{"_id":"67cb40798cf44aa2640cdaca","slug":"lkg-student-fainted-in-school-bathroom-died-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-143975-2025-03-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"LKG के छात्र की मौत: स्कूल के बाथरूम में हुआ बेहोश, शिक्षक ले गए ट्रोमा सेंटर...रास्ते में तोड़ दिया दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
LKG के छात्र की मौत: स्कूल के बाथरूम में हुआ बेहोश, शिक्षक ले गए ट्रोमा सेंटर...रास्ते में तोड़ दिया दम
Sat, 08 Mar 2025 11:58 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 08 Mar 2025 11:58 AM IST
सार
फिरोजाबाद में छह वर्षीय एलकीजे की छात्र की मौत हो गई। वो बाथरूम में बेहोश होकर गिर गया। शिक्षकों ने उसे सीपीआर दिया, जिसके बाद ट्रोमा सेंटर ले गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
भवदीप, फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फिरोजाबाद में एलकेजी का छात्र को स्कूल के बाथरूम में बेहोश हो गया। शिक्षकों ने बाथरूम से बाहर निकाला। स्कूल स्टाफ बच्चे को ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचा। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद स्कूल स्टाफ बच्चे को ट्रॉमा सेंटर में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग देखी और डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। बच्चे का मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम भी कराया गया है।
विज्ञापन
थाना दक्षिण क्षेत्र के दारापुर निवासी मनोज कुमार का 6 वर्षीय बेटा भवदीप बांके बिहारी रिसोर्ट के सामने इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित कृष्णा वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में एलकेजी का छात्र था। शुक्रवार को सुबह वह घर से स्कूल पढ़ने के लिए गया था। मध्यान्ह भोजन अवकाश के बाद भवदीप ने बाथरूम गया। जब कुछ देर तक बच्चा बाहर नहीं आया तो शिक्षकों ने दरवाजा खोला।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां बच्चा बेहोशी की हालत में मिला। शिक्षिकाएं उस बच्चे को गोद में लेकर कक्षा में लेकर आईं। बच्चे के शरीर में कोई हरकत न होने पर स्कूल स्टाफ बच्चे को ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी। जब परिजन ट्रामा सेंटर पहुंचे तो स्टाफ जा चुका था। परिजन स्कूल पहुंचे तो वह भी बंद मिला। वहीं स्कूल प्रबंधक अजीत यादव का कहना है कि वह मौके पर नहीं थे। छात्र को तकलीफ होने पर स्कूल का स्टाफ ही उपचार के लिए तत्काल प्राइवेट ट्रॉमा सेंटर लेकर गए थे।
इकलौती संतान था भवदीप
बच्चे के ताऊ राजकिशोर ने बताया कि वह प्रतिदिन चंदन का तिलक लगाकर जाता था। वह स्कूल वैन से स्कूल गया था। वह पिता की इकलौती संतान था। बच्चे के पिता मनोज प्राइवेट स्कूल में शिक्षण कार्य कराते थे। बेटे की मौत के बाद मां रुबी यादव और पिता सहित परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
बच्चे के ताऊ राजकिशोर ने बताया कि वह प्रतिदिन चंदन का तिलक लगाकर जाता था। वह स्कूल वैन से स्कूल गया था। वह पिता की इकलौती संतान था। बच्चे के पिता मनोज प्राइवेट स्कूल में शिक्षण कार्य कराते थे। बेटे की मौत के बाद मां रुबी यादव और पिता सहित परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
रिकार्डिंग देखी, शिक्षक दे रहे थे सीपीआर
घटना की जानकारी होते ही एसडीएम सतेंद्र सिंह, बीएसए आशीष पांडेय, नगर शिक्षाधिकारी उपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग देखी। इस रिकार्डिंग में शिक्षक बच्चे को बाथरूम से कक्षा में लेकर आए। बेहोशी की हालत में बच्चे को सीसीपीआर देना शुरू किया। पानी के छीटे मारने के साथ हाथ पैरों में भी मालिश शुरू कर दी। एक बार बच्चे के शरीर में कुछ हरकत हुई। लेकिन बच्चे के होश में न आने के कारण स्कूल स्टाफ ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचा। यहां बच्चे की मौत हो गई।
घटना की जानकारी होते ही एसडीएम सतेंद्र सिंह, बीएसए आशीष पांडेय, नगर शिक्षाधिकारी उपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग देखी। इस रिकार्डिंग में शिक्षक बच्चे को बाथरूम से कक्षा में लेकर आए। बेहोशी की हालत में बच्चे को सीसीपीआर देना शुरू किया। पानी के छीटे मारने के साथ हाथ पैरों में भी मालिश शुरू कर दी। एक बार बच्चे के शरीर में कुछ हरकत हुई। लेकिन बच्चे के होश में न आने के कारण स्कूल स्टाफ ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचा। यहां बच्चे की मौत हो गई।
अचानक मौत के यह होते हैं कारण
मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग अध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि बच्चों की मौत के कारण का खून की नली में थक्का जम जाना या चोट लगाना या कोई ब्लड़ प्रेशर से नस फट जाना इत्यादि है। जन्मजात से दिल की बीमारी या कई बच्चों में दिल का आकार बढ़ जाता है और कमजोर हो जाती है। ऐसी स्थिति में भी बच्चों की अचानक मौत हो जाते हैं।
मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग अध्यक्ष डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि बच्चों की मौत के कारण का खून की नली में थक्का जम जाना या चोट लगाना या कोई ब्लड़ प्रेशर से नस फट जाना इत्यादि है। जन्मजात से दिल की बीमारी या कई बच्चों में दिल का आकार बढ़ जाता है और कमजोर हो जाती है। ऐसी स्थिति में भी बच्चों की अचानक मौत हो जाते हैं।