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जांच में अटका सुहागनगरी का विकास

Fri, 12 Dec 2014 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Fri, 12 Dec 2014 11:25 PM IST
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Probe stuck in development of firozabad
नगर निगम प्रशासन और विकास प्राधिकरण पुराने मामलों की जांच में जुटे हैं जबकि शहर में अन्य सभी काम पूरी तरह से ठप हैं। पेयजल, सड़क निर्माण, सफाई व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। निगम बनने के बाद टैक्स का बोझ लाद दिया गया है। आमजनता परेशान है।
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बिजली विभाग की टीम हो या फिर नगर निगम या विप्रा के अधिकारी लोगों के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। प्रशासनिक कार्रवाई का हौवा इस कदर हावी है कि आमजनता डरी और सहमी हुई है।
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निगम जैसी सुविधाएं नहीं मिल रहीं
चौक पडे़ हैं नाले-नालियां, उबड़-खाबड़ हैं रास्ते
फीरोजाबाद। नगर निगम प्रशासन ने पूरी ताकत पुराने मामलों के घपले खंगालने में लगा दी हैं जबकि पूरा शहर समस्याओं से जूझ रहा है। डीएम ने बाइक पर शहर में घूम कर सफाई व्यवस्था में सुधार की कवायद की लेकिन सब ढाक के तीन पात रहा। मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक में कूडे़ के ढेर नहीं उठ रहे।
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शहर की कोई गली मोहल्ला ऐसा नहीं जहां नालियां बजबजा नहीं रही हों। नाले चोक पडे़ हैं। दोपहर 12 बजे तक कूडे़ के ढेर नहीं उठते हैं। सभी निर्माण कार्य जहां के तहां रुके हुए हैं। ठेकेदारों ने काम करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। पूर्व सभासद वकील नवी अफगानी कहते हैं कि सब कुछ ठप पड़ा है कोई काम शहर में नहीं हो रहा है।

डरा-धमका रही टीमें, सहमे हुए हैं शहरवासी
बिजली विभाग की टीमें जब चाहे दबंगों के साथ किसी भी मोहल्ले में आ धमकती हैं। घर पर अकेली रह जानी वाली महिलाओं को डरा धमका का वसूली की जाती है। बड़ा मोहल्ला, चौकीगेट, शेखतीफ, इमामबाड़ा, गली बौहरान, हुंडावाला बाग आदि क्षेत्र में टीम द्वारा लोगों को डराने-धमाके के साथ अवैध वसूली की शिकायतें भी मिली हैं।

उधर विकास प्राधिकरण नोटिस के नाम पर पूरे शहर में उत्पीड़न का जाल फैलाए हुए है। लोगों का कहना है कि जब दनादन निर्माण हो रहे थे तब विभाग सो रहा था अब जागा तो अवैध वसूली हो रही है।

13 ग्रामसभाओं में हालात जस के तस
विकास का डंका प्रशासन पीट रहा है लेकिन शहर में शामिल हुई 13 ग्राम सभाएं बुनियादी सुविधाओं को तरस रही हैं। यहां रास्ते जर्जर हैं। लोग खरीद कर पानी पी रहे हैं। ड्रेनेज सिस्टम फेल है। लोग आंदोलन कर रहे हैं।

सर्दियों में भी पेयजल संकट
शहर के कई इलाके सर्दी के दिनों में भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। छोटी छपैटी, अट्टा वाला मोहल्ला, गली बौहरान में टैंकरों से सप्लाई हो रही है। मोहल्ला दुली, गांधी नगर की कई गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा है।

बिल्डिंग बनी न अफसरों की तैनाती हुई
नगर निगम बनने के बाद मानक के अनुसार अफसरों की तैनाती न होने से कामकाज खासा प्रभावित हो रहा है। नई बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव तैयार कराने को लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए लेकिन प्रस्ताव बनना तो दूर नगर निगम नए भवन के लिए स्थल चयन की प्रक्रिया भी पूर्ण नहीं कर सका है।

125 कार्य पड़े हैं अधूरे
 लोकसभा चुनाव में पालिका बोर्ड द्वारा करीब 100 करोड़ के की धनराशि से 200 निर्माण कार्यों के टेंडर उठाए थे। वर्तमान में करीब 125 कार्य अधूरे पड़े हैं। संकरी गलियों से कूड़ा उठाने के लिए रोबोट मशीन खरीदने का प्रस्ताव लंबित है। ग्रीन पार्क टंकी, आसफाबाद, नगला बिश्नू, मायापुरी, रामगढ़ में पाइप लाइन विस्तार का कार्य अधूरा है।

खत्ताघर का प्रस्ताव भी अधर में
200 टन कूड़े के निस्तारण को नगर निगम द्वारा खत्ताघर निर्माण का प्रस्ताव मूर्त रूप नहीं ले सका। नगर निगम द्वारा नई आबादी, रेलवे लाइन एवं नए बाईपास के आसपास आबादी के क्षेत्र में कूड़ा डंप किया जा रहा है।

13 ग्रामसभा, नई आबादी के क्षेत्रों को रोशन के लिए 500 नई लाइटें लगाने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है लेकिन अभी टेंडर प्रक्रिया न होने के कारण नई लाइटें नहीं खरीदी जा सकी हैं।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री पवन दीक्षित का कहना है कि जांच अपनी जगह है और यह प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि बाकी काम रोक दिए जाएं। प्र्रशासन ने सभी काम काफी समय से रोक रखे हैं इससे आम जनता परेशान है।

चूड़ी व्यापारी उमेश उपाध्याय का कहना है विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया है। शहर के हालात खराब हैं। सफाई व्यवस्था चौपट है। जहां निर्माण रुक गए थे वह अभी तक शुरू नहीं हो पा रहे हैं। स्वकर के नाम पर उत्पीड़न हो रहा है। नगर निगम में किसी समस्या की कोई सुनवाई नहीं।


शहर में विकास कार्य कराने, पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन को करीब 34 करोड़ के प्रस्ताव भेजे  हैं। वर्तमान में धन की कमी होने के कारण विकास कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। धनराशि मिलने के बाद ही कार्य पूर्ण कराए जा सकेंगे।
प्रमोद कुमार, उप नगर आयुक्त
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