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Firozabad News: सांसद सुमन की टिप्पणी का एमपीएमएलए कोर्ट ने लिया संज्ञान
Fri, 27 Jun 2025 11:12 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 27 Jun 2025 11:12 PM IST
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सांकेतिक
फिरोजाबाद। सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन की ओर से राणा सांगा पर की गई टिप्पणी पर एमपी एमएलए कोर्ट में दलवीर सिंह तोमर की ओर से दायर याचिका पर सहमति जाहिर की है। अगली सुनवाई की तिथि 30 जून तय की है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सचिव दलवीर सिंह तोमर ने सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा महाराणा राणा सांगा पर अभद्र टिप्पणी किए जाने पर एमपी एमएलए कोर्ट फिरोजाबाद में याचिका दाखिल की थी। इसमें राज्यसभा सांसद की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अब्दुल सलाम ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर संविधान के अनुच्छेद 105 का हवाला देते हुए याचिका निरस्त करने की मांग की गई। वादी दलवीर सिंह तोमर एडवोकेट द्वारा इस स्तर पर दिए प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया। न्यायालय द्वारा दलवीर सिंह तोमर एडवोकेट द्वारा दर्ज कराई आपत्ति से सहमति व्यक्त करते हुए रामजी लाल सुमन के अधिवक्ता द्वारा दिए तथ्यों से असहमति व्यक्त की। दलवीर सिंह तोमर का कहना है कि इसके बाद राज्यसभा सांसद के अधिवक्ता ने अपनी आपत्ति वापस ले ली। न्यायालय में रुद्र प्रताप सिंह सिसोदिया द्वारा गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज कराए गए। शेष गवाह के बयान दर्ज कराए जाने के लिए 30 जून की तिथि तय की है। अब्दुल सलाम ने कहा कि मैंने अपनी ओर से संविधान में की गई व्यवस्था की जानकारी देने को न्यायालय में अर्जी लगाई थी,उसे वापस ले लिया है।
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय सचिव दलवीर सिंह तोमर ने सपा के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के द्वारा महाराणा राणा सांगा पर अभद्र टिप्पणी किए जाने पर एमपी एमएलए कोर्ट फिरोजाबाद में याचिका दाखिल की थी। इसमें राज्यसभा सांसद की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अब्दुल सलाम ने न्यायालय के समक्ष उपस्थित होकर संविधान के अनुच्छेद 105 का हवाला देते हुए याचिका निरस्त करने की मांग की गई। वादी दलवीर सिंह तोमर एडवोकेट द्वारा इस स्तर पर दिए प्रार्थना पत्र का विरोध किया गया। न्यायालय द्वारा दलवीर सिंह तोमर एडवोकेट द्वारा दर्ज कराई आपत्ति से सहमति व्यक्त करते हुए रामजी लाल सुमन के अधिवक्ता द्वारा दिए तथ्यों से असहमति व्यक्त की। दलवीर सिंह तोमर का कहना है कि इसके बाद राज्यसभा सांसद के अधिवक्ता ने अपनी आपत्ति वापस ले ली। न्यायालय में रुद्र प्रताप सिंह सिसोदिया द्वारा गवाह के रूप में अपने बयान दर्ज कराए गए। शेष गवाह के बयान दर्ज कराए जाने के लिए 30 जून की तिथि तय की है। अब्दुल सलाम ने कहा कि मैंने अपनी ओर से संविधान में की गई व्यवस्था की जानकारी देने को न्यायालय में अर्जी लगाई थी,उसे वापस ले लिया है।
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