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प्रबंध समिति की हठधर्मिता से गतिरोध बढ़ा
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 09 Jul 2015 11:23 PM IST
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नारायण महाविद्यालय की प्रबंध समिति और कर्मचारियों के बीच चल रहा गतिरोध प्रबंध समिति की हठधर्मिता के चलते बना हुआ है। उधर, प्रबंधक के निर्देश के बावजूद प्राचार्य ने आंदोलनकारी कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस बुलाने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। इसके साथ ही कार्यवाहक प्राचार्य, लेखाकार तथा कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक ने अपने-अपने इस्तीफे प्रबंधक को भेज दिए हैं।
कालेज के लगभग 30 अस्थाई कर्मचारी मानदेय पर 10 से 20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। इनकी नियुक्ति प्रबंध समिति द्वारा की गई थी। समिति द्वारा ही वेतन (मानदेय) दिया जाता है। पिछले कुछ माह से प्रबंध समिति में आपसी मतभेद चल रहा है। वर्तमान समय में प्रबंधक डा. हरिओम और सचिव डा. संजय टंडन दिल्ली में बैठकर कालेज का संचालन कर रहे हैं। अस्थाई कर्मचारियों को प्रबंध तंत्र द्वारा कालेज से निकालने की धमकी देते हुए उनका जून माह का वेतन रोक दिया गया है। इसके विरोध में डीएम और श्रम न्यायालय फीरोजाबाद से शिकायत की गई। न्यायालय द्वारा प्रबंधक को नोटिस भेजकर 30 जून को उपस्थित होने को कहा गया लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। कर्मचारियों के वेतन के चैक और बिल प्राचार्य एवं कार्यालय अधीक्षक द्वारा तैयार कर लिये गए। प्रबंधक को हस्ताक्षर के लिए कालेज आने को कहा गया तो उन्होंने कार्यालय अधीक्षक गिरीश चंद्र दुबे को फोन पर प्रताड़ित किया। साथ ही कार्यवाहक प्राचार्य डा. वीके सक्सेना से कर्मचारियों को कालेज में न घुसने देने के लिए पुलिस बुलाने को कहा। इस पर प्राचार्य और कार्यालय अधीक्षक ने छह जुलाई को अपने-अपने इस्तीफे प्रबंधक को भेज दिए। उधर, प्रबंधक के अड़ियल रवैये के विरुद्ध कालेज कर्मचारियों ने गुरुवार को दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा। उनके द्वारा प्राचार्य व अन्य कक्षों में तालाबंदी कर हड़ताल कर दी गई है।
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कालेज के लगभग 30 अस्थाई कर्मचारी मानदेय पर 10 से 20 वर्षों से कार्य कर रहे हैं। इनकी नियुक्ति प्रबंध समिति द्वारा की गई थी। समिति द्वारा ही वेतन (मानदेय) दिया जाता है। पिछले कुछ माह से प्रबंध समिति में आपसी मतभेद चल रहा है। वर्तमान समय में प्रबंधक डा. हरिओम और सचिव डा. संजय टंडन दिल्ली में बैठकर कालेज का संचालन कर रहे हैं। अस्थाई कर्मचारियों को प्रबंध तंत्र द्वारा कालेज से निकालने की धमकी देते हुए उनका जून माह का वेतन रोक दिया गया है। इसके विरोध में डीएम और श्रम न्यायालय फीरोजाबाद से शिकायत की गई। न्यायालय द्वारा प्रबंधक को नोटिस भेजकर 30 जून को उपस्थित होने को कहा गया लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। कर्मचारियों के वेतन के चैक और बिल प्राचार्य एवं कार्यालय अधीक्षक द्वारा तैयार कर लिये गए। प्रबंधक को हस्ताक्षर के लिए कालेज आने को कहा गया तो उन्होंने कार्यालय अधीक्षक गिरीश चंद्र दुबे को फोन पर प्रताड़ित किया। साथ ही कार्यवाहक प्राचार्य डा. वीके सक्सेना से कर्मचारियों को कालेज में न घुसने देने के लिए पुलिस बुलाने को कहा। इस पर प्राचार्य और कार्यालय अधीक्षक ने छह जुलाई को अपने-अपने इस्तीफे प्रबंधक को भेज दिए। उधर, प्रबंधक के अड़ियल रवैये के विरुद्ध कालेज कर्मचारियों ने गुरुवार को दूसरे दिन भी आंदोलन जारी रहा। उनके द्वारा प्राचार्य व अन्य कक्षों में तालाबंदी कर हड़ताल कर दी गई है।
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