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मंगला आरती के साथ कामाख्या धाम के पट बंद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 22 Jun 2015 11:50 PM IST
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मंगला आरती के साथ मां कामाख्या धाम में अंबुबाची महोत्सव का आगाज हो गया। पीठाधीश महेशस्वरूप ब्रह्मचारी के नेतृत्व में वेदमंत्रों के साथ मां के पट बंद किए गए। अब तीन दिन बाद मां के दर्शन होंगे। पट बंद होते समय भक्तों की आंखें नम थी।
जसराना के मां कामाख्या धाम में अंबुबाची महोत्सव की शुरुआत मंगला आरती के साथ हो गई। मंगला आरती के साथ कुरावली की अनुराधा मिश्रा, नोएडा की पूजा पुंडीर, भौंडसी हरियाणा की अनुराधा उपाध्याय, झपारा की निर्मला यादव, फर्रुखाबाद की विमला परिहार एवं लखनऊ की पुष्पा मिश्रा मां ने कामाख्या धाम मंदिर के पट बंद किए। इस दौरान मां के जयकारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। सफेद कपड़ों में मां के शृंगार को देख भक्तों की आंखें नम हो गई। वेदमंत्रों के साथ पट बंद करते समय पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि इन तीन दिनों तक मां को होने वाली पीड़ा को भक्त महसूस करते हुए भजन कीर्तन करें। वहीं कहा कि उपवास रखने वाली महिलाएं अग्नि से बना भोजन ग्रहण न करें। उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों तक मां की सच्चे मन से की गई आराधना से भक्तों के समस्त संकटों का नाश होता है। 25 जून सुबह मंदिर के पट खोले जाएंगे। अंबुबाची महोत्सव में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी है।
फोटो
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जसराना के मां कामाख्या धाम में अंबुबाची महोत्सव की शुरुआत मंगला आरती के साथ हो गई। मंगला आरती के साथ कुरावली की अनुराधा मिश्रा, नोएडा की पूजा पुंडीर, भौंडसी हरियाणा की अनुराधा उपाध्याय, झपारा की निर्मला यादव, फर्रुखाबाद की विमला परिहार एवं लखनऊ की पुष्पा मिश्रा मां ने कामाख्या धाम मंदिर के पट बंद किए। इस दौरान मां के जयकारों से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। सफेद कपड़ों में मां के शृंगार को देख भक्तों की आंखें नम हो गई। वेदमंत्रों के साथ पट बंद करते समय पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने कहा कि इन तीन दिनों तक मां को होने वाली पीड़ा को भक्त महसूस करते हुए भजन कीर्तन करें। वहीं कहा कि उपवास रखने वाली महिलाएं अग्नि से बना भोजन ग्रहण न करें। उन्होंने कहा कि इन तीन दिनों तक मां की सच्चे मन से की गई आराधना से भक्तों के समस्त संकटों का नाश होता है। 25 जून सुबह मंदिर के पट खोले जाएंगे। अंबुबाची महोत्सव में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने तैयारियां तेज कर दी है।
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