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भवन निर्माण पूरा कराने के लिए दूसरी व तीसरी किस्त लेने वाले लाभार्थियों का होगा विशेष सर्वे
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फिरोजाबाद। डूडा विभाग एवं कार्यदायी संस्था एसबीएनजी लॉकडाउन से पूर्व पीएमएवाई के तहत आवास निर्माण की दूसरी व तीसरी किस्त लेने वाले लाभार्थियों की स्थलीय जांच कराएगी। जानकारी के मुताबिक जीओ टैगिंग के लिए पहुंच रहे कार्यदायी संस्था के सर्वेयरों को कई लाभार्थियों के यहां भवन निर्माण की स्थिति काफी खराब मिली। धनराशि जारी होने के बाद भी छत नहीं डाली गई है। अथवा प्लास्टर नहीं कराया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवन निर्माण कार्य पूर्ण कराने के लिए गत जनवरी-फरवरी माह के दौरान करीब 1850 लाभार्थियों के खातों में दूसरी और तीसरी किस्त जारी की गई। इन सभी लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के उपरांत हुई जीओ टैगिंग व प्रथम किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र देने के बाद अगली किस्तें जारी की गईं। जिन लाभार्थियों को दूसरी व तीसरी किस्त जारी की गईं हैं। उनके भवनों के निर्माण कार्य की जीओ टैगिंग कराई जा रही है। कार्यदायी संस्था एसबीएनजी व डूडा विभाग के सर्वेयरों के माध्यम से कराई जीओ टैगिंग के दौरान करीब 533 लाभार्थियों द्वारा भवन निर्माण को दी धनराशि का सदुपयोग नहीं किए जाने की बात सामने आई। इनमें से अधिकांश लाभार्थियों के भवनों की छत नहीं डाली गई है। जबकि कई अन्य लाभार्थियों ने भवन निर्माण तो पूरा करा लिया, लेकिन प्लास्टर आदि कार्य नहीं कराए हैं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भवन निर्माण कार्य पूर्ण कराने के लिए गत जनवरी-फरवरी माह के दौरान करीब 1850 लाभार्थियों के खातों में दूसरी और तीसरी किस्त जारी की गई। इन सभी लाभार्थियों को पहली किस्त जारी करने के उपरांत हुई जीओ टैगिंग व प्रथम किस्त का उपभोग प्रमाणपत्र देने के बाद अगली किस्तें जारी की गईं। जिन लाभार्थियों को दूसरी व तीसरी किस्त जारी की गईं हैं। उनके भवनों के निर्माण कार्य की जीओ टैगिंग कराई जा रही है। कार्यदायी संस्था एसबीएनजी व डूडा विभाग के सर्वेयरों के माध्यम से कराई जीओ टैगिंग के दौरान करीब 533 लाभार्थियों द्वारा भवन निर्माण को दी धनराशि का सदुपयोग नहीं किए जाने की बात सामने आई। इनमें से अधिकांश लाभार्थियों के भवनों की छत नहीं डाली गई है। जबकि कई अन्य लाभार्थियों ने भवन निर्माण तो पूरा करा लिया, लेकिन प्लास्टर आदि कार्य नहीं कराए हैं।
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