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सीएम से सम्मान पाकर गदगद हुए उद्यमी
ब्यूरो अमर उजाला, फीरोजाबाद
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:16 AM IST
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कांच उद्योग से जुड़ी समस्याएं उठती तो रहीं मगर उनकी आवाज दूर तलक ना जा सकी। समस्याएं आई, शिकायतें हुईं मगर सुनवाई न होने से उद्यमियों की दुश्वारियां कम नहीं हो सकीं। अमर उजाला ने उद्यमियों को बड़े मंच पर अपनी बात कहने का मौका दिया तो मानो उद्यमियों को निराकरण की आस जग गई। लखनऊ में आयोजित एमएसएमई कानक्लेव 2015 में उद्यमियों ने केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र, सीएम अखिलेश यादव व प्रमुख सचिव आलोक रंजन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उनका निदान भी मांगा। शहर के प्रमुख तीन उद्यमियों ने सुहागनगरी का प्रतिनिधित्व करते हुए कारपोरेट घराने द्वारा झूठी शिकायतें करने, आगरा-लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर ग्लास एक्सपोट मार्ट की स्थापना, प्राकृतिक गैस को वैट मुक्त करने, कांच उद्योग की तरक्की को प्लास्टिक की बोतल पर रोक लगाने जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
उद्यमियों की बात
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर यूपीजीएमएस अध्यक्ष और प्रमुख उद्योग राजकुमार मित्तल उत्साह से लवरेज नजर आए। उन्होंने बताया कि सीएम अखिलेश यादव के समक्ष हमने कांच उद्योग की दुश्वारियों को रखा। सीएम के नाम सौंपे पत्र में कहा कि दवाई, दूध, पानी, देशी शराब व अन्य पेय पदार्थों में प्लास्टिक की बोतल का व्यापक पैमाने पर प्रयोग किया जा रहा है। जिसके काफी दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। प्लास्टिक के प्रयोग के कारण फीरोजाबाद का कांच उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गया है।
प्रमुख उद्यमी देवीचरन अग्रवाल ने सीएम के समक्ष कांच उद्योग की दुश्वारियों को उठाया। उन्होंने कहा कि फीरोजाबाद का कांच उद्योग 100 वर्ष से अधिक पुराना है। कांच उद्योग पर किसी तरह की छूट अथवा सब्सिडी नहीं मिल रही, जबकि अन्य प्रदेशों में एक्साइज, वैट पर छूट दी जा रही है। गुजरात में पांच प्रतिशत है, जबकि यूपी में 14.50 प्रतिशत वैट लगता है। प्रदेश सरकार कुछ वर्षों के लिए प्रदेश को नो टैक्स जोन घोषित कर दे तो कांच उद्योग को राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि उद्योग हित में आजतक किसी अखबार द्वारा इस तरह का प्रयास नहीं किया गया। अमर उजाला ने पूरे प्रदेश के उद्यमियों को एक मंच पर लाकर सराहनीय कार्य किया है।
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प्रमुख निर्यातक मुकेश बंसल टोनी अमर उजाला के इस कदम को ऐतिहासिक प्रयास मानते हैं। उनका कहना है कि अमर उजाला के माध्यम से हमें केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव तक अपनी बात पहुंचाने का एक बड़ा मंच मिला। 20 वर्षों में फीरोजाबाद ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कारपोरेट घराने द्वारा लगातार की जा रही झूठी शिकायतों का मामला भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की यह एक ऐसी कड़ी है, जिसमें एक भी कड़ी टूटने पर पूरा उद्योग तहस-नहस हो जाएगा।
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उद्यमियों की बात
मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर यूपीजीएमएस अध्यक्ष और प्रमुख उद्योग राजकुमार मित्तल उत्साह से लवरेज नजर आए। उन्होंने बताया कि सीएम अखिलेश यादव के समक्ष हमने कांच उद्योग की दुश्वारियों को रखा। सीएम के नाम सौंपे पत्र में कहा कि दवाई, दूध, पानी, देशी शराब व अन्य पेय पदार्थों में प्लास्टिक की बोतल का व्यापक पैमाने पर प्रयोग किया जा रहा है। जिसके काफी दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। प्लास्टिक के प्रयोग के कारण फीरोजाबाद का कांच उद्योग बंदी के कगार पर पहुंच गया है।
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प्रमुख उद्यमी देवीचरन अग्रवाल ने सीएम के समक्ष कांच उद्योग की दुश्वारियों को उठाया। उन्होंने कहा कि फीरोजाबाद का कांच उद्योग 100 वर्ष से अधिक पुराना है। कांच उद्योग पर किसी तरह की छूट अथवा सब्सिडी नहीं मिल रही, जबकि अन्य प्रदेशों में एक्साइज, वैट पर छूट दी जा रही है। गुजरात में पांच प्रतिशत है, जबकि यूपी में 14.50 प्रतिशत वैट लगता है। प्रदेश सरकार कुछ वर्षों के लिए प्रदेश को नो टैक्स जोन घोषित कर दे तो कांच उद्योग को राहत मिल सकती है। उनका कहना है कि उद्योग हित में आजतक किसी अखबार द्वारा इस तरह का प्रयास नहीं किया गया। अमर उजाला ने पूरे प्रदेश के उद्यमियों को एक मंच पर लाकर सराहनीय कार्य किया है।
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प्रमुख निर्यातक मुकेश बंसल टोनी अमर उजाला के इस कदम को ऐतिहासिक प्रयास मानते हैं। उनका कहना है कि अमर उजाला के माध्यम से हमें केन्द्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव तक अपनी बात पहुंचाने का एक बड़ा मंच मिला। 20 वर्षों में फीरोजाबाद ने निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने कारपोरेट घराने द्वारा लगातार की जा रही झूठी शिकायतों का मामला भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की यह एक ऐसी कड़ी है, जिसमें एक भी कड़ी टूटने पर पूरा उद्योग तहस-नहस हो जाएगा।