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Firozabad News: बच्चों की पैतृक जमीन बेचने की अनुमति की याचिका खारिज
Mon, 03 Aug 2026 11:55 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:55 PM IST
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फिरोजाबाद। जिला जज डॉ. बब्बू सारंग ने चंद्रावार गेट स्थित संत नगर निवासी सविता देवी की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और नया मकान बनाने का हवाला देकर उनके हिस्से की पैतृक जमीन बेचने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि महिला की नीयत साफ नहीं है और यह अर्जी बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए दाखिल नहीं की गई है।
याचिका के अनुसार, मौजा बरकटपुर में सविता देवी के दिवंगत पति प्रहलाद सिंह के नाम कृषि भूमि है, जिसमें उनके तीन नाबालिग बच्चों निखिल, विवेक और नैना का हिस्सा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि महिला ने अपने अन्य बालिग बेटों को पक्षकार नहीं बनाया, जबकि जमीन में कोई हिस्सा न रखने वाले पति के भाई को पक्षकार बना दिया। इसके अलावा, पत्रावली में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया तथा न ही 15 से 17 वर्ष के हो चुके बच्चों की कोई सहमति या हलफनामा लिया गया। महिला द्वारा खरीदे जाने वाले नए प्लॉट का भी कोई विवरण याचिका में नहीं था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे जल्द ही बालिग होने वाले हैं और पैतृक संपत्ति उनकी सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बेचने की कोई तात्कालिक मजबूरी साबित नहीं हुई है।
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याचिका के अनुसार, मौजा बरकटपुर में सविता देवी के दिवंगत पति प्रहलाद सिंह के नाम कृषि भूमि है, जिसमें उनके तीन नाबालिग बच्चों निखिल, विवेक और नैना का हिस्सा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि महिला ने अपने अन्य बालिग बेटों को पक्षकार नहीं बनाया, जबकि जमीन में कोई हिस्सा न रखने वाले पति के भाई को पक्षकार बना दिया। इसके अलावा, पत्रावली में पति का मृत्यु प्रमाण पत्र और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया तथा न ही 15 से 17 वर्ष के हो चुके बच्चों की कोई सहमति या हलफनामा लिया गया। महिला द्वारा खरीदे जाने वाले नए प्लॉट का भी कोई विवरण याचिका में नहीं था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे जल्द ही बालिग होने वाले हैं और पैतृक संपत्ति उनकी सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बेचने की कोई तात्कालिक मजबूरी साबित नहीं हुई है।
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