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सरकार के खिलाफ अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 27 Feb 2015 11:39 PM IST
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प्रदेश सरकार की वायदा खिलाफी और खंडपीठ की मांग को लेकर शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में जुलूस निकाला। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन भी सौंपा
बार अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं के लिए अपने बजट में 40 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष दिए जाने का प्रावधान किया था। अधिवक्ताओं के हित में हमेशा ध्यान दिए जाने का वायदा भी किया था। इसके बावजूद वर्तमान में प्रमुख सचिव न्याय एवं प्रमुख सचिव वित्त के माध्यम से योजनाओं में अड़चनें डालकर क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। अधिवक्ता कल्याण निधि के रूप में मृतक अधिवक्ताओं के परिवारीजनों को 50 हजार रुपये दिए जा रहे थे, जिसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये दिए जाने का आदेश पारित किया था। इसके बावजूद यह योजना अब तक लागू नहीं की गई है। अधिवक्ता कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए आंदोलनरत है। वहीं खंडपीठ की स्थापना को लेकर लंबे अर्से से आंदोलन किया जा रहा है। राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा यदि समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं किया गया तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करेंगे। अंत में समस्याओं से संबंधित ज्ञापन एडीएम कर्मेंद्र सिंह को सौंपा गया। इस दौरान सर्वेश यादव, रमेश कुशवाहा, सुधीर माहेश्वरी, सुनील यादव, दिलीप यादव, अजय ओझा, नरेंद्र राठौर, सलीम खां, ठा. शिव कुमार सिंह, उदयवीर सिंह यादव आदि मौजूद थे।
टूंडला के अधिवक्ताओं में भी आक्रोश
टूंडला। बार एसोसिएशन के बैनरतले अधिवक्ताओं ने तहसील में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। अध्यक्ष रामरक्षपाल सिंह ने कहा कि सपा सरकार ने प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये अधिवक्ता कल्याण निधि में न रखकर, अपनी जेब में रख लिया है। सचिव रविंद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के उपचार के लिए इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए। बार काउंसिल के अध्यक्ष को सह अध्यक्ष न्यासी समिति बनाने की व्यवस्था की जाए। उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। पूर्व अध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय, विजेंद्रवीर सिंह, नरसिंहपाल सिंह, सुधीर गौतम, चंदेश उपाध्याय, ममता सारस्वत, कमलेश यादव, भंवर सिंह सोलंकी थे।
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बार अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा प्रदेश सरकार ने अधिवक्ताओं की कल्याणकारी योजनाओं के लिए अपने बजट में 40 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष दिए जाने का प्रावधान किया था। अधिवक्ताओं के हित में हमेशा ध्यान दिए जाने का वायदा भी किया था। इसके बावजूद वर्तमान में प्रमुख सचिव न्याय एवं प्रमुख सचिव वित्त के माध्यम से योजनाओं में अड़चनें डालकर क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। अधिवक्ता कल्याण निधि के रूप में मृतक अधिवक्ताओं के परिवारीजनों को 50 हजार रुपये दिए जा रहे थे, जिसे बढ़ाकर पांच लाख रुपये दिए जाने का आदेश पारित किया था। इसके बावजूद यह योजना अब तक लागू नहीं की गई है। अधिवक्ता कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के लिए आंदोलनरत है। वहीं खंडपीठ की स्थापना को लेकर लंबे अर्से से आंदोलन किया जा रहा है। राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा यदि समस्याओं का जल्द निस्तारण नहीं किया गया तो अधिवक्ता उग्र आंदोलन करेंगे। अंत में समस्याओं से संबंधित ज्ञापन एडीएम कर्मेंद्र सिंह को सौंपा गया। इस दौरान सर्वेश यादव, रमेश कुशवाहा, सुधीर माहेश्वरी, सुनील यादव, दिलीप यादव, अजय ओझा, नरेंद्र राठौर, सलीम खां, ठा. शिव कुमार सिंह, उदयवीर सिंह यादव आदि मौजूद थे।
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टूंडला के अधिवक्ताओं में भी आक्रोश
टूंडला। बार एसोसिएशन के बैनरतले अधिवक्ताओं ने तहसील में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। राज्यपाल के नाम उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। अध्यक्ष रामरक्षपाल सिंह ने कहा कि सपा सरकार ने प्रतिवर्ष 40 करोड़ रुपये अधिवक्ता कल्याण निधि में न रखकर, अपनी जेब में रख लिया है। सचिव रविंद्र सिंह ने कहा कि अधिवक्ताओं के उपचार के लिए इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए। बार काउंसिल के अध्यक्ष को सह अध्यक्ष न्यासी समिति बनाने की व्यवस्था की जाए। उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। पूर्व अध्यक्ष सुधाकर उपाध्याय, विजेंद्रवीर सिंह, नरसिंहपाल सिंह, सुधीर गौतम, चंदेश उपाध्याय, ममता सारस्वत, कमलेश यादव, भंवर सिंह सोलंकी थे।
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