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सीबीएसई स्कूलों को पढ़ाया नियमों का पाठ
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Mon, 08 May 2017 11:21 PM IST
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बैठक करते सीडीओ।
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सीबीएसई से संबंधित स्कूलों की बैठक कलक्ट्रेट सभागार में सीडीओ प्रभांशु श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। इसमें स्कूल प्रबंधक एवं प्रधानाचार्यों को नियमों का पाठ पढ़ाया गया। हालांकि अभिभावक को कोई राहत नहीं मिली।
सीडीओ ने कहा कि नियम विरुद्ध तरीके से स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि कोई किताबें स्कूल में नहीं बेचेगा। क्वालिटी एजूकेशन के लिए मान्यता दी गई है। बीएसए सचिदानंद यादव ने कहा कि सीबीएसई से संबंधित विद्यालय है, वो नियमानुसार एनसीआरटी की किताबें चलाएं। नियमविरूद्ध तरीके से स्कूलों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। फीस वृद्धि पर अभिभावकों की बैठक की जाए। अभिभावकों को बताया जाए कि किस कारण फीस वृद्धि की गई है। स्कूल वाहनों में नियमों का पालन किया जाए। आगे पीछे लिखा जाए स्कूल बस। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्रबहादुर सिंह एवं एसडीएम मौजूद रहे।
देर से जागा प्रशासन
फिरोजाबाद। प्रशासन देर से जागा। अब तक अधिकतर विद्यार्थियों ने किताबें खरीद ली हैं। स्कूलों से ही किताबों की बिक्री हुई या निर्धारित दुकानों से अभिभावकों को किताबें खरीदनी पड़ी। ड्रेस में भी यही हाल हुआ। फीस वृद्धि पर भी शासन ने मानक तय नहीं किया। इसलिए स्कूल संचालक फर्जी अभिभावकों की बैठक कागजों में दिखाकर फीस वृद्धि करने में सहायक होंगे।
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सीडीओ ने कहा कि नियम विरुद्ध तरीके से स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि कोई किताबें स्कूल में नहीं बेचेगा। क्वालिटी एजूकेशन के लिए मान्यता दी गई है। बीएसए सचिदानंद यादव ने कहा कि सीबीएसई से संबंधित विद्यालय है, वो नियमानुसार एनसीआरटी की किताबें चलाएं। नियमविरूद्ध तरीके से स्कूलों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। फीस वृद्धि पर अभिभावकों की बैठक की जाए। अभिभावकों को बताया जाए कि किस कारण फीस वृद्धि की गई है। स्कूल वाहनों में नियमों का पालन किया जाए। आगे पीछे लिखा जाए स्कूल बस। बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्रबहादुर सिंह एवं एसडीएम मौजूद रहे।
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देर से जागा प्रशासन
फिरोजाबाद। प्रशासन देर से जागा। अब तक अधिकतर विद्यार्थियों ने किताबें खरीद ली हैं। स्कूलों से ही किताबों की बिक्री हुई या निर्धारित दुकानों से अभिभावकों को किताबें खरीदनी पड़ी। ड्रेस में भी यही हाल हुआ। फीस वृद्धि पर भी शासन ने मानक तय नहीं किया। इसलिए स्कूल संचालक फर्जी अभिभावकों की बैठक कागजों में दिखाकर फीस वृद्धि करने में सहायक होंगे।
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