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150 करोड़ के आर्डर निरस्त होने का मंडरा रहा खतरा
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150 करोड़ के आर्डर निरस्त होने का मंडरा रहा खतरा
निर्यातकों-सप्लायर्स पर बढ़ रहा पूरा करने का दबाव, माउथ ब्लोइंग इकाइयों में दसवें दिन भी लगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। माउथ ब्लोइंग इकाइयों में उत्पादन प्रक्रिया दसवें दिन भी ठप रही। कांच निर्यातकों और सप्लायर्स की मानें जरूरत से ज्यादा देरी होने के कारण विदेशी अथवा बाजार से मिले 150 करोड़ के आर्डरों के निरस्त होने का खतरा भी मंडरा रहा है।
फिरोजाबाद की माउथ ब्लोइंग इकाइयों में काम न होने से इकाइयों की फर्नेस भी ठंडी पड़ने लगीं हैं। माउथ ब्लोइंग कारखानों में काम नहीं लगने से कांच निर्यातकों व सप्लायर्स को विदेशों अथवा घरेलू बाजारों से मिले आर्डरों को पूरा कराने में देरी हो रही है। कांच निर्यातकों व सप्लायर्स की मानें तो एक-दो दिन में काम पटरी पर नहीं लौटा तो विदेशों और घरेलू बाजारों (दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद आदि शहरों) के ग्राहकों के आर्डर निरस्त हो सकते हैं। कारण कि फरवरी-मार्च में मिले करीब 150 करोड़ की लागत वाले कांच उत्पादों के आर्डरों को पूरा करने में पहले से ही देरी हो चुकी है। चूंकि शादी सहालग व मांगलिक कार्यक्रमों की शुरूआत से पूर्व आर्डर पूरा कराने होंगे। ऐसा न होने की स्थिति में ग्राहकों ने उक्त सभी आर्डरों को समय से पूरा कराने अन्यथा निरस्त करने के लिये स्थानीय कांच निर्यातकों व सप्लायर्स पर दबाव बना शुरू कर दिया है।
आर्डर की शर्त में यह निर्धारित होता है कि कांच उत्पादों की सप्लाई निर्धारित समय पर हो जायेगी। जब समय से आर्डर पूरा नहीं होंगे तो फिर हमारे हाथ में कुछ नहीं रह जाता है। यह विदेशी ग्राहक पर निर्भर हो जाता है कि वह आर्डर कैसिंल करें अथवा सप्लाई पूरी कराने को और समय दें।
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- मुकेश बंसल टोनी, द एक्सपोर्ट एसोसिएशन
फरवरी-मार्च में घरेलू बाजारों से मिले आर्डरों को इसी माह तक हरहाल में पूरा कराना होगा। चूंकि चंद दिनों बाद सहालग शुरू हो जाएंगे। इसके बाद आर्डर पूरा कराने का कोई फायदा नहीं। घरेलू बाजारों के ग्राहकों ने पुराने आर्डरों की सप्लाई जल्द का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आर्डर निरस्त हुए तो करीब 150 करोड़ के कामकाज प्रभावित होगा।
- देवेंद्र दीक्षित, कांच उत्पादों के सप्लायर्स
कामबंदी से फुंकी एक करोड़ से अधिक की गैस
फिरोजाबाद। रेट बढ़ोत्तरी को लेकर कारखानेदारों और सप्लायर्स के बीच जारी गतिरोध सोमवार को भी जारी रहा। गतिरोध के चलते शहर के 12 माउथ ब्लोइंग कारखानों में उत्पादन का पहिया थम गया है। उत्पादन प्रक्रिया थमने के कारण उक्त कारखानों में प्रतिदिन करीब 60 हजार घनमीटर गैस फुंक रही है। कारखानेदारों की मानें तो अब तक अनुमानत: एक करोड़, 20 लाख रुपये से ज्यादा की गैस फुंक चुकी है। इसके अतिरिक्त कारखानेदारों को अन्य मदों में भी हजारों रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।
