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रामगोपाल समर्थकों ने बनाया अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:11 AM IST
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वारता करते सपा नेता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराे फीराेजाबाद
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सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के संसदीय क्षेत्र में एक बार फिर पार्टी में बगावत सामने आई है। समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल विक्रम सिंह ने मंगलवार को सपा के पांच फ्रंटल संगठनों के जिलाध्यक्षों की मौजूदगी में अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट के नाम से नया संगठन बनाने का एलान किया है। साथ ही सपा जिलाध्यक्ष और उनके पिता विधायक रामवीर सिंह से अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। अंशुल विक्र म सिंह रामगोपाल यादव के करीबी हैं।
समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल विक्रम सिंह, लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर यादव, छात्रसभा के पूर्व जिलाध्यक्ष कल्लू गुर्जर, यूथ बिग्रेड के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश यादव सोनू ने बुधवार को संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की, सपा संगठन में हुए बदलाव पर सवाल खड़े किए और कहा कि जिला स्तर पर ऐसे लोगों को पद प्राप्त हो गए हैं जिनका मकसद सपा की नीतियों और कार्यक्रम को आगे बढ़ाना नहीं व्यक्तिगत लाभ लेना है। जिलाध्यक्ष पद ऐसे कार्यकर्ता को दे दिया गया, जो राजनीति में कुछ भी नहीं जानते। उनकी पहचान सिर्फ इतनी है कि वह जसराना के विधायक रामवीर यादव के पुत्र हैं और सड़कों की ठेकेदारी का काम करते हैं। जिलाध्यक्ष ने नई कार्यकारणी में ऐसे लोगों को लिया है जिनकी आस्था मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव में नहीं है। जिला संगठन की कमान गलत हाथों में है, ऐसी स्थिति में हम जिले में नया संगठन खड़ा कर रहे हैं। अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट का गठन करके शीघ्र कार्यकारिणी घोषित की जाएगी।
वार्ता के दौरान जसराना चेयरमैन राघवेंद्र सिंह, सोनू बघेल, आदर्श यादव धन्नू आदि युवा सपाई मौजूद थे।
समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल विक्रम सिंह आदि की पत्रकार वार्ता में सपा अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष हनीफ खाकसार, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के डोरीलाल राजपूत, व्यापार सभा रामप्रताप गुर्जर, सैनिक प्रकोष्ठ सुग्रीम सिंह यादव, मजदूर सभा के बंटू कठेरिया भी मौजूद थे। इन नेताओं के तेवर भी बगावती थे और के सुर में सुर मिलाए और अपने पदों को छोड़ने के संकेत दिए।
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जिलाध्यक्ष अमोल यादव ने कहा कि पूरी पार्टी अखिलेश यादव को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम कर ही है। 2017 का चुनाव निकट है, ऐसे समय में इस तरह की बचकानी हरकत नहीं करनी चाहिए। उन्हें अखिलेश यादव ने ही जिलाध्यक्ष बनाया था।अमोल यादव ने बताया कि जब से वह जिलाध्यक्ष बने हैं, तब से कई फ्रंटल संगठन काम ही नहीं कर रहे थे, इसलिए बदलाव करना पड़ा। किसी के लिए कोई भी पद स्थायी नहीं होता है। नए लोगों को भी मौका मिलना चाहिए। चुनाव के लिए मजबूत टीम तो बनानी ही होगी, ये पार्टी के भी निर्देश है। मौजूदा कमेटी में उन्हीं लोगों को स्थान दिया गया है जिन्होंने बूथ कमेटियों में सहयोग किया है। तमाम लोग अपनी निजी राजनीति को चमकाने के लिए फ्रंट बना रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जा रहा है। सयुस के पूर्व अध्यक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह इस हैसियत के नेता नहीं है कि इस पर कोई टिप्पणी करें।
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समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल विक्रम सिंह, लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर यादव, छात्रसभा के पूर्व जिलाध्यक्ष कल्लू गुर्जर, यूथ बिग्रेड के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश यादव सोनू ने बुधवार को संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की, सपा संगठन में हुए बदलाव पर सवाल खड़े किए और कहा कि जिला स्तर पर ऐसे लोगों को पद प्राप्त हो गए हैं जिनका मकसद सपा की नीतियों और कार्यक्रम को आगे बढ़ाना नहीं व्यक्तिगत लाभ लेना है। जिलाध्यक्ष पद ऐसे कार्यकर्ता को दे दिया गया, जो राजनीति में कुछ भी नहीं जानते। उनकी पहचान सिर्फ इतनी है कि वह जसराना के विधायक रामवीर यादव के पुत्र हैं और सड़कों की ठेकेदारी का काम करते हैं। जिलाध्यक्ष ने नई कार्यकारणी में ऐसे लोगों को लिया है जिनकी आस्था मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव में नहीं है। जिला संगठन की कमान गलत हाथों में है, ऐसी स्थिति में हम जिले में नया संगठन खड़ा कर रहे हैं। अखिलेश यादव समाजवादी फ्रंट का गठन करके शीघ्र कार्यकारिणी घोषित की जाएगी।
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वार्ता के दौरान जसराना चेयरमैन राघवेंद्र सिंह, सोनू बघेल, आदर्श यादव धन्नू आदि युवा सपाई मौजूद थे।
समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल विक्रम सिंह आदि की पत्रकार वार्ता में सपा अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष हनीफ खाकसार, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के डोरीलाल राजपूत, व्यापार सभा रामप्रताप गुर्जर, सैनिक प्रकोष्ठ सुग्रीम सिंह यादव, मजदूर सभा के बंटू कठेरिया भी मौजूद थे। इन नेताओं के तेवर भी बगावती थे और के सुर में सुर मिलाए और अपने पदों को छोड़ने के संकेत दिए।
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जिलाध्यक्ष अमोल यादव ने कहा कि पूरी पार्टी अखिलेश यादव को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के लिए काम कर ही है। 2017 का चुनाव निकट है, ऐसे समय में इस तरह की बचकानी हरकत नहीं करनी चाहिए। उन्हें अखिलेश यादव ने ही जिलाध्यक्ष बनाया था।अमोल यादव ने बताया कि जब से वह जिलाध्यक्ष बने हैं, तब से कई फ्रंटल संगठन काम ही नहीं कर रहे थे, इसलिए बदलाव करना पड़ा। किसी के लिए कोई भी पद स्थायी नहीं होता है। नए लोगों को भी मौका मिलना चाहिए। चुनाव के लिए मजबूत टीम तो बनानी ही होगी, ये पार्टी के भी निर्देश है। मौजूदा कमेटी में उन्हीं लोगों को स्थान दिया गया है जिन्होंने बूथ कमेटियों में सहयोग किया है। तमाम लोग अपनी निजी राजनीति को चमकाने के लिए फ्रंट बना रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जा रहा है। सयुस के पूर्व अध्यक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि वह इस हैसियत के नेता नहीं है कि इस पर कोई टिप्पणी करें।