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पानी रोकने को बनेगी झील
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 03 Feb 2015 11:03 PM IST
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सुहागनगरी की करीब सात लाख से अधिक आबादी को गंगाजल उपलब्ध कराने को प्रस्तावित जेड़ाझाल परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने का रास्ता साफ हो गया है। पेयजल परियोजना के लिए नंदपुर में नदी का पानी स्टोर करने के लिए झील बनाई जाएगी। इसके लिए करीब 31 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। वहीं सैलई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पाइप लाइन के जरिए जनता को मीठा पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत नदी का पानी स्टोर करने के लिए नंदपुर पर करीब 31 हेक्टेयर भूमि पर एक बड़ी झील बनाई जाएगी, जिससे नदी का पानी यदि 15 दिन या एक माह के लिए रोका जाता है तो शहर में आपूर्ति के लिए किल्लत न खड़ी हो। नंदपुर पर जिस जमीन का चयन किया गया है उसमें करीब डेढ़ दर्जन किसानों की भूमि बताई जा रही है। इसके अलावा सैलई में करीब दो हेक्टेयर भूमि पर भी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। कुल 33 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए किसानों को मुआवजे के रूप में करीब 35 करोड़ की धनराशि देने की आवश्यकता है।
13 मार्च 2013 को मुख्यमंत्री ने दिया था तोहफा
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुहागनगरी को 16 मार्च-13 को जसराना नवीन नहर परियोजना के नाम पर बड़ा तोहफा दिया था। 663 करोड़ की योजना में 140 करोड़ से नंदपुर तक नहर बनाने तथा ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर को मीठा पानी देने का प्रावधान है। वर्तमान में जेड़ाझाल परियोजना में नहर खुदाई का कार्य करीब 75 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसके बाद सैलई पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। पानी को ट्रीटमेंट कर पाइप लाइन द्वारा शहर तक लाया जाएगा। कई स्थानों पर ओवरहैंड, सीडब्लूआर स्थापित कराए जाएंगे। कई क्षेत्रों में पाइप लाइन विस्तार कराया जाएगा।
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केबिनेट में मिल चुकी है कि 433 करोड़ की मंजूरी
लखनऊ में 14 जनवरी-15 को हुई केबिनेट की बैठक में शासन द्वारा जेड़ाझाल परियोजना के लिए 433 करोड़ की मंजूरी प्रदान कर दी है। हालांकि शासन द्वारा यह धनराशि जिला प्रशासन को किश्तों में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कार्य में कोई रुकावट न आए।
25 करोड़ की धनराशि जारी होने का मिला पत्र
जेड़ाझाल परियोजना के लिए अधिसूचना जारी होने के दो दिन बाद शासन ने 25 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी। इसी के साथ जलनिगम जमीन अधिग्रहण के कार्य में जुट गया है।
शासन से मिलने वाली 25 करोड़ रुपये की धनराशि से 33 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। परियोजना के लिए 31 हेक्टेयर जमीन नंदपुर गांव पर, दो हेक्टेयर जमीन का सैलई में अधिग्रहण किया जाएगा। नंदपुर पर पानी स्टोर करने के लिए लैंडफिल बनाई जाएगी, वहीं सैलई पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
वीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड
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जेड़ाझाल परियोजना के अंतर्गत नदी का पानी स्टोर करने के लिए नंदपुर पर करीब 31 हेक्टेयर भूमि पर एक बड़ी झील बनाई जाएगी, जिससे नदी का पानी यदि 15 दिन या एक माह के लिए रोका जाता है तो शहर में आपूर्ति के लिए किल्लत न खड़ी हो। नंदपुर पर जिस जमीन का चयन किया गया है उसमें करीब डेढ़ दर्जन किसानों की भूमि बताई जा रही है। इसके अलावा सैलई में करीब दो हेक्टेयर भूमि पर भी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। कुल 33 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए किसानों को मुआवजे के रूप में करीब 35 करोड़ की धनराशि देने की आवश्यकता है।
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13 मार्च 2013 को मुख्यमंत्री ने दिया था तोहफा
प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुहागनगरी को 16 मार्च-13 को जसराना नवीन नहर परियोजना के नाम पर बड़ा तोहफा दिया था। 663 करोड़ की योजना में 140 करोड़ से नंदपुर तक नहर बनाने तथा ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर को मीठा पानी देने का प्रावधान है। वर्तमान में जेड़ाझाल परियोजना में नहर खुदाई का कार्य करीब 75 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। इसके बाद सैलई पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। पानी को ट्रीटमेंट कर पाइप लाइन द्वारा शहर तक लाया जाएगा। कई स्थानों पर ओवरहैंड, सीडब्लूआर स्थापित कराए जाएंगे। कई क्षेत्रों में पाइप लाइन विस्तार कराया जाएगा।
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केबिनेट में मिल चुकी है कि 433 करोड़ की मंजूरी
लखनऊ में 14 जनवरी-15 को हुई केबिनेट की बैठक में शासन द्वारा जेड़ाझाल परियोजना के लिए 433 करोड़ की मंजूरी प्रदान कर दी है। हालांकि शासन द्वारा यह धनराशि जिला प्रशासन को किश्तों में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कार्य में कोई रुकावट न आए।
25 करोड़ की धनराशि जारी होने का मिला पत्र
जेड़ाझाल परियोजना के लिए अधिसूचना जारी होने के दो दिन बाद शासन ने 25 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी। इसी के साथ जलनिगम जमीन अधिग्रहण के कार्य में जुट गया है।
शासन से मिलने वाली 25 करोड़ रुपये की धनराशि से 33 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। परियोजना के लिए 31 हेक्टेयर जमीन नंदपुर गांव पर, दो हेक्टेयर जमीन का सैलई में अधिग्रहण किया जाएगा। नंदपुर पर पानी स्टोर करने के लिए लैंडफिल बनाई जाएगी, वहीं सैलई पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।
वीपी सिंह, अधिशासी अभियंता, जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड