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जिले के 682 तालाबों का होगा कायाकल्प
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जिले के 682 तालाबों का होगा कायाकल्प
अतिक्रमण हटवाएंगी तहसील की टीमें, 564 ग्राम पंचायतों में बारिश में ओवरफ्लो होने तालाब चयनित
- 43.75 करोड़ रुपये होगा खर्च, बीस को बनाया जाएगा मॉडल तालाब, मनरेगा श्रमिकों रोजगार का अवसर मिलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले के 682 तालाबों का कायाकल्प जिला प्रशासन की ओर से किए जाने की तैयारी कर ली है। इन तालाबों से अतिक्रमण को हटाने के लिए तहसील की टीमों को लगाया जाएगा। इसके बाद तालाबों की साफ सफाई के साथ पौधरोपण किया जाएगा। इसमें से 20 तालाबों को मॉडल बनाया जाएगा। इसकी मॉनीटरिंग के लिए सीडीओ ने 24 जिला स्तरीय व 96 ब्लाक स्तरीय अफसरों को तैनात किया है। इसके लिए 19 अप्रैल को बैठक बुलाई गई है।
जिले के ओवरफ्लो होने वाले तालाब पिछले वर्ष ग्रामीण जनता के लिए मुसीबत बने थे। इनके पानी में पनपे डेंगू मच्छर ने बीमारी फैलाने का काम किया था। डीएम के निर्देश पर सीडीओ चर्चित गौड़ ने इन तालाबों के कायाकल्प की कार्ययोजना बनाई है। इन तालाबों की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है उसको हटाने का काम तहसील के लेखपाल एवं तहसीलदार के साथ एसडीएम के द्वारा कराया जाएगा। तालाब की मूलभूमि सामने आ जाने के बाद जिले के 564 ग्राम पंचायतों के जिन 682 तालाबों का चिह्नांकन किया गया है। तालाबों की साफ सफाई जेसीबी से कराने के बाद सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इनमें से बीस तालाब मॉडल के रूप में तैयार कराए जाएंगे। सीडीओ चर्चित गौड ने बताया कि तालाबों के सुधार पर 25.25 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों की राज्य वित्त एवं पंद्रहवें वित्त से जबकि 18.50 करोड़ रुपये मनरेगा योजना से खर्च होगा। तालाबों की साफ सफाई किए जाने के साथ वहां पौधरोपण कराया जाएगा। सीडीओ ने तालाबों पर अवैध कब्जा हटाने के साथ विकास कार्य कराए जाने की जिम्मेदारी जिन 24 जिला एवं 96ब्लाक स्तरीय अफसरों को तैनात किया है। उनकी मीटिंग 19 अप्रैल को होगी। उन्होंने कहा कि तालाबों की सुधार किए जाने से वाटर लेबल बढ़ेगा इसके साथ तालाबों का पानी सिंचाई में प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिन 142 तालाबों के कारण डेंगू का प्रकोप बढ़ा था।
तालाबों में ये होंगे काम
- चयनित तालाबों में राज्य वित्त एवं 15 वें वित्त से 1195.82 वर्गमीटर में क्षेत्रफल में होगा काम।
- मनरेगा योजना के तहत तालाबों की साफ सफाई से करीब 908390 मानव दिवस होंगे सृजित
- तालाबों के किनारे 47744 गड्ढे खोदकर पौधे लगाए जाएंगे। तालाबोंमें 1902 सोकपिट 4.91 करोड़ से बनेंगे।
एसडीएम की अध्यक्षता में गठित होगी समिति
प्रत्येक तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में समिति बनेगी। इसमें बीडीओ,कार्यक्रम अधिकारी,अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी,एडीओ पंचायत, अवर अभियंता एमआई,आरईडी रहेंगे। ग्राम स्तर पर प्रधान की अध्यक्षता में समिति बनेंगी। इसमें प्रधान, सचिव, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, लेखपाल, राशन डीलर, ग्राम रोजगार सेवक, स्वच्छाग्रही, चौकीदार, तालाब के नजदीक रहने वाले तीन लोग सदस्य होंगे।
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यह होगा लाभ
- निकलने वाली मिट्टी का प्रयोग प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थियों के मिट्टी भराव कार्य में हो सकेगा प्रयोग।
- भंडारण क्षमता 1.55 खरब लीटर से बढ़कर 3.31 खरब लीटर हो जाएगी। इससे भूगर्भ का जलस्तर बढ़ेगा।
- जीर्णोद्धार होने से जिले को मच्छरजनित रोगों से राहत मिलेगी। पिछले वर्ष 140 तालाबों में गंदगी से फैला था रोग।
-राजस्व विभाग के सहयोग से तालाब के आस-पास की भूमि को अवैध कब्जा से मुक्त कराया जाएगा। 2022-23 में 47744 पौधे रोपित किए जाएंगे।
- विकास खंडों के 20 तालाबों को मॉडल के रूप में चयन होगा। इनके चारों ओर पथवे (टहलने का स्थान) का निर्माण होगा।
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अतिक्रमण हटवाएंगी तहसील की टीमें, 564 ग्राम पंचायतों में बारिश में ओवरफ्लो होने तालाब चयनित
- 43.75 करोड़ रुपये होगा खर्च, बीस को बनाया जाएगा मॉडल तालाब, मनरेगा श्रमिकों रोजगार का अवसर मिलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जिले के 682 तालाबों का कायाकल्प जिला प्रशासन की ओर से किए जाने की तैयारी कर ली है। इन तालाबों से अतिक्रमण को हटाने के लिए तहसील की टीमों को लगाया जाएगा। इसके बाद तालाबों की साफ सफाई के साथ पौधरोपण किया जाएगा। इसमें से 20 तालाबों को मॉडल बनाया जाएगा। इसकी मॉनीटरिंग के लिए सीडीओ ने 24 जिला स्तरीय व 96 ब्लाक स्तरीय अफसरों को तैनात किया है। इसके लिए 19 अप्रैल को बैठक बुलाई गई है।
जिले के ओवरफ्लो होने वाले तालाब पिछले वर्ष ग्रामीण जनता के लिए मुसीबत बने थे। इनके पानी में पनपे डेंगू मच्छर ने बीमारी फैलाने का काम किया था। डीएम के निर्देश पर सीडीओ चर्चित गौड़ ने इन तालाबों के कायाकल्प की कार्ययोजना बनाई है। इन तालाबों की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है उसको हटाने का काम तहसील के लेखपाल एवं तहसीलदार के साथ एसडीएम के द्वारा कराया जाएगा। तालाब की मूलभूमि सामने आ जाने के बाद जिले के 564 ग्राम पंचायतों के जिन 682 तालाबों का चिह्नांकन किया गया है। तालाबों की साफ सफाई जेसीबी से कराने के बाद सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इनमें से बीस तालाब मॉडल के रूप में तैयार कराए जाएंगे। सीडीओ चर्चित गौड ने बताया कि तालाबों के सुधार पर 25.25 करोड़ रुपये ग्राम पंचायतों की राज्य वित्त एवं पंद्रहवें वित्त से जबकि 18.50 करोड़ रुपये मनरेगा योजना से खर्च होगा। तालाबों की साफ सफाई किए जाने के साथ वहां पौधरोपण कराया जाएगा। सीडीओ ने तालाबों पर अवैध कब्जा हटाने के साथ विकास कार्य कराए जाने की जिम्मेदारी जिन 24 जिला एवं 96ब्लाक स्तरीय अफसरों को तैनात किया है। उनकी मीटिंग 19 अप्रैल को होगी। उन्होंने कहा कि तालाबों की सुधार किए जाने से वाटर लेबल बढ़ेगा इसके साथ तालाबों का पानी सिंचाई में प्रयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिन 142 तालाबों के कारण डेंगू का प्रकोप बढ़ा था।
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तालाबों में ये होंगे काम
- चयनित तालाबों में राज्य वित्त एवं 15 वें वित्त से 1195.82 वर्गमीटर में क्षेत्रफल में होगा काम।
- मनरेगा योजना के तहत तालाबों की साफ सफाई से करीब 908390 मानव दिवस होंगे सृजित
- तालाबों के किनारे 47744 गड्ढे खोदकर पौधे लगाए जाएंगे। तालाबोंमें 1902 सोकपिट 4.91 करोड़ से बनेंगे।
एसडीएम की अध्यक्षता में गठित होगी समिति
प्रत्येक तहसील में एसडीएम की अध्यक्षता में समिति बनेगी। इसमें बीडीओ,कार्यक्रम अधिकारी,अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी,एडीओ पंचायत, अवर अभियंता एमआई,आरईडी रहेंगे। ग्राम स्तर पर प्रधान की अध्यक्षता में समिति बनेंगी। इसमें प्रधान, सचिव, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, लेखपाल, राशन डीलर, ग्राम रोजगार सेवक, स्वच्छाग्रही, चौकीदार, तालाब के नजदीक रहने वाले तीन लोग सदस्य होंगे।
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यह होगा लाभ
- निकलने वाली मिट्टी का प्रयोग प्रधानमंत्री आवास एवं मुख्यमंत्री आवास के लाभार्थियों के मिट्टी भराव कार्य में हो सकेगा प्रयोग।
- भंडारण क्षमता 1.55 खरब लीटर से बढ़कर 3.31 खरब लीटर हो जाएगी। इससे भूगर्भ का जलस्तर बढ़ेगा।
- जीर्णोद्धार होने से जिले को मच्छरजनित रोगों से राहत मिलेगी। पिछले वर्ष 140 तालाबों में गंदगी से फैला था रोग।
-राजस्व विभाग के सहयोग से तालाब के आस-पास की भूमि को अवैध कब्जा से मुक्त कराया जाएगा। 2022-23 में 47744 पौधे रोपित किए जाएंगे।
- विकास खंडों के 20 तालाबों को मॉडल के रूप में चयन होगा। इनके चारों ओर पथवे (टहलने का स्थान) का निर्माण होगा।