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नगला हीरा में रजबहा के कटान से हजारों बीघा फसल बर्बाद
अमर उजाला ब्यूराे फीराेजाबाद
Updated Wed, 21 Dec 2016 12:36 AM IST
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पानी में डुुबी फसल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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सिरसागंज के नगला हीरा में मंगलवार की सुबह रजबहा के पानी ने उफान मारा तो आस पास के चार गांव के खेतों की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे हजारों बीघा फसल बर्बाद हो रही है। प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों ने उखरेंड भदान मार्ग पर पेड़ डालकर जाम कर दिया।
मंगलवार अलसुबह करीब तीन बजे जैसे ही ग्रामीणों को सूरजपुर नगला सुर्खी से आने वाले रजबहा में पानी बढ़ने की खबर मिली किसानों के होश उड़ गए। जब तक किसान अपने खेतों तक फावडे़ और ट्रैक्टर लेकर पहुंचे तब तक पानी खेतों की मेड़ तोड़कर फसल को बर्बाद कर चुका था। नगला हीरा, नगला मुकुंद, चिरूहली, नगला हुलासी व नगला रामसुख के कई लोगों ने अपने बीबी बच्चों के साथ मिलकर घंटों तक फावड़ों से खेत की मेढ़बंदी कर पानी को फसल तक आने से रोकने का प्रयास किया। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि सुबह आठ बजे तक हजारों बीघा फसल जलमग्न हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने तभी नलकूप विभाग को रजबहा के पानी फटने की जानकारी दी थी लेकिन 11 बजे नलकूप विभाग के अधिकारियों ने पानी को रोका इससे नाराज किसानों ने उखरेंड भदान मुख्य मार्ग को पेड़ डालकर जाम कर दिया। मौके पर पूर्व मंत्री जयवीर सिंह पहुंचे तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों के रोडजाम करने पर सिरसागंज और नगला खंगर की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई थी। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वो किसानों को मुआवजा दिलाने को सर्वे करेंगे।
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नगला हीरा निवासी रामस्वरूप, रामकिशन, बच्चीलाल आदि ने बताया कि पिछली साल भी इन्ही दिनों फसल रखने के बाद रजबहा का पानी कटा था और तब भी किसानों को भारी नुकसान हुआ था लेकिन प्रशासन ने अभी तक किसानों के नुकसान की कोई भरपाई नही की। रवीश कुमार और रोहन सिंह ने बताया कि एक ओर तो शीतग्रहों में बचे हुऐ आलू को खरीदने वाले ग्राहक नहीं है और दूसरी ओर हम किसानों को खेतों में खड़ी फसल से आस भी थी तो इस रजबहा के पानी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
किन किन किसानों को हुआ नुकसान
महेन्द्र सिंह, विजयपाल, मुकेश, रामकिशन, बच्चीलाल, रामस्वरूप, भगवान सिंह, रवीश, राकेश, प्रताप, रोहन सिंह, गयाप्रसाद, श्रीकृष्ण, सत्यराम शादीलाल, किशोरीलाल, रामस्वरूप, सुघरसिंह, रमेशचंद्र, अशोक, सोनू, राजाराम, रतनपाल, लालाराम, रामसेवक, रूपसिंह, नरेशचंद्र, बंटू फौजी, परमलाल,केदार सिंह, नेत्रपाल, सुनीला कुमार, बृजकिशोर, दिनेशचंद्र, मुकेश, सुरेन्द्र, जसवंत, प्रमोद, श्याम सिंह, ओमप्रकाश, रामकिशोर, विद्याराम, उमेशचंद्र, चतुर सिंह, जगदीश, रनवीर रामस्वरूप व रामकिशन के खेत की फसलें रजवाहे के पानी में पूरी तरह से जलमगभन होकर बर्बाद हो गयीं।
मंगलवार अलसुबह करीब तीन बजे जैसे ही ग्रामीणों को सूरजपुर नगला सुर्खी से आने वाले रजबहा में पानी बढ़ने की खबर मिली किसानों के होश उड़ गए। जब तक किसान अपने खेतों तक फावडे़ और ट्रैक्टर लेकर पहुंचे तब तक पानी खेतों की मेड़ तोड़कर फसल को बर्बाद कर चुका था। नगला हीरा, नगला मुकुंद, चिरूहली, नगला हुलासी व नगला रामसुख के कई लोगों ने अपने बीबी बच्चों के साथ मिलकर घंटों तक फावड़ों से खेत की मेढ़बंदी कर पानी को फसल तक आने से रोकने का प्रयास किया। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि सुबह आठ बजे तक हजारों बीघा फसल जलमग्न हो चुकी थी।
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ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने तभी नलकूप विभाग को रजबहा के पानी फटने की जानकारी दी थी लेकिन 11 बजे नलकूप विभाग के अधिकारियों ने पानी को रोका इससे नाराज किसानों ने उखरेंड भदान मुख्य मार्ग को पेड़ डालकर जाम कर दिया। मौके पर पूर्व मंत्री जयवीर सिंह पहुंचे तो उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को किसानों की समस्या से अवगत कराया। ग्रामीणों के रोडजाम करने पर सिरसागंज और नगला खंगर की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई थी। एसडीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वो किसानों को मुआवजा दिलाने को सर्वे करेंगे।
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नगला हीरा निवासी रामस्वरूप, रामकिशन, बच्चीलाल आदि ने बताया कि पिछली साल भी इन्ही दिनों फसल रखने के बाद रजबहा का पानी कटा था और तब भी किसानों को भारी नुकसान हुआ था लेकिन प्रशासन ने अभी तक किसानों के नुकसान की कोई भरपाई नही की। रवीश कुमार और रोहन सिंह ने बताया कि एक ओर तो शीतग्रहों में बचे हुऐ आलू को खरीदने वाले ग्राहक नहीं है और दूसरी ओर हम किसानों को खेतों में खड़ी फसल से आस भी थी तो इस रजबहा के पानी ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
किन किन किसानों को हुआ नुकसान
महेन्द्र सिंह, विजयपाल, मुकेश, रामकिशन, बच्चीलाल, रामस्वरूप, भगवान सिंह, रवीश, राकेश, प्रताप, रोहन सिंह, गयाप्रसाद, श्रीकृष्ण, सत्यराम शादीलाल, किशोरीलाल, रामस्वरूप, सुघरसिंह, रमेशचंद्र, अशोक, सोनू, राजाराम, रतनपाल, लालाराम, रामसेवक, रूपसिंह, नरेशचंद्र, बंटू फौजी, परमलाल,केदार सिंह, नेत्रपाल, सुनीला कुमार, बृजकिशोर, दिनेशचंद्र, मुकेश, सुरेन्द्र, जसवंत, प्रमोद, श्याम सिंह, ओमप्रकाश, रामकिशोर, विद्याराम, उमेशचंद्र, चतुर सिंह, जगदीश, रनवीर रामस्वरूप व रामकिशन के खेत की फसलें रजवाहे के पानी में पूरी तरह से जलमगभन होकर बर्बाद हो गयीं।