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इकाइयों की प्रजेंट स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे पीसीबी
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Tue, 29 Nov 2016 11:27 PM IST
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प्रतीकात्मक
- फोटो : amarujala
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में कांच उद्योग को लेकर मंगलवार को होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई। विपक्ष के वकील ने कहा कि फीरोजाबाद में 89 इकाइयां बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के संचालित हो रही हैं। एनजीटी ने पीसीबी से प्रजेंट स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि नई दिल्ली की सेफ संस्था ने फीरोजाबाद की 143 इकाइयों के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की है। इसमें कांच उद्योग से बढ़ते प्रदूषण, क्षमता विस्तार, बिना सहमति इकाइयां संचालित होने, उद्योग विभाग के अफसरों द्वारा नियम विरुद्ध इकाइयों को संचालन की अनुमति देने के मामले में शिकायत की गई। एनजीटी में मामला काफी समय से लंबित है। मामले में मंगलवार को होने वाली सुनवाई के लिए पूर्व में ही उद्योग विभाग ने अपना जवाब दाखिल कर दिया था। मंगलवार को एनजीटी में सुनवाई के दौरान विपक्ष के वकील ने कहा कि फीरोजाबाद में 89 इकाइयां बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के संचालित हो रही हैं। ऐसे में क्यों न इन इकाइयों को बंद करा दिया जाए। मामले में एनजीटी ने उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश दिए कि जिन 89 इकाइयों की बिना सहमति संचालित होने की बात कही जा रही है, उन सभी इकाइयों की प्रजेंट स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। मामले में अब 16 जनवरी को सुनवाई होनी है।
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बता दें कि नई दिल्ली की सेफ संस्था ने फीरोजाबाद की 143 इकाइयों के खिलाफ एनजीटी में याचिका दायर की है। इसमें कांच उद्योग से बढ़ते प्रदूषण, क्षमता विस्तार, बिना सहमति इकाइयां संचालित होने, उद्योग विभाग के अफसरों द्वारा नियम विरुद्ध इकाइयों को संचालन की अनुमति देने के मामले में शिकायत की गई। एनजीटी में मामला काफी समय से लंबित है। मामले में मंगलवार को होने वाली सुनवाई के लिए पूर्व में ही उद्योग विभाग ने अपना जवाब दाखिल कर दिया था। मंगलवार को एनजीटी में सुनवाई के दौरान विपक्ष के वकील ने कहा कि फीरोजाबाद में 89 इकाइयां बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के संचालित हो रही हैं। ऐसे में क्यों न इन इकाइयों को बंद करा दिया जाए। मामले में एनजीटी ने उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देश दिए कि जिन 89 इकाइयों की बिना सहमति संचालित होने की बात कही जा रही है, उन सभी इकाइयों की प्रजेंट स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें, जिससे स्थिति स्पष्ट हो सके। मामले में अब 16 जनवरी को सुनवाई होनी है।
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