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नो एक्सीडेंट डे: कागजों में सिमट गया कार्यक्रम
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 01 Jul 2015 11:39 PM IST
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हादसों की नगरी सुहागनगरी में नो एक्सीडेंट डे कागजों में सिमटकर रह गया। इसको लेकर न तो यातायात पुलिस सजग नजर आई और लोगों को जागरूक करने के लिए चौराहों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर बैनर पोस्टर लगाए गए।
हादसों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर पहल की जाती है। हालांकि नो एक्सीडेंट डे पर पुलिस प्रशासन वाहन चालकों के साथ आम आदमी को जागरूक करना भूल गया। न तो चौराहों पर पुलिस नजर आई और न ही लोगों को जागरूक करने के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जुलाई माह की एक तारीख को नो एक्सीडेंट डे के रूप में मनाया जाता हो, लेकिन इसको लेकर पुलिस प्रशासनिक गलियारे में किसी तरह की चहलकदमी दिखाई नहीं दी। नगर के प्रमुख सुभाष तिराहा, नगला बरी, जाटवपुरी, आसफाबाद, गांधी पार्क, कोटला चुंगी और जलेसर रोड चौराहों पर पुलिस तो नजर आई लेकिन लोगों को जागरूक करने के नाम पर कुछ नहीं हुआ।पुलिस की उपस्थिति के बाद भी लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। कोई मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन दौड़ा रहा था, तो कई ओवरलोड वाहन पुलिस की नजरों से गुजर गए। इन वाहन चालकों को जागरुक करने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई करने की सुध भी संबंधित विभाग के अधिकारियों ने नहीं ली।
परिवहन विभाग ने लगाया नेत्र शिविर
परिवहन विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 125 वाहन चालकों की आंख का परीक्षण किया गया। इनमें से सौ लोगों की आंख की रोशनी सही पाई गई, जबकि 25 लोगों की आंखों की रोशनी कम थी। ऐसे चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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96 वाहनों चालकों के चालान
एआरटीओ परिवर्तन राम सिंह यादव का कहना है कि बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 70, बिना सीट बेल्ट बांधकर वाहन चालाने वाले 12, ओवर लोडिंग के 12 और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करते हुए दो लोगों के चालान किए गए।
तीन वर्ष में हुए हादसे वर्ष बार
वर्ष हादसे मौत घायल
2013 262 265 279
2014 348 355 322
2015 170 175 165
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हादसों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा समय-समय पर पहल की जाती है। हालांकि नो एक्सीडेंट डे पर पुलिस प्रशासन वाहन चालकों के साथ आम आदमी को जागरूक करना भूल गया। न तो चौराहों पर पुलिस नजर आई और न ही लोगों को जागरूक करने के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जुलाई माह की एक तारीख को नो एक्सीडेंट डे के रूप में मनाया जाता हो, लेकिन इसको लेकर पुलिस प्रशासनिक गलियारे में किसी तरह की चहलकदमी दिखाई नहीं दी। नगर के प्रमुख सुभाष तिराहा, नगला बरी, जाटवपुरी, आसफाबाद, गांधी पार्क, कोटला चुंगी और जलेसर रोड चौराहों पर पुलिस तो नजर आई लेकिन लोगों को जागरूक करने के नाम पर कुछ नहीं हुआ।पुलिस की उपस्थिति के बाद भी लोग यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। कोई मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन दौड़ा रहा था, तो कई ओवरलोड वाहन पुलिस की नजरों से गुजर गए। इन वाहन चालकों को जागरुक करने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई करने की सुध भी संबंधित विभाग के अधिकारियों ने नहीं ली।
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परिवहन विभाग ने लगाया नेत्र शिविर
परिवहन विभाग द्वारा जिला मुख्यालय पर नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 125 वाहन चालकों की आंख का परीक्षण किया गया। इनमें से सौ लोगों की आंख की रोशनी सही पाई गई, जबकि 25 लोगों की आंखों की रोशनी कम थी। ऐसे चालकों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
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96 वाहनों चालकों के चालान
एआरटीओ परिवर्तन राम सिंह यादव का कहना है कि बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 70, बिना सीट बेल्ट बांधकर वाहन चालाने वाले 12, ओवर लोडिंग के 12 और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करते हुए दो लोगों के चालान किए गए।
तीन वर्ष में हुए हादसे वर्ष बार
वर्ष हादसे मौत घायल
2013 262 265 279
2014 348 355 322
2015 170 175 165