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प्राइवेट कंपनियों के हवाले होगी पार्कों की व्यवस्था
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:07 PM IST
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जिले में पाकोऱ्ं पर कब्जा हो रहा है
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शहर के पार्कों की व्यवस्था प्राइवेट कंपनियों को सौंपी जा सकती है। लखनऊ की तर्ज पर नगर निगम प्रशासन शहर के पार्कों को हरा-भरा और सुंदरीकरण करने के लिए प्राइवेट कंपनियों को देने पर विचार कर रहा है।
शहर में दर्जनों की संख्या में पार्क हैं। हालांकि देखरेख के अभाव में पार्क अव्यवस्थाओं के शिकार हैं। नगर निगम द्वारा पार्कों की देखभाल को तैनात माली पार्कों का रखरखाव करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे पार्कों में टहलने वालों को तमाम परेशानियां होती हैं। नगर आयुक्त द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बाद भी माली पार्कों को व्यवस्थित नहीं कर पा रहे हैं और न हीं सामाजिक संस्थाएं पार्कों के सुंदरीकरण को आगे आ रही हैं। कुछ संस्थाओं द्वारा पार्कों को गोद लेने के नाम पर मात्र बाउंड्रीवाल करा जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया गया है। अब नगर निगम प्रशासन पार्कों की व्यवस्था प्राइवेट कंपनियों को सौंपने का मन बना रहा है। नगर निगम प्रशासन द्वारा लखनऊ की तर्ज पर शहर के गांधी पार्क, भारत माता पार्क, विभव नगर, गणेश नगर, सुहाग नगर स्थित पार्कों को प्राइवेट कंपनियों के हवाले किया जाएगा।
बाक्स--
अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं पार्क
शहर के गांधी पार्क और भारत माता पार्क को छोड़ दिया जाए तो अन्य मोहल्लों के पार्क पूरी तरह दुर्दशा के शिकार हैं। सुहाग नगर में कई पार्कों में दबंगों ने कब्जा जमा लिया है तो कुछ पार्कों में स्कूल बन गए है। एक पार्क पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति में पार्क अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं।
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शहर के पार्कों को व्यवस्थित करने और सुंदरीकरण कराने के लिए प्राइवेट कंपनियों को देने पर विचार किया जा रहा है। लखनऊ में भी प्राइवेट कंपनियों द्वारा पार्कों का रखरखाव किया जा रहा है। लखनऊ की तर्ज पर फीरोजाबाद के पार्कों को प्राइवेट कंपनियों को दिया जाएगा।
प्रमोद कुमार , अपर नगर आयुक्त
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शहर में दर्जनों की संख्या में पार्क हैं। हालांकि देखरेख के अभाव में पार्क अव्यवस्थाओं के शिकार हैं। नगर निगम द्वारा पार्कों की देखभाल को तैनात माली पार्कों का रखरखाव करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे पार्कों में टहलने वालों को तमाम परेशानियां होती हैं। नगर आयुक्त द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बाद भी माली पार्कों को व्यवस्थित नहीं कर पा रहे हैं और न हीं सामाजिक संस्थाएं पार्कों के सुंदरीकरण को आगे आ रही हैं। कुछ संस्थाओं द्वारा पार्कों को गोद लेने के नाम पर मात्र बाउंड्रीवाल करा जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया गया है। अब नगर निगम प्रशासन पार्कों की व्यवस्था प्राइवेट कंपनियों को सौंपने का मन बना रहा है। नगर निगम प्रशासन द्वारा लखनऊ की तर्ज पर शहर के गांधी पार्क, भारत माता पार्क, विभव नगर, गणेश नगर, सुहाग नगर स्थित पार्कों को प्राइवेट कंपनियों के हवाले किया जाएगा।
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अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं पार्क
शहर के गांधी पार्क और भारत माता पार्क को छोड़ दिया जाए तो अन्य मोहल्लों के पार्क पूरी तरह दुर्दशा के शिकार हैं। सुहाग नगर में कई पार्कों में दबंगों ने कब्जा जमा लिया है तो कुछ पार्कों में स्कूल बन गए है। एक पार्क पेयजल टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति में पार्क अपना अस्तित्व खोते जा रहे हैं।
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शहर के पार्कों को व्यवस्थित करने और सुंदरीकरण कराने के लिए प्राइवेट कंपनियों को देने पर विचार किया जा रहा है। लखनऊ में भी प्राइवेट कंपनियों द्वारा पार्कों का रखरखाव किया जा रहा है। लखनऊ की तर्ज पर फीरोजाबाद के पार्कों को प्राइवेट कंपनियों को दिया जाएगा।
प्रमोद कुमार , अपर नगर आयुक्त