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नीरी की रिपोर्ट न मिलने से बढ़ रही बेचैनी
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 13 Dec 2015 06:40 PM IST
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लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी जिला प्रशासन को अभी तक नीरी की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है। नीरी की रिपोर्ट ने मिलने से जिला प्रशासन, उद्योग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के साथ उद्यमियों में खासी बेचैनी है।
सुहागनगरी में लगातार बढ़ते प्रदूषण एवं कांच इकाईयों द्वारा विस्तारीकरण के मामले को लेकर बाहरी संस्थाओं द्वारा एनजीटी, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, संसदीय कमेटी में लगातार शिकायतें की जा रही हैं। टीटीजेड अथॉरिटी अध्यक्ष के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा नेशनल एनवायरमेंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रदूषण की विस्तृत जांच कराई गई है। जांच कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 55 लाख रुपये धनराशि खर्च की जा रही है।
नीरी की टीम ने फीरोजाबाद में कई दिनों तक प्रदूषण की जांच की। नीरी द्वारा प्रदूषण की फाइनल रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नीरी द्वारा तैयार रिपोर्ट का जिला प्रशासन को बेसब्री से इंतजार है। इसका प्रमुख कारण नवंबर माह में पर्यावरण मंत्रालय की बैठक में कोई निर्णय नहीं होना है। पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्ट कह दिया है कि नीरी की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई होगी।
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इधर, 16 दिसंबर को एनजीटी में भी 142 इकाईयों को लेकर सुनवाई होनी है। इससे पहले पर्यावरण मंत्रालय में भी जवाब दाखिल करना है। जिला प्रशासन द्वारा पत्र भेजकर 10 दिसंबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक रिपोर्ट न मिलने से प्रशासनिक अफसरों के साथ उद्यमियों में भी बेचैनी है। इस संबंध में उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि अभी तक नीरी की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है। नीरी की रिपोर्ट जल्द मिलने की उम्मीद है।
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सुहागनगरी में लगातार बढ़ते प्रदूषण एवं कांच इकाईयों द्वारा विस्तारीकरण के मामले को लेकर बाहरी संस्थाओं द्वारा एनजीटी, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, संसदीय कमेटी में लगातार शिकायतें की जा रही हैं। टीटीजेड अथॉरिटी अध्यक्ष के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा नेशनल एनवायरमेंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा प्रदूषण की विस्तृत जांच कराई गई है। जांच कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 55 लाख रुपये धनराशि खर्च की जा रही है।
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नीरी की टीम ने फीरोजाबाद में कई दिनों तक प्रदूषण की जांच की। नीरी द्वारा प्रदूषण की फाइनल रिपोर्ट तैयार की जा रही है। नीरी द्वारा तैयार रिपोर्ट का जिला प्रशासन को बेसब्री से इंतजार है। इसका प्रमुख कारण नवंबर माह में पर्यावरण मंत्रालय की बैठक में कोई निर्णय नहीं होना है। पर्यावरण मंत्रालय ने स्पष्ट कह दिया है कि नीरी की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कोई कार्रवाई होगी।
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इधर, 16 दिसंबर को एनजीटी में भी 142 इकाईयों को लेकर सुनवाई होनी है। इससे पहले पर्यावरण मंत्रालय में भी जवाब दाखिल करना है। जिला प्रशासन द्वारा पत्र भेजकर 10 दिसंबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक रिपोर्ट न मिलने से प्रशासनिक अफसरों के साथ उद्यमियों में भी बेचैनी है। इस संबंध में उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया है कि अभी तक नीरी की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है। नीरी की रिपोर्ट जल्द मिलने की उम्मीद है।