{"_id":"5727553a4f1c1bfa525cd8c4","slug":"ngt-filed-a-dozen-units-ptravlian","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनजीटी में एक दर्जन इकाइयों की पत्रावलियां दाखिल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनजीटी में एक दर्जन इकाइयों की पत्रावलियां दाखिल
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 02 May 2016 11:22 PM IST
विज्ञापन
प्रदूषण
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उद्योग विभाग ने एक दर्जन इकाइयों की पत्रावलियां एनजीटी में दाखिल कर दी हैं। वहीं चार इकाइयों की पत्रावलियां न मिलने पर शपथ पत्र दाखिल किए गए हैं। चार मई को एनजीटी में पुन: होने वाली सुनवाई को लेकर अफसरों और उद्यमियों में बेचैनी है।
सुहागनगरी के कांच उद्योग के खिलाफ नई दिल्ली की सेफ संस्था शिकायतें की जा रही हैं। सेफ संस्था द्वारा प्रदूषण बोर्ड की अनुमति के बिना इकाइयों का संचालन होने, क्षमता विस्तार, उद्योग विभाग द्वारा इकाइयों को गलत रूप से संचालन की अनुमति देने सहित 143 इकाइयों के मामले शिकायत दर्ज की गई थी। मामले में एनजीटी ने सभी विभागों से जवाब दाखिल करने को कहा था। एनजीटी के निर्देश के बावजूद उद्योग विभाग ने सभी इकाइयों का कोल कैपेसिटी से संबंधित डाटा दाखिल नहीं किया था। गत माह सुनवाई के दौरान विपक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि उद्योग विभाग द्वारा सभी कोल कैपेसिटी का डाटा नहीं दिया गया। इधर, नीरी की फाइनल रिपोर्ट का अध्ययन के लिए भी समय चाहिए था। अत: एनजीटी ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि जल्द शेष इकाइयों की पत्रावलियां दाखिल करें। वहीं जिन इकाइयों की पत्रावलियां नहीं है, उनका दाखिल शपथ पत्र दाखिल करें। उद्योग विभाग ने एक दर्जन इकाइयों की पत्रावलियां एनजीटी में दाखिल कर दी हैं। वहीं चार इकाइयों के शपथ पत्र दाखिल किए हैं। तत्कालीन उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर शेष इकाइयों की कोल कैपेसिटी से संबंधित पत्रावलियां दाखिल कर दी गई हैं। अब चार मई को एनजीटी में पुन: सुनवाई होगी।
विज्ञापन
सुहागनगरी के कांच उद्योग के खिलाफ नई दिल्ली की सेफ संस्था शिकायतें की जा रही हैं। सेफ संस्था द्वारा प्रदूषण बोर्ड की अनुमति के बिना इकाइयों का संचालन होने, क्षमता विस्तार, उद्योग विभाग द्वारा इकाइयों को गलत रूप से संचालन की अनुमति देने सहित 143 इकाइयों के मामले शिकायत दर्ज की गई थी। मामले में एनजीटी ने सभी विभागों से जवाब दाखिल करने को कहा था। एनजीटी के निर्देश के बावजूद उद्योग विभाग ने सभी इकाइयों का कोल कैपेसिटी से संबंधित डाटा दाखिल नहीं किया था। गत माह सुनवाई के दौरान विपक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि उद्योग विभाग द्वारा सभी कोल कैपेसिटी का डाटा नहीं दिया गया। इधर, नीरी की फाइनल रिपोर्ट का अध्ययन के लिए भी समय चाहिए था। अत: एनजीटी ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि जल्द शेष इकाइयों की पत्रावलियां दाखिल करें। वहीं जिन इकाइयों की पत्रावलियां नहीं है, उनका दाखिल शपथ पत्र दाखिल करें। उद्योग विभाग ने एक दर्जन इकाइयों की पत्रावलियां एनजीटी में दाखिल कर दी हैं। वहीं चार इकाइयों के शपथ पत्र दाखिल किए हैं। तत्कालीन उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एनजीटी के निर्देश पर शेष इकाइयों की कोल कैपेसिटी से संबंधित पत्रावलियां दाखिल कर दी गई हैं। अब चार मई को एनजीटी में पुन: सुनवाई होगी।
विज्ञापन