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Firozabad News: ट्रृॉमा सेंटर में आधे घंटे नहीं रही बिजली, टॉर्च की रोशनी में इलाज
Sat, 24 Oct 2026 11:54 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 24 Oct 2026 11:54 PM IST
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ट्रामा सेंटर में मोबाइल की रोशनी से वार्ड में मरीजों के शिफ्ट होने की फाइल देखते स्वास्थ्य कर्
- फोटो : ट्रामा सेंटर में मोबाइल की रोशनी से वार्ड में मरीजों के शिफ्ट होने की फाइल देखते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
फिरोजाबाद। स्वायत्त राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में शनिवार दोपहर बिजली व्यवस्था पूरी तरह धड़ाम हो गई। बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल का वैकल्पिक जनरेटर भी जवाब दे गया, जिसके चलते आईसीयू, जनरल वार्ड और ऑपरेशन थिएटर (ओटी) तक अंधेरे में डूब गए। हालात यह रहे कि चिकित्सकों को गंभीर मरीजों के इलाज और पर्चियों पर दवाएं लिखने के लिए मोबाइल की टॉर्च का सहारा लेना पड़ा।
शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक बिजली चली गई। अस्पताल में बिजली बैकअप के लिए मौजूद जनरेटर को चालू होना था, लेकिन तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से वह शुरू नहीं हो सका। इससे ट्रॉमा सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आपात स्थिति में पहुंचने वाले मरीजों की नब्ज टटोलने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मोबाइल की रोशनी में मरीजों की फाइलें तलाशनी पड़ीं और पर्चियों पर दवाएं लिखनी पड़ीं। पर्चा काउंटर पर भी लंबी कतारों में खड़े मरीज और तीमारदार अंधेरे के कारण खासे परेशान नजर आए। लगभग आधे घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में पूरी तरह अंधकार छाया रहा, जिससे अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खुलकर सामने आ गई।
सीएमएस का पक्ष
इस पूरे मामले पर जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में नया जनरेटर चालू कराया गया है और उसमें बैटरी शिफ्ट कराई जा रही थी। इसी कार्य के चलते सुरक्षा की दृष्टि से कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बंद की गई थी।
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शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक बिजली चली गई। अस्पताल में बिजली बैकअप के लिए मौजूद जनरेटर को चालू होना था, लेकिन तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से वह शुरू नहीं हो सका। इससे ट्रॉमा सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आपात स्थिति में पहुंचने वाले मरीजों की नब्ज टटोलने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मोबाइल की रोशनी में मरीजों की फाइलें तलाशनी पड़ीं और पर्चियों पर दवाएं लिखनी पड़ीं। पर्चा काउंटर पर भी लंबी कतारों में खड़े मरीज और तीमारदार अंधेरे के कारण खासे परेशान नजर आए। लगभग आधे घंटे तक ट्रॉमा सेंटर में पूरी तरह अंधकार छाया रहा, जिससे अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं की पोल खुलकर सामने आ गई।
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सीएमएस का पक्ष
इस पूरे मामले पर जब मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में नया जनरेटर चालू कराया गया है और उसमें बैटरी शिफ्ट कराई जा रही थी। इसी कार्य के चलते सुरक्षा की दृष्टि से कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति बंद की गई थी।
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