{"_id":"654fac0d485f13ba0a0f5016","slug":"loud-firecrackers-will-harm-health-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-9656-2023-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: तेज आवाज के पटाखे पहुंचाएंगे सेहत को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: तेज आवाज के पटाखे पहुंचाएंगे सेहत को नुकसान
Sat, 11 Nov 2023 10:00 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 11 Nov 2023 10:00 PM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। तेज आवाज पटाखा किसी दिल व ब्लडप्रेशर के मरीज की सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। पटाखा चलाते समय सावधानियां बरतें। जिससे दुर्घटना होने पर बचाव के तरीके बताए हैं।
- हृदय रोगियों को तेज आवाज करने वाली आतिशबाजी से दूर रहना चाहिए। इसके साथ ही जिनको अस्थमा और एलर्जी है उन्हें आतिशबाजी के धुएं से दूर रहना चाहिए। उन्हें मास्क का प्रयोग करना चाहिए। ताकि सांस के माध्यम से उनके फेफड़ों में धुंआ प्रवेश न कर पाएं। यदि उन्हें धुएं से परहेज नहीं किया तो उन्हें अस्थमा का अटैक भी पड़ सकता है। -डाॅ. डीके गुप्ता, वरिष्ठ फिजिशियन
- गर्भवती महिलाओं को तेज धमाके वाले पटाखों से दूर रहना चाहिए। तेज आवाज और आतिशबाजी का धुंआ गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु में विकार पैदा कर सकता है। -डाॅ. मेधा गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
- आतिशबाजी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
आतिशबाजी करते समय विशेष तौर पर चिंगारियां छोड़ने वाले पटाखों के पास नहीं जाना चाहिए। जूते पहनकर ही आतिशबाजी जलाएं, पटाखा न फूटे उस पर पानी या मिट्टी डालें, छोटे बच्चों व बुजुर्गों का भी ख्याल रखें, आतिशबाजी खुले मैदान में ही जलाएं। रॉकेट छोड़ने के लिए हमेशा बोतल का प्रयोग करें। पटाखे जलाते समय सूती कपड़े ही पहनने चाहिए। पटाखे जलाने के दौरान पानी के साथ ही बालू-मिट्टी का इंतजाम करें। पटाखों में आग दूर से ही लगाएं। आतिशबाजी जलाते समय बच्चों पर नजर रखें। आतिशबाजी रखने के लिए अच्छी और सुरक्षित स्थान चुनें। पटाखे छोटे बच्चो कि पहुंच से दूर रखे। आतिशबाजी को बच्चे हाथ में रखकर न फोड़े और न ही पटाखे जलाकर किसी के ऊपर फेंके।
विज्ञापन
- हृदय रोगियों को तेज आवाज करने वाली आतिशबाजी से दूर रहना चाहिए। इसके साथ ही जिनको अस्थमा और एलर्जी है उन्हें आतिशबाजी के धुएं से दूर रहना चाहिए। उन्हें मास्क का प्रयोग करना चाहिए। ताकि सांस के माध्यम से उनके फेफड़ों में धुंआ प्रवेश न कर पाएं। यदि उन्हें धुएं से परहेज नहीं किया तो उन्हें अस्थमा का अटैक भी पड़ सकता है। -डाॅ. डीके गुप्ता, वरिष्ठ फिजिशियन
विज्ञापन
- गर्भवती महिलाओं को तेज धमाके वाले पटाखों से दूर रहना चाहिए। तेज आवाज और आतिशबाजी का धुंआ गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे शिशु में विकार पैदा कर सकता है। -डाॅ. मेधा गुप्ता, स्त्री रोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
- आतिशबाजी के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
आतिशबाजी करते समय विशेष तौर पर चिंगारियां छोड़ने वाले पटाखों के पास नहीं जाना चाहिए। जूते पहनकर ही आतिशबाजी जलाएं, पटाखा न फूटे उस पर पानी या मिट्टी डालें, छोटे बच्चों व बुजुर्गों का भी ख्याल रखें, आतिशबाजी खुले मैदान में ही जलाएं। रॉकेट छोड़ने के लिए हमेशा बोतल का प्रयोग करें। पटाखे जलाते समय सूती कपड़े ही पहनने चाहिए। पटाखे जलाने के दौरान पानी के साथ ही बालू-मिट्टी का इंतजाम करें। पटाखों में आग दूर से ही लगाएं। आतिशबाजी जलाते समय बच्चों पर नजर रखें। आतिशबाजी रखने के लिए अच्छी और सुरक्षित स्थान चुनें। पटाखे छोटे बच्चो कि पहुंच से दूर रखे। आतिशबाजी को बच्चे हाथ में रखकर न फोड़े और न ही पटाखे जलाकर किसी के ऊपर फेंके।