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मुस्तफाबाद पुलिया से आगे रामनगर नाले में जमी है सिल्ट
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संत नगर से मुस्तफावाद नाला कूड़े और गंदगी से पड़ा चौक
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। चंद्रवारगेट पुलिया से शुरू होकर रामनगर, मुस्तफाबाद से प्रेमपुर रैपुरा होते हुए यमुना में गिरने वाले नाले की लंबाई करीब सात किलो मीटर लंबी है। जबकि गहराई 12 से 14 फीट है। बरसात के दिनों में आधे से अधिक शहर का पानी इस नाले के माध्यम से यमुना तक पहुंचता है। चंद्रवारगेट पुलिया से लेकर मुस्तफाबाद पुलिया तक नाला पूरी तरह से साफ है, लेकिन मुस्ताफाबाद पुलिया के बाद नाले में करीब चार से पांच फीट सिल्ट जमा हो गई है। जिससे जलनिकासी प्रभावित होती है। जिसको साफ कराने का कार्य शुक्रवार को नगर निगम अधिकारियों ने शुरू करा दिया। क्योंकि मानसून की दस्तक से पूर्व यह नाला साफ नहीं हुआ तो आधे से अधिक शहर में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाएगी।
कच्चा नाला और बंधा बना हुआ है मुसीबत
मुस्तफाबाद की पुलिया के समीप खेती करने वाले ग्रामीणों की माने तो प्रेमपुर रैपुरा के समीप जहां ग्रामीणों ने नाले में बंधा लगाकर उसका पानी सिंचाई के लिए प्रयोग कर रहे है। वहां यमुना नदी से करीब चार किलो मीटर पहले तक नाला कच्चा होना भी शहर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की बड़ी समस्या है। क्योंकि नगर निगम द्वारा हर वर्ष नाले की सफाई पक्के नाले तक ही कराई जाती है। जहां से कच्चा नाला शुरू होता है। उसके बाद सफाई कार्य नहीं होता। जिसको लेकर बरसात में जहां पानी का बहाव प्रभावित होता है। वहीं कई क्षेत्रों के साथ खेतों में भी पानी भर जाता है।
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कच्चा नाला और बंधा बना हुआ है मुसीबत
मुस्तफाबाद की पुलिया के समीप खेती करने वाले ग्रामीणों की माने तो प्रेमपुर रैपुरा के समीप जहां ग्रामीणों ने नाले में बंधा लगाकर उसका पानी सिंचाई के लिए प्रयोग कर रहे है। वहां यमुना नदी से करीब चार किलो मीटर पहले तक नाला कच्चा होना भी शहर और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की बड़ी समस्या है। क्योंकि नगर निगम द्वारा हर वर्ष नाले की सफाई पक्के नाले तक ही कराई जाती है। जहां से कच्चा नाला शुरू होता है। उसके बाद सफाई कार्य नहीं होता। जिसको लेकर बरसात में जहां पानी का बहाव प्रभावित होता है। वहीं कई क्षेत्रों के साथ खेतों में भी पानी भर जाता है।
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