उठे यात्री
स्टेशन पर पहुंची स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया
अमर उजाला ब्यूरो
टूंडला।
सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के दुर्घटना होने के बाद बचे हुए कोचों को स्पेशल ट्रेन बनाकर शाम को टूंडला रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया। इस दौरान यात्रियों के चेहरों पर हादसे का खौफ साफ झलक रहा था। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के दौरान मंजर खौफनाक था। इसे वे याद करना नहीं चाहते। सौभाग्य से वे घर लौट रहे हैं।
दुर्घटना के बाद सियादाह-अजमेर ट्रेन के जनरल और एसी के सात कोच की स्पेशल गाड़ी बनाई गई। ट्रेन शाम चार बजकर 55 मिनट पर टूंडला रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां ट्रेन यात्रियों को खाना और पानी उपलब्ध कराया गया। इस दौरान ट्रेन करीब 15 मिनट तक खड़ी रही। इसके बाद इसे रवाना किया गया। यात्रियों ने बताया कि वे खौफनाक मंजर को याद करना नहीं चाहते। इस दौरान रेलयात्री कोलकाता निवासी तन्मय चटर्जी, जयपुर के शहाबुद्दीन ने बताया कि जब दुर्घटना हुई। वे गहरी नींद में सोए हुए थे। दुर्घटना होते ही तेज झटका लगा और वे अपनी सीटों से गिर पड़े। हर ओर चीख-पुकार मच गई। हादसे होने की जानकारी होते ही वे घबरा गए। सर्दी में भी पसीना छूट गया। इसके बाद वे हिम्मत कर ट्रेन से उतरकर देखा तो वे रूह कांप गई। ट्रेन के डिब्बे इधर-उधर गिरे पड़े थे। कई यात्री चोट के कारण कराह रहे थे। कोहरा और कम कम लाइट होने पर उन्होंने वहां जाना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने बताया कि वे ईश्वर के शुक्रगुजार हैं कि सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बचाव दल काफी देर में पहुंचा। साथ ही बताया कि पूरा दिन भूखे-प्यासा ही गुजारना पड़ा।
रेलवे स्टेशन पर सन्नाटे की स्थिति
टूंडला (ब्यूरो)। रेल दुर्घटना के बाद ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाने और कुछ ट्रेनों को रद्द करने के चलते टूंडला रेलवे स्टेशन पर दोपहर से शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। यात्रियों ने अपने आरक्षण रद्द करा लिए और सड़क द्वारा अपने गंतव्य को निकल गए। वहीं, वेंडर भी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे।
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अपने निर्धारित समय से घंटों लेट चल रही सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस बुधवार सुबह 05:22 बजे रूरा स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना पर मंडल यातायात प्रबंधक डा. शिवम शर्मा तुरंत ही कंट्रोल रूम पहुंच गए। उन्होंने तत्काल ही ट्रेनों को जहां-तहां रुकवाते हुए टूंडला से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (एआरटी) को रवाना किया। साथ ही कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों की स्थित की जांच की।
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रेल प्रशासन ने हादसे के बाद कानपुर की ओर जाने वाली ट्रेेनों का रूट बदल दिया। जिन यात्रियों को शिकोहाबाद, इटावा तक जाना था, वे उन ट्रेनों में सवार हो गए। वहीं, आगे जाने वाले यात्रियों ने अपनी यात्रा का रद्द कर दी अथवा सड़क मार्ग से यात्रा की। जिन यात्रियों को कानपुर से आगे जाना था तथा उन्होंने अपना रिजर्वेशन कराया था। उन्होंने अपने रिजर्वेशन कैंसिल करा दिए। साथ ही जिन यात्रियों ने टिकट ले लिए थे, उन्होंने अपने टिकट वापस कर दिए।
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150 ने रिजर्वेशन कैंसिल कराए, 80 ने यात्रा रद्द की
टूंडला (ब्यूरो)। सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस रेल हादसे के चलते विविध ट्रेेनों से यात्रा करने वाले लगभग 150 रेलयात्रियों ने टूंडला स्टेशन पर बुधवार दोपहर तक अपने रिजर्वेशन कैंसिल कराए थे। साथ ही कानपुर-दिल्ली की ओर जाने के लिए टिकट लेने वाले करीब 80 रेलयात्रियों ने टिकट वापस कर दिए थे।
