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मानसिक रूप से मजबूत बनाकर ऑफलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित किए जा रहे बच्चे

Thu, 31 Mar 2022 11:51 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 11:51 PM IST
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मानसिक रूप से मजबूत बनाकर ऑफलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित किए जा रहे बच्चे
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- कोरोना काल में प्रभावित शिक्षा की भरपाई का भी किया जा रहा प्रयास,
- शिक्षकों के साथ अभिभावक भी कर रहे बच्चों की मदद
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। कोरोना संक्रमण का प्रभाव कम होने के बाद स्कूल खुल गए हैं। इससे विद्यालयों में रौनक लौट आयी है। ऑनलाइन माध्यम से पढ़ रहे विद्यार्थियों के समक्ष ऑफलाइन परीक्षा देना तनाव भरा भरा रहा। अब नए सत्र में विद्यार्थी बिना तनाव पढ़ाई जारी रखें इसके लिए स्कूलों में बच्चों की काउंसलिंग कराई जा रही है। खेलकूद के साथ अन्य गतिविधियों में शामिल कर मानसिक तौर पर मजबूत बनाया जा रहा है। इस कार्य अभिभावक भी अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं।
एसआरएस मेमोरियल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंड्री स्कूल के डायरेक्टर जयवीर सिंह तोमर ने बताया कि बच्चों से संवाद कर उनकी समस्याओं का पता लगाया जा रहा है। शिक्षक छात्रों को ऑफलाइन पढ़ाई के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कोरोना काल में शिक्षण संबंधी जो कमी रह गई थी, उसकी भरपाई के लिए प्रधानाचार्य और शिक्षक भी बच्चों से संवाद कर रहे हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ने की क्षमता पर पड़ा है। बच्चों के लिखने का अभ्यास बहुत कम हो गया है। पढ़ने की ललक समाप्त हो गई है। अब शिक्षक-शिक्षिकाएं बच्चों के किताबें पढ़वाने के साथ सुलेख लेखन करा रहे हैं। यही नहीं उन्हें ऐतिहासिक इमारतों को घुमाने भी ले जाया जा रहा है।
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- ऑनलाइन शिक्षा में सबसे बड़ी समस्या बच्चे का ध्यान कम रहना है। पढ़ाई में बच्चा नेटवर्क के साथ ही अनेक तकनीकी कारण से अपना ध्यान पढ़ाई में केंद्रित नहीं कर पाता था। ऑफलाइन क्लास में विद्यार्थी फेस टू फेस रहता है। बच्चों को पढ़ाई के साथ व्यवहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। बच्चों को लिखने और पढ़ने का भी अभ्यास कराया जा रहा है। कोरोना काल में बच्चों में लिखने और पढ़ने की क्षमता में कमी आई है।
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- फैजान अहमद, शिक्षक
- ऑफलाइन पढ़ाई में शिक्षक सामने होते हैं और उनसे जो भी पूछना होता है बेझिझक पूछ लेते हैं। जिससे हम हर बात को आसानी से समझ लेते हैं।
- अंजली राजपूत, छात्रा
- ऑनलाइन पढ़ाई में कई खामियां हैं। जैसे नेटवर्क के न आना और कई बार-बार बीच में चले जाना। इससे पढ़ाई में व्यवधान होता था और पढ़ने में मन नहीं लगता था।
- धीरज राजपूत, छात्र
- कोरोना महामारी के चलते दो साल ऑनलाइन पढ़ाई हुई। उसके बाद ऑफलाइन पेपर देने पड़े। आगामी कक्षा में परेशानी न हो। इस कारण पूरी मेहनत करने में जुटे है।

- यथार्थ, छात्र
- ऑनलाइन पढ़ाई कोरोना काल में विकल्प थी। मगर, हम वास्तविक शिक्षा की ओर लौट आए हैं। पूरा फोकस है कि दो साल में जो कमियां हमारे अंदर्र आइं है। उनको दूर कर लिया जाए।
- वर्तिका, छात्रा
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