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निर्यातकों-सप्लायर्स पर बढ़ रहा पूरा करने का दबाव, माउथ ब्लोइंग इकाइयों में दसवें दिन भी लगा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। माउथ ब्लोइंग इकाइयों में उत्पादन प्रक्रिया दसवें दिन भी ठप रही। कांच निर्यातकों और सप्लायर्स की मानें जरूरत से ज्यादा देरी होने के कारण विदेशी अथवा बाजार से मिले 150 करोड़ के आर्डरों के निरस्त होने का खतरा भी मंडरा रहा है।
फिरोजाबाद की माउथ ब्लोइंग इकाइयों में काम न होने से इकाइयों की फर्नेस भी ठंडी पड़ने लगीं हैं। माउथ ब्लोइंग कारखानों में काम नहीं लगने से कांच निर्यातकों व सप्लायर्स को विदेशों अथवा घरेलू बाजारों से मिले आर्डरों को पूरा कराने में देरी हो रही है। कांच निर्यातकों व सप्लायर्स की मानें तो एक-दो दिन में काम पटरी पर नहीं लौटा तो विदेशों और घरेलू बाजारों (दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और हैदराबाद आदि शहरों) के ग्राहकों के आर्डर निरस्त हो सकते हैं। कारण कि फरवरी-मार्च में मिले करीब 150 करोड़ की लागत वाले कांच उत्पादों के आर्डरों को पूरा करने में पहले से ही देरी हो चुकी है। चूंकि शादी सहालग व मांगलिक कार्यक्रमों की शुरूआत से पूर्व आर्डर पूरा कराने होंगे। ऐसा न होने की स्थिति में ग्राहकों ने उक्त सभी आर्डरों को समय से पूरा कराने अन्यथा निरस्त करने के लिये स्थानीय कांच निर्यातकों व सप्लायर्स पर दबाव बना शुरू कर दिया है।
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आर्डर की शर्त में यह निर्धारित होता है कि कांच उत्पादों की सप्लाई निर्धारित समय पर हो जायेगी। जब समय से आर्डर पूरा नहीं होंगे तो फिर हमारे हाथ में कुछ नहीं रह जाता है। यह विदेशी ग्राहक पर निर्भर हो जाता है कि वह आर्डर कैसिंल करें अथवा सप्लाई पूरी कराने को और समय दें।
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- मुकेश बंसल टोनी, द एक्सपोर्ट एसोसिएशन
फरवरी-मार्च में घरेलू बाजारों से मिले आर्डरों को इसी माह तक हरहाल में पूरा कराना होगा। चूंकि चंद दिनों बाद सहालग शुरू हो जाएंगे। इसके बाद आर्डर पूरा कराने का कोई फायदा नहीं। घरेलू बाजारों के ग्राहकों ने पुराने आर्डरों की सप्लाई जल्द का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। आर्डर निरस्त हुए तो करीब 150 करोड़ के कामकाज प्रभावित होगा।
- देवेंद्र दीक्षित, कांच उत्पादों के सप्लायर्स
कामबंदी से फुंकी एक करोड़ से अधिक की गैस
फिरोजाबाद। रेट बढ़ोत्तरी को लेकर कारखानेदारों और सप्लायर्स के बीच जारी गतिरोध सोमवार को भी जारी रहा। गतिरोध के चलते शहर के 12 माउथ ब्लोइंग कारखानों में उत्पादन का पहिया थम गया है। उत्पादन प्रक्रिया थमने के कारण उक्त कारखानों में प्रतिदिन करीब 60 हजार घनमीटर गैस फुंक रही है। कारखानेदारों की मानें तो अब तक अनुमानत: एक करोड़, 20 लाख रुपये से ज्यादा की गैस फुंक चुकी है। इसके अतिरिक्त कारखानेदारों को अन्य मदों में भी हजारों रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।