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चौकियों पर ताले, सुरक्षा के लाले

Wed, 17 Jun 2015 11:03 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Wed, 17 Jun 2015 11:03 PM IST
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Locks at checkpoints , security in the favour of God
 कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर फीरोजाबाद के वर्दीधारी सवालों के कठघरे में हैं। शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त तक नहीं होती। वहीं चौकियों पर ताले से सुरक्षा के लाले पड़े हैं। ऐसे में मिश्रित आबादी के मोहल्ले में आए दिन सांप्रदायिक तनाव और बवाल होता है। इन क्षेत्रों मे स्थापित की गई चौकियां और पुलिस बूथ खंडहर हो चुके हैं। पुलिस के नाम पर अधिकारी कम फोर्स का रोना रो देते हैं।
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 सुहाग नगरी, वैसे तो मिश्रित आबादी का शहर होने के बाद भी शांत रहता है। शहर के कुछ इलाके संवेदनशील भी हैं, जहां आपसी मतभेद और छोटी छोटी बातों पर बड़े बवाल हो जाते हैं। इन इलाकों में पुलिस की स्थानीय चौकी न होना तनाव बढ़ने का प्रमुख कारण है।  प्रमुख इलाके जैसे राजपूताना चौराहा, उर्वशी तिराहा, नाले की पुलिया, इमामबाड़ा, मोहल्ला कोटला स्थित राजा राम की पुलिया, नई बस्ती स्थित मुला सिंह का चौराहा, शीतल खां के समीप मोहम्मदगंज के साथ नगला बरी को पुलिस विभाग में अतिसंवेदनशील माने गए हैं।  इसके बाद भी सुरक्षा के नाम पर यहां न तो पुलिस तैनात रहती है और न ही होमगार्ड। ऐसे में इन क्षेत्रों में कब तनाव की स्थिति बन जाए कहां नहीं जा सकता।
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पुलिस बूथ राजपूताना
राजपूताना चौराहा पुलिस अभिलेखों में अतिसंवेदनशील के नाम से दर्ज है। ऐसे में बूथ का निर्माण कराया गया था, जो अब खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसे दुरुस्त कराने की सुध न तो पुलिस अधिकारियों ने ली और न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने। ऐसे में यहां से पुलिस बल भी नदारद रहता है। यदि रविवार को यहां पुलिस बल मौजूद होता तो बलवे की आग में राजपूताना मोहल्ला नहीं झुलसता।
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पुलिस चौकी भी हो गई खंडहर, पड़ा ताला
वर्ष 2012 के मार्च में हुंडावाला बाग के समीप बलवे के बाद डीएम सुरेंद्र सिंह और एसपी मंजिल सैनी ने सुरक्षा की दृष्टि से नक्कारची टोला पुलिस चौकी की स्थापना की थी। इसके लिए नए भवन का निर्माण भी कराया था। हालांकि दो साल में यह भवन खंडहर होने के साथ ही चौकी पर ताला डल गया। ऐसे में मिश्रित आबादी वाला क्षेत्र फिर से भगवान भरोसे हो गया।

उर्वशी तिराहा का बूथ बन गया शोपीस
आपराधिक वारदातों को रोकने के साथ ही मिश्रित आबादी बाहुल्य क्षेत्र होने पर यहां पुलिस बूथ की स्थापना करने के साथ ही फोर्स तैनात रहता था। हालांकि वर्तमान में यहां कुछ लोगों ने इसका प्रयोग अपने निजी कार्य में करना शुरू कर दिया है। यह क्षेत्र  भी अतिसंवेदनशील की श्रेणी में आता है।



मिश्रित आबादी वाले बूथों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। जो बूथ खंडहर हो चुके है, उनकी मरम्मत कराई जाएगी। इससे क्षेत्र में होने वाले विवादों को उग्र होने से पूर्व रोका जा सके।
उदय शंकर सिंह, एसपी सिटी
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