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40 बेड पर भर्ती हैं 58 बच्चे
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40 बेड पर भर्ती हैं 58 बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गर्मी बढ़ते ही जिले में संक्रामक बीमारियां बढ़ रही हैं। यह हाल मेडिकल कॉलेज से लेकर अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों का है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के वार्ड में 40 बेड पर 58 बच्चे भर्ती हैं। कुछ डायरिया तो कुछ पेट दर्द की समस्या से ग्रस्त हैं।
सिर्फ मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन उल्टी-दस्त, पेट दर्द व बुखार की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या डेढ़ से दो सौ के बीच है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड में कुल 65 मरीज भर्ती मिले। यहां 72 बेड हैं। वहीं बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक पलंग पर दो-दो बच्चे भर्ती करने पड़े। मरीजों के साथ तीमारदारों को भी तकलीफ उठानी पड़ी।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले मरीजों में अधिकतर गर्मी जनित रोगों से पीड़ित हैं। इमरजेंसी से लेकर बाल रोग की ओपीडी तक में डायरिया व अन्य बीमारियों के मरीज पहुंच रहे हैं। यही हाल जिले की सीएचसी, पीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों का भी है।
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वर्जन
मौसम में बदलाव होते ही शरीर पर भी प्रतिकूल असर होता है। इन दिनों बुखार, खांसी, जुकाम व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बदलते मौसम में मरीजों को एलर्जी से बचना चाहिए। धूल से बचने के लिए मास्क लगाएं। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
- डॉ. मनोज कुमार, विभागाध्यक्ष मेडिसन विभाग, मेडिकल कॉलेज
मौसम के बदलाव से बच्चों में कई बीमारियां प्रभावी हो जाती हैं। इनदिनों पेट दर्द, डायरिया, एलर्जी व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को अच्छी तरह से कपड़े पहनाएं। मार्च में उड़ने वाली धूल से भी बचाएं। किसी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- डॉ. एलके गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
मेडिकल कॉलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गर्मी बढ़ते ही जिले में संक्रामक बीमारियां बढ़ रही हैं। यह हाल मेडिकल कॉलेज से लेकर अन्य सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों का है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के वार्ड में 40 बेड पर 58 बच्चे भर्ती हैं। कुछ डायरिया तो कुछ पेट दर्द की समस्या से ग्रस्त हैं।
सिर्फ मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन उल्टी-दस्त, पेट दर्द व बुखार की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या डेढ़ से दो सौ के बीच है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के वार्ड में कुल 65 मरीज भर्ती मिले। यहां 72 बेड हैं। वहीं बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण एक पलंग पर दो-दो बच्चे भर्ती करने पड़े। मरीजों के साथ तीमारदारों को भी तकलीफ उठानी पड़ी।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले मरीजों में अधिकतर गर्मी जनित रोगों से पीड़ित हैं। इमरजेंसी से लेकर बाल रोग की ओपीडी तक में डायरिया व अन्य बीमारियों के मरीज पहुंच रहे हैं। यही हाल जिले की सीएचसी, पीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों का भी है।
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मौसम में बदलाव होते ही शरीर पर भी प्रतिकूल असर होता है। इन दिनों बुखार, खांसी, जुकाम व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बदलते मौसम में मरीजों को एलर्जी से बचना चाहिए। धूल से बचने के लिए मास्क लगाएं। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक की सलाह लें।
- डॉ. मनोज कुमार, विभागाध्यक्ष मेडिसन विभाग, मेडिकल कॉलेज
मौसम के बदलाव से बच्चों में कई बीमारियां प्रभावी हो जाती हैं। इनदिनों पेट दर्द, डायरिया, एलर्जी व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। बच्चों को अच्छी तरह से कपड़े पहनाएं। मार्च में उड़ने वाली धूल से भी बचाएं। किसी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
- डॉ. एलके गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
मेडिकल कॉलेज