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Firozabad News: कोरोना की तरह एचएमपीवी को हराएगी माइक्रोबायोलॉजी लैब
Sat, 11 Jan 2025 03:52 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 11 Jan 2025 03:52 PM IST
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फिरोजाबाद। ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) ने लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं, लेकिन स्वशासी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब कोरोना की तरह एचएमपीवी की जांच के लिए तैयार है। आवश्यकता पड़ी तो लैब में उच्च गुणवत्ता के साथ वायरस की जांच की जा सकती है। चिकित्सकों के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज कैंपस में स्थापित अत्याधुनिक लैब मध्यम से उच्च जोखिम वाले वायरस का पता लगाने में सक्षम है। यहां जांच के लिए वायरल ट्रांसपोर्ट मीडिया (वीटीएम) रसायन भी उपलब्ध है, कुछ अलग रिजेंट मंगवाने पड़ेंगे। राहत की सबसे बड़ी बात है कि फिरोजाबाद के आसपास जनपदों में इसका मरीज नहीं आया है।स्वशासी मेडिकल की माइक्रोबायोलोजी लैब कोरोना जांच में मंडल की सबसे अहम लैब में से थी। यहां 17 लाख कोविड सैंपलों की जांच की गई थी। यहां हर दिन 3500 सैंपल जांच की सुविधा है। कोरोना की दूसरी व तीसरी लहर में मेडिकल कॉलेज की इस लैब में फिरोजाबाद जिले के साथ एटा, कासगंज, मथुरा जिलों की भी जांच की गई थी।
मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग प्रभारी डॉ. हरिओम सरन ने बताया लैब में कोरोना, इंफ्लुएंजा, डेंगू, हेपेटाइटिस सी, चिकनगुनिया आदि की जांच होती है। उन्होंने बताया एचएमपीवी एक आरएनए वायरस है, इस तरह के वायरस की जांच यहां पहले से हो रही है। जांच को वीटीएम रसायन भी मौजूद है, सिर्फ अलग रिजेंट मंगवाने पड़ेंगे। शासन का आदेश होते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। इस लैब से कोरोना की तरह फिरोजाबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों को भी लाभ मिलेगा।
सीएमएस डॉ. नवीन जैन ने बताया कि अब तक प्रदेश में अब तक एचएमपीवी का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियातन आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ी तो हमारे पास पर्याप्त मास्क और अन्य इंतजाम हैं।
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यह है एचएमपीवी
एचएमपीवी एक मौसमी वायरस है, जो खासकर वसंत ऋतु में सक्रिय होता है। इस वायरस का अभी तक कोई टीका उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं को जन्म देता है।
सीएमएस ने लोगों से की अपील
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन ने लोगों से अपील की है कि सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखने पर अनावश्यक भीड़ से बचें और स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। साथ ही, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के संभावित मरीजों के लिए उपचार की पूरी व्यवस्था कर रखी है। सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। एचएमपीवी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
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मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग प्रभारी डॉ. हरिओम सरन ने बताया लैब में कोरोना, इंफ्लुएंजा, डेंगू, हेपेटाइटिस सी, चिकनगुनिया आदि की जांच होती है। उन्होंने बताया एचएमपीवी एक आरएनए वायरस है, इस तरह के वायरस की जांच यहां पहले से हो रही है। जांच को वीटीएम रसायन भी मौजूद है, सिर्फ अलग रिजेंट मंगवाने पड़ेंगे। शासन का आदेश होते ही जांच शुरू कर दी जाएगी। इस लैब से कोरोना की तरह फिरोजाबाद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों को भी लाभ मिलेगा।
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सीएमएस डॉ. नवीन जैन ने बताया कि अब तक प्रदेश में अब तक एचएमपीवी का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियातन आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जरूरत पड़ी तो हमारे पास पर्याप्त मास्क और अन्य इंतजाम हैं।
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यह है एचएमपीवी
एचएमपीवी एक मौसमी वायरस है, जो खासकर वसंत ऋतु में सक्रिय होता है। इस वायरस का अभी तक कोई टीका उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण खांसी, बुखार, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं को जन्म देता है।
सीएमएस ने लोगों से की अपील
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवीन जैन ने लोगों से अपील की है कि सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण दिखने पर अनावश्यक भीड़ से बचें और स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। साथ ही, लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण के संभावित मरीजों के लिए उपचार की पूरी व्यवस्था कर रखी है। सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। एचएमपीवी के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद