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जनता के लिए मुसीबत बना शहर में मेंटीनेंस कार्य
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 01 May 2016 10:53 PM IST
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आरएपी डीएपी योजना के तहत शहर में विद्युतीकरण कार्य कराए जा रहे हैं
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आरएपी-डीआरपी योजना के अंतर्गत शहर में कराया जा रहा मेंटीनेंस कार्य जनता के लिए मुसीबत बन गया है। भीषण गर्मी में दिन-रात बिजली संकट झेल रही जनता में विद्युत विभाग के खिलाफ खासा आक्रोश है। अघोषित बिजली संकट ने जनता का दिन का चैन और रात की नींद उड़ा दी है।
आरएपी-डीआरपी योजना के अंतर्गत शहर में लाइनों को अंडरग्राउंड करने, बिजली घरों पर नई मशीनें स्थापित करने, ओवरलोड फीडरों को बाइपरकेट कर अतिरिक्त फीडर बनाने, बिजलीघरों पर नई ओसीबी लगाने, नए पोल स्थापित करने का कार्य केंद्र सरकार द्वारा नोएडा की कंपनी जेएसपी द्वारा कराया जा रहा है। वर्ष 2011-12 में प्रारंभ 135 करोड़ की वृहद योजना पर कंपनी द्वारा शुरुआत से ही लापरवाही बरती गई। इसका नतीजा है कि मार्च-16 तक पूर्ण होने वाला काम अभी भी जारी है। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद कंपनी द्वारा कार्य में तेजी लाई गई, लेकिन कंपनी की लापरवाही का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कंपनी द्वारा शहर में एक साथ कई स्थानों पर अंडरग्राउंड लाइन डालने, ट्रांसफार्मरों की मेंटीनेंस, नए पोल और केबिल डालने का कार्य कराया जा रहा है। मेंटीनेंस कार्य के चलते से सुबह से सायं तक सप्लाई ठप कर दी जाती है। भीषण गर्मी में दिन भर बिजली गुल रहने से जनता परेशान है। वर्तमान में गांधी पार्क, सुहाग नगर, एसएन, पुरुषोत्तम बिहार, इंडस्ट्रियल एरिया बिजलीघर के अंतर्गत कार्य चल रहा है। अंडरग्राउंड केबिल डालने के लिए ठेकेदार द्वारा पूरे शहर में सड़कें खोद दी गई हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है।
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बाक्स--
बिजली कटौती से बढ़ रहा पेयजल संकट
शहर में अघोषित बिजली कटौती के चलते पेयजल संकट भी दिनोंदिन गहराता जा रहा है। बिजली के अभाव में नलकूप न चलने से टंकी और सीडब्ल्यूआर खाली रहते हैं। इससे निगम द्वारा प्रात: होने वाली पेयजल आपूर्ति पर खासा प्रभाव पड़ रहा है। भीषण गर्मी के मौसम में जनता को बिजली के साथ पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।
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आरएपी-डीआरपी योजना के अंतर्गत शहर में लाइनों को अंडरग्राउंड करने, बिजली घरों पर नई मशीनें स्थापित करने, ओवरलोड फीडरों को बाइपरकेट कर अतिरिक्त फीडर बनाने, बिजलीघरों पर नई ओसीबी लगाने, नए पोल स्थापित करने का कार्य केंद्र सरकार द्वारा नोएडा की कंपनी जेएसपी द्वारा कराया जा रहा है। वर्ष 2011-12 में प्रारंभ 135 करोड़ की वृहद योजना पर कंपनी द्वारा शुरुआत से ही लापरवाही बरती गई। इसका नतीजा है कि मार्च-16 तक पूर्ण होने वाला काम अभी भी जारी है। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद कंपनी द्वारा कार्य में तेजी लाई गई, लेकिन कंपनी की लापरवाही का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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कंपनी द्वारा शहर में एक साथ कई स्थानों पर अंडरग्राउंड लाइन डालने, ट्रांसफार्मरों की मेंटीनेंस, नए पोल और केबिल डालने का कार्य कराया जा रहा है। मेंटीनेंस कार्य के चलते से सुबह से सायं तक सप्लाई ठप कर दी जाती है। भीषण गर्मी में दिन भर बिजली गुल रहने से जनता परेशान है। वर्तमान में गांधी पार्क, सुहाग नगर, एसएन, पुरुषोत्तम बिहार, इंडस्ट्रियल एरिया बिजलीघर के अंतर्गत कार्य चल रहा है। अंडरग्राउंड केबिल डालने के लिए ठेकेदार द्वारा पूरे शहर में सड़कें खोद दी गई हैं। इससे राहगीरों को परेशानी होती है।
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बिजली कटौती से बढ़ रहा पेयजल संकट
शहर में अघोषित बिजली कटौती के चलते पेयजल संकट भी दिनोंदिन गहराता जा रहा है। बिजली के अभाव में नलकूप न चलने से टंकी और सीडब्ल्यूआर खाली रहते हैं। इससे निगम द्वारा प्रात: होने वाली पेयजल आपूर्ति पर खासा प्रभाव पड़ रहा है। भीषण गर्मी के मौसम में जनता को बिजली के साथ पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।