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पंजीरी खाकर बिगड़ी बच्चों की हालत, अस्पताल में भर्ती
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 27 May 2016 11:17 PM IST
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पंजीरी खाकर बच्चे बीमार हो गए
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आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीरी खाकर चार बच्चों की हालत बिगड़ गई। परिवारीजनों ने बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। उधर, बच्चों की हालत बिगड़ने की सूचना पर गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
मुईनउद्दीनपुर निवासी ललित की बेटी कशिश (3) और नवल किशोर का पुत्र हेमंत (4) और पुत्री छाया शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को पंजीरी दी गई गई। बच्चों ने केंद्र पर ही पंजीरी खा ली और शेष पंजीरी को छाया घर लेकर आ गई। पंजीरी को छाया ने अपने दो वर्ष के भाई विशाल को भी खिला दिया। पंजीरी खाने के बाद विशाल को उल्टी दस्त हो गए। परिवारीजन कुछ समझ पाते कि इससे पहले ही छाया, हेमंत और कशिश को भी उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बच्चों को लेकर परिवारीजन निजी चिकित्सक के पास पहुंचे। गंभीर हालत होने पर चिकित्सक ने बच्चों को जिला अस्पताल ले जाने को कहा। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों को भर्ती कर लिया गया। पंजीरी खाने से बच्चों के बीमार होने की सूचना पर थानाध्यक्ष नारखी पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने मामले की जानकारी कर अधिकारियों को अवगत कराया। परिवारीजनों ने बताया कि शुक्रवार को केवल तीन बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। वहीं अन्य बच्चे घर पर थे। आंगनबाड़ी कार्यकत्री किरनदेवी का कहना है कि उसके द्वारा सेंटर पर पंजीरी का वितरण नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि केंद्र पर शुक्रवार को पंजीरी का वितरण नहीं होना था। बच्चे क्या खाकर बीमार हुए? इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
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मुईनउद्दीनपुर निवासी ललित की बेटी कशिश (3) और नवल किशोर का पुत्र हेमंत (4) और पुत्री छाया शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को पंजीरी दी गई गई। बच्चों ने केंद्र पर ही पंजीरी खा ली और शेष पंजीरी को छाया घर लेकर आ गई। पंजीरी को छाया ने अपने दो वर्ष के भाई विशाल को भी खिला दिया। पंजीरी खाने के बाद विशाल को उल्टी दस्त हो गए। परिवारीजन कुछ समझ पाते कि इससे पहले ही छाया, हेमंत और कशिश को भी उल्टी-दस्त शुरू हो गए। बच्चों को लेकर परिवारीजन निजी चिकित्सक के पास पहुंचे। गंभीर हालत होने पर चिकित्सक ने बच्चों को जिला अस्पताल ले जाने को कहा। जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों को भर्ती कर लिया गया। पंजीरी खाने से बच्चों के बीमार होने की सूचना पर थानाध्यक्ष नारखी पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने मामले की जानकारी कर अधिकारियों को अवगत कराया। परिवारीजनों ने बताया कि शुक्रवार को केवल तीन बच्चे आंगनबाड़ी केंद्र गए थे। वहीं अन्य बच्चे घर पर थे। आंगनबाड़ी कार्यकत्री किरनदेवी का कहना है कि उसके द्वारा सेंटर पर पंजीरी का वितरण नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि केंद्र पर शुक्रवार को पंजीरी का वितरण नहीं होना था। बच्चे क्या खाकर बीमार हुए? इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
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