रद्द की गई ट्रेनें
टूंडला (ब्यूरो)। भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी, आगरा-लखनऊ इंटरसिटी, गरीबरथ, जेपी एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस को रद्द किया गया है। वहीं इंटरसिटी एक्सप्रेस को टूंडला स्टेशन पर रद्द किया गया।
डाउन लाइन की रूट बदलकर चलाई गईं ट्रेनें
नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी, कालका मेल, मुरी एक्सप्रेस, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, एसी एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस को गाजियाबाद से मुरादाबाद होते हुए लखनऊ निकाला गया। ब्रह्मपुत्र मेल, गरीब रथ को इटावा-भिंड, ग्वालियर होते हुए कानपुर निकाला गया। वहीं डाउन लाइन के तूफान मेल को मैनपुरी होते हुए फर्रुखाबाद के लिए निकाला गया।
अप लाइन की रूट बदलकर चली ट्रेनें
सभी राजधानी एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस को कानपुर-फर्रुखाबाद-शिकोहाबाद होकर टूंडला होते हुए गुजारा गया। फरक्खा एक्सप्रेस, आम्रपाली, गोरखधाम एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस वाया मुरादाबाद होते हुए दिल्ली के लिए गुजारा गया। पटना-कोटा वाया कानपुर कासगंज-मथुरा होकर, मरुधर एक्सप्रेस को वाया फर्रुखाबाद-मथुरा होकर, रीवा एक्सप्रेस वाया सतना-झांसी आगरा होते हुए एत्मादपुर-मितावली होकर दिल्ली रवाना किया गया। प्रयागराज एक्सप्रेस को कानपुर वाया फर्रुखाबाद-शिकोहाबाद से टूंडला होकर दिल्ली के लिए निकाला गया।
खौफनाक मंजर याद कर सिहर उठे यात्री
स्टेशन पर पहुंची स्पेशल ट्रेन के यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया
अमर उजाला ब्यूरो
टूंडला।
सियालदाह-अजमेर एक्सप्रेस के दुर्घटना होने के बाद बचे हुए कोचों को स्पेशल ट्रेन बनाकर शाम को टूंडला रेलवे स्टेशन लाया गया। यहां यात्रियों को भोजन और पानी उपलब्ध कराया गया। इस दौरान यात्रियों के चेहरों पर हादसे का खौफ साफ झलक रहा था। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के दौरान मंजर खौफनाक था। इसे वे याद करना नहीं चाहते। सौभाग्य से वे घर लौट रहे हैं।
दुर्घटना के बाद सियादाह-अजमेर ट्रेन के जनरल और एसी के सात कोच की स्पेशल गाड़ी बनाई गई। ट्रेन शाम चार बजकर 55 मिनट पर टूंडला रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां ट्रेन यात्रियों को खाना और पानी उपलब्ध कराया गया। इस दौरान ट्रेन करीब 15 मिनट तक खड़ी रही। इसके बाद इसे रवाना किया गया। यात्रियों ने बताया कि वे खौफनाक मंजर को याद करना नहीं चाहते। इस दौरान रेलयात्री कोलकाता निवासी तन्मय चटर्जी, जयपुर के शहाबुद्दीन ने बताया कि जब दुर्घटना हुई। वे गहरी नींद में सोए हुए थे। दुर्घटना होते ही तेज झटका लगा और वे अपनी सीटों से गिर पड़े। हर ओर चीख-पुकार मच गई। हादसे होने की जानकारी होते ही वे घबरा गए। सर्दी में भी पसीना छूट गया। इसके बाद वे हिम्मत कर ट्रेन से उतरकर देखा तो वे रूह कांप गई। ट्रेन के डिब्बे इधर-उधर गिरे पड़े थे। कई यात्री चोट के कारण कराह रहे थे। कोहरा और कम कम लाइट होने पर उन्होंने वहां जाना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने बताया कि वे ईश्वर के शुक्रगुजार हैं कि सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद बचाव दल काफी देर में पहुंचा। साथ ही बताया कि पूरा दिन भूखे-प्यासा ही गुजारना पड़ा।
रेलवे स्टेशन पर सन्नाटे की स्थिति
टूंडला (ब्यूरो)। रेल दुर्घटना के बाद ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाने और कुछ ट्रेनों को रद्द करने के चलते टूंडला रेलवे स्टेशन पर दोपहर से शाम तक सन्नाटा पसरा रहा। यात्रियों ने अपने आरक्षण रद्द करा लिए और सड़क द्वारा अपने गंतव्य को निकल गए। वहीं, वेंडर भी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे।