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Firozabad News: एक दशक बाद भी पंचायतों ने नहीं दिया खर्च का हिसाब
Sun, 16 Jul 2023 12:19 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 16 Jul 2023 12:19 AM IST
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फिरोजाबाद। एक दशक बीतने के बाद जिले की 15 पंचायतें लाखों रुपये खर्च करने के बाद हिसाब देना भूल गई। पंचायतों की इस मनमाने रवैये को शासन ने गंभीरता से लिया है। इन पंचायतों के अभिलेख रख-रखाव के लिए जिम्मेदार सचिवों के खिलाफ एक पखवाड़े के अंदर अभियोग दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
जिले की तीन ब्लाकों की करीब 15 ग्राम पंचायतों ने एक दशक बीतने के बाद भी विकास कार्य को मिली लाखों रुपये की धनराशि को खर्च करने के बाद हिसाब तक नहीं दे सके। इन पंचायतों के सचिवों ने जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ओर से अभी तक अभिलेख तक मुहैया नहीं कराए गए हैं। सचिवों के साथ-साथ इन पंचायतों के प्रधानों को नोटिस जारी करके भी चेतावनी दी थी।
पिछले दिनों में जिले में भ्रमण पर आई विधानसभा की पंचायतीराज समिति के सभापति विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड के समक्ष इन मामलों को प्रमुखता से रखा गया था। समिति ने पंचायत सचिवों के इस रवैये पर काफी नाराजगी जाहिर की थी। समिति के सख्त रुख के बाद विभाग ने उस समय ग्राम पंचायतों में तैनात रहे सचिवों का डाटा खंगालना प्रारंभ कर दिया है ताकि संबंधित सचिवों से अभिलेख मंगाने के साथ ही इन प्रकरणों को खत्म किया जा सके। शासन की ओर से ऐसे सचिवों के खिलाफ एक पखवाड़े मे हिसाब नहीं देने पर सीधे अभियोग दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाली पंचायतें..
वित्तीय वर्ष 2013-14 की जिन ग्राम पंचायतों ने हिसाब नहीं दिया। इनमें शिकोहाबाद ब्लाक की आरौंज, अरांव ब्लाक की ग्राम पंचायत ग्यामई,मोहम्मदपुर माड़ई, राहतपुर, आजमाबाद अरांव,बहादुरपुर, रूधेमई, शेरपुर अफजलपुर, भामई तथा हाथवंत ब्लाक की ग्राम पंचायत बनवीरपुर कुढ़ी, ओढ़मपुर, दारापुर रसैनी, शेखनपुर, कनवारा शामिल है। इन पंचायतों के द्वारा अभी तक अभिलेख ही उपलब्ध नहीं कराए हैं।
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जिले की तीन ब्लाकों की करीब 15 ग्राम पंचायतों ने एक दशक बीतने के बाद भी विकास कार्य को मिली लाखों रुपये की धनराशि को खर्च करने के बाद हिसाब तक नहीं दे सके। इन पंचायतों के सचिवों ने जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की ओर से अभी तक अभिलेख तक मुहैया नहीं कराए गए हैं। सचिवों के साथ-साथ इन पंचायतों के प्रधानों को नोटिस जारी करके भी चेतावनी दी थी।
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पिछले दिनों में जिले में भ्रमण पर आई विधानसभा की पंचायतीराज समिति के सभापति विपिन कुमार वर्मा उर्फ डेविड के समक्ष इन मामलों को प्रमुखता से रखा गया था। समिति ने पंचायत सचिवों के इस रवैये पर काफी नाराजगी जाहिर की थी। समिति के सख्त रुख के बाद विभाग ने उस समय ग्राम पंचायतों में तैनात रहे सचिवों का डाटा खंगालना प्रारंभ कर दिया है ताकि संबंधित सचिवों से अभिलेख मंगाने के साथ ही इन प्रकरणों को खत्म किया जा सके। शासन की ओर से ऐसे सचिवों के खिलाफ एक पखवाड़े मे हिसाब नहीं देने पर सीधे अभियोग दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
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अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने वाली पंचायतें..
वित्तीय वर्ष 2013-14 की जिन ग्राम पंचायतों ने हिसाब नहीं दिया। इनमें शिकोहाबाद ब्लाक की आरौंज, अरांव ब्लाक की ग्राम पंचायत ग्यामई,मोहम्मदपुर माड़ई, राहतपुर, आजमाबाद अरांव,बहादुरपुर, रूधेमई, शेरपुर अफजलपुर, भामई तथा हाथवंत ब्लाक की ग्राम पंचायत बनवीरपुर कुढ़ी, ओढ़मपुर, दारापुर रसैनी, शेखनपुर, कनवारा शामिल है। इन पंचायतों के द्वारा अभी तक अभिलेख ही उपलब्ध नहीं कराए हैं।