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पालीथिन बैग पर प्रतिबंध का नहीं दिखा असर
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 22 Jan 2016 07:39 PM IST
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प्रदेश सरकार ने पालीथिन पर प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन इसका असर जिले में नहीं दिख रहा। प्रतिबंध के दूसरे दिन शुक्रवार को भी सब्जी विक्रेता से लेकर दुकानदार, थोक, खुदरा विक्रेता, फेरीवाले, रेहड़ी वाले सभी पालीथिन बैग का प्रयोग कर रहे थे। किसी को न सजा का डर था और नहीं कार्रवाई की चिंता। चाय-पान की दुकान से लेकर किराना, मेडिकल स्टोर सभी जगह ग्राहकों को पालीथिन बैग में सामान दिया गया। ज्यादातर लोगों को पालीथिन पर प्रतिबंध की जानकारी ही नहीं थी। दूसरी तरफ अधिकारियों ने जागरूकता रैली निकाली और कई दुकानों पर छापामार कर पालीथिन बैग को जब्त किया। जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने कहा पालीथिन बैग पर रोक लगाने के लिए छापेमारी की जाएगी।
बताते चलें कि सरकार ने पालीथिन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके बाद भी किराना, मिठाई की दुकानों, जनरल स्टोर, शू स्टोर, सब्जी व फल की दुकानों सहित ज्यादातर प्रतिष्ठानों पर खुलेआम पालीथिन बैग में सामान दिया जा रहा है। नगर के किराना व्यापारी पंकज गुप्ता ने बताया कि पालीथिन बंद होने से कागज के बने खोखे और बैग का प्रयोग अधिक होगा। व्यापार मंडल के महामंत्री अमित गुप्ता ने बताया कि पालीथिन बंद होने से कपड़े के बने बैग का प्रयोग दोबारा होने लगेगा। वहीं प्रदूषण में भी सुधार होगा।
आदेश का प्रचार-प्रसार नहीं
नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई का अधिकांश सब्जी विक्रेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि हर सब्जी विक्रेता अखबार नहीं पढ़ता है। ऐसे में उसे आदेश के अमल की तारीख के बारे में पता ही नहीं है। नगर निगम अधिकारियों ने आदेश के संबंध में शहर में न होर्डिंग लगवाए और न ही मुनादी करवाई।
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सीन एक
दक्षिण थाने के पीछे गल्ला मंडी में एक दुकान पर ग्राहकों को धड़ल्ले से पालीथिन बैग में सामान दिया जा रहा था। पूछने पर बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। जब तक कोई मना नहीं करता तब तक बेचते रहेंगे। इसी प्रकार दूसरे किराना व्यवसायी ने बताया कि कोर्ट के किसी आदेश और प्रतिबंध की पूरी जानकारी नहीं है। पूछने पर बताया कि जब कोई कहेगा तो मानेंगे।
सीन दो
सर्कुलर रोड के पास पालीथिन में एक ठेल वाला दुकानदार सब्जियां दे रहा था। जानकारी लेने पर बताया कि ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है। पालीथिन बैग में सब्जियां नहीं देनी हैं ऐसा करने से किसी ने मना नहीं किया। पास ही चाय की दुकान खोले राजाबाबू ने बताया कि अभी तक तो ग्राहकों को प्लास्टिक की थैली में चाय दे देते थे लेकिन अब कैसे देंगे।
सीन तीन
यही हालात सदर बाजार इलाके का है। यहां पर भी दुकानदार ग्राहक को पालीथिन में रखकर ब्रेड देता मिला। दुकानदार ने बताया कि कोर्ट का आदेश तो पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा है लेकिन इसका सख्ती से पालन होना चाहिए। अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने से ही जागरूकता फैलेगी। फलों का ठेला लगाए रोशन ने बताया कि पालीथिन का प्रयोग न करने का आदेश मालूम नहीं है। अभी तक किसी ने मना भी नहीं किया इसलिए प्रयोग कर रहे हैं।
सीन चार
पटेलनगर में भी पालीथिन का दिनभर ग्राहकों और दुकानदारों ने इस्तेमाल किया। दुकानदार ने ग्राहक के मांगने पर मूंगफली तौली और पालीथिन बैग में भरकर दे दी। बताया कि कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। वैसे भी पहले से जो पालीथिन रखी हैं उसे तो निकालना ही पड़ेगा।
कागज के लिफाफे और कपड़े के बैग
पालीथिन पर रोक लगने के बाद प्लास्टिक बैग बेचने वाले व्यवसायियों को भले ही लाखों रुपये की चपत लग रही हो लेकिन प्रदूषण नियंत्रण में इससे काफी मदद मिलेगी। पालीथिन की जगह लोग कागज के बने लिफाफे और कपड़े के बैग का इस्तेमाल करेंगे।
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बताते चलें कि सरकार ने पालीथिन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके बाद भी किराना, मिठाई की दुकानों, जनरल स्टोर, शू स्टोर, सब्जी व फल की दुकानों सहित ज्यादातर प्रतिष्ठानों पर खुलेआम पालीथिन बैग में सामान दिया जा रहा है। नगर के किराना व्यापारी पंकज गुप्ता ने बताया कि पालीथिन बंद होने से कागज के बने खोखे और बैग का प्रयोग अधिक होगा। व्यापार मंडल के महामंत्री अमित गुप्ता ने बताया कि पालीथिन बंद होने से कपड़े के बने बैग का प्रयोग दोबारा होने लगेगा। वहीं प्रदूषण में भी सुधार होगा।
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आदेश का प्रचार-प्रसार नहीं
नगर निगम द्वारा की गई कार्रवाई का अधिकांश सब्जी विक्रेताओं ने विरोध किया है। उनका कहना है कि हर सब्जी विक्रेता अखबार नहीं पढ़ता है। ऐसे में उसे आदेश के अमल की तारीख के बारे में पता ही नहीं है। नगर निगम अधिकारियों ने आदेश के संबंध में शहर में न होर्डिंग लगवाए और न ही मुनादी करवाई।
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सीन एक
दक्षिण थाने के पीछे गल्ला मंडी में एक दुकान पर ग्राहकों को धड़ल्ले से पालीथिन बैग में सामान दिया जा रहा था। पूछने पर बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। जब तक कोई मना नहीं करता तब तक बेचते रहेंगे। इसी प्रकार दूसरे किराना व्यवसायी ने बताया कि कोर्ट के किसी आदेश और प्रतिबंध की पूरी जानकारी नहीं है। पूछने पर बताया कि जब कोई कहेगा तो मानेंगे।
सीन दो
सर्कुलर रोड के पास पालीथिन में एक ठेल वाला दुकानदार सब्जियां दे रहा था। जानकारी लेने पर बताया कि ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है। पालीथिन बैग में सब्जियां नहीं देनी हैं ऐसा करने से किसी ने मना नहीं किया। पास ही चाय की दुकान खोले राजाबाबू ने बताया कि अभी तक तो ग्राहकों को प्लास्टिक की थैली में चाय दे देते थे लेकिन अब कैसे देंगे।
सीन तीन
यही हालात सदर बाजार इलाके का है। यहां पर भी दुकानदार ग्राहक को पालीथिन में रखकर ब्रेड देता मिला। दुकानदार ने बताया कि कोर्ट का आदेश तो पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा है लेकिन इसका सख्ती से पालन होना चाहिए। अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने से ही जागरूकता फैलेगी। फलों का ठेला लगाए रोशन ने बताया कि पालीथिन का प्रयोग न करने का आदेश मालूम नहीं है। अभी तक किसी ने मना भी नहीं किया इसलिए प्रयोग कर रहे हैं।
सीन चार
पटेलनगर में भी पालीथिन का दिनभर ग्राहकों और दुकानदारों ने इस्तेमाल किया। दुकानदार ने ग्राहक के मांगने पर मूंगफली तौली और पालीथिन बैग में भरकर दे दी। बताया कि कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। वैसे भी पहले से जो पालीथिन रखी हैं उसे तो निकालना ही पड़ेगा।
कागज के लिफाफे और कपड़े के बैग
पालीथिन पर रोक लगने के बाद प्लास्टिक बैग बेचने वाले व्यवसायियों को भले ही लाखों रुपये की चपत लग रही हो लेकिन प्रदूषण नियंत्रण में इससे काफी मदद मिलेगी। पालीथिन की जगह लोग कागज के बने लिफाफे और कपड़े के बैग का इस्तेमाल करेंगे।