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कान्हा के जन्मोत्सव की होने लगी तैयारियां
Amar Ujala
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:24 AM IST
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कान्हा के जन्मोत्सव की होने लगी तैयारियां
- फोटो : Amar Ujala
जन्माष्टमी के दिन आकर्षक ढंग से सजेंगे मंदिर
सुहागनगरी में कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है। जन्माष्टमी के दिन मंदिरों में फूलों, गुब्बारों व विद्युत झालरों से आकर्षक सजावट होगी। मंदिरों से सुबह से देर रात्रि तक शृंगार आरती, जन्म के समय महाआरती के प्रसाद वितरण होगा। 25 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा।
जन्माष्टमी के दिन सुबह से मंदिरों में मंगला दर्शन, आरती शृंगार के साथ बधाई गीत गाए जाएंगे। शाम के समय मंदिरों में भव्य फूलबंगला के दर्शन होंगे। रात्रि में कन्हैया जी का दूध, दही, शहद व चरणामृत से अभिषेक, महाआरती का आयोजन होगा। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाने के लिए दूर-दराज से कलाकार बुलाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
250 साल पुराना है श्री बिहारी जी महाराज का मंदिर
कृष्णापाड़ा स्थित श्री बिहारी जी महाराज मंदिर 250 वर्ष पुराना है। मंदिर के महंत मुन्नालाल शास्त्री बताते हैं कि यह शहर का सबसे प्राचीन मंदिर हैं। जन्माष्टमी के दिन मंदिर को सजाने के लिए दिल्ली व वृंदावन से कलाकार बुलाए गए हैं। मंदिर को फूलों, गुब्बारों व विद्युत झालरों से सजाया जाएगा। मथुरा की शहनाई वादन के कलाकारों द्वारा बधाई गीत गाए जाएंगे।
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शहर का प्रमुख मंदिर है द्वारिकाधीश
कृष्णपाड़ा स्थित श्री द्वारिकाधीश मंदिर 140 वर्ष पुराना बताया जाता है। महंत अभिषेक शर्मा बताते हैं कि मंदिर की स्थापना सेठ गोइंका द्वारा कराई गई थी। शहर के मध्य यह अग्रवाल समाज का प्रमुख मंदिर है। जन्माष्टमी के दिन मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। मंदिर में सुबह शृंगार आरती, छह बजे से द्वारिकाधीश के भव्य फूलबंगला के दर्शन होंगे। रात्रि 12 बजे मंदिर में अभिषेक, महाआरती के बाद प्रसाद वितरण होगा।
117 वर्ष पुराना है राधाकृष्ण मंदिर
श्रीराधाकृष्ण मंदिर का इतिहास भी बहुत पुराना है। मंदिर के महंत विजय उपाध्याय बताते हैं कि यह मंदिर के शहर के प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह 117 वर्ष पुराना बताया जाता है। जन्माष्टमी के लिए मंदिर की आकर्षक सजावट कराई जा रही है। मंदिर में सुबह मंगला दर्शन, श्रंगार आरती, शाम को सखियों का रास का कार्यक्रम होगा। जन्माष्टमी के दूसरे दिन नंदोत्सव का आयोजन होगा।
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सुहागनगरी में कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है। जन्माष्टमी के दिन मंदिरों में फूलों, गुब्बारों व विद्युत झालरों से आकर्षक सजावट होगी। मंदिरों से सुबह से देर रात्रि तक शृंगार आरती, जन्म के समय महाआरती के प्रसाद वितरण होगा। 25 अगस्त को जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा।
जन्माष्टमी के दिन सुबह से मंदिरों में मंगला दर्शन, आरती शृंगार के साथ बधाई गीत गाए जाएंगे। शाम के समय मंदिरों में भव्य फूलबंगला के दर्शन होंगे। रात्रि में कन्हैया जी का दूध, दही, शहद व चरणामृत से अभिषेक, महाआरती का आयोजन होगा। मंदिरों को आकर्षक रूप से सजाने के लिए दूर-दराज से कलाकार बुलाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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250 साल पुराना है श्री बिहारी जी महाराज का मंदिर
कृष्णापाड़ा स्थित श्री बिहारी जी महाराज मंदिर 250 वर्ष पुराना है। मंदिर के महंत मुन्नालाल शास्त्री बताते हैं कि यह शहर का सबसे प्राचीन मंदिर हैं। जन्माष्टमी के दिन मंदिर को सजाने के लिए दिल्ली व वृंदावन से कलाकार बुलाए गए हैं। मंदिर को फूलों, गुब्बारों व विद्युत झालरों से सजाया जाएगा। मथुरा की शहनाई वादन के कलाकारों द्वारा बधाई गीत गाए जाएंगे।
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शहर का प्रमुख मंदिर है द्वारिकाधीश
कृष्णपाड़ा स्थित श्री द्वारिकाधीश मंदिर 140 वर्ष पुराना बताया जाता है। महंत अभिषेक शर्मा बताते हैं कि मंदिर की स्थापना सेठ गोइंका द्वारा कराई गई थी। शहर के मध्य यह अग्रवाल समाज का प्रमुख मंदिर है। जन्माष्टमी के दिन मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। मंदिर में सुबह शृंगार आरती, छह बजे से द्वारिकाधीश के भव्य फूलबंगला के दर्शन होंगे। रात्रि 12 बजे मंदिर में अभिषेक, महाआरती के बाद प्रसाद वितरण होगा।
117 वर्ष पुराना है राधाकृष्ण मंदिर
श्रीराधाकृष्ण मंदिर का इतिहास भी बहुत पुराना है। मंदिर के महंत विजय उपाध्याय बताते हैं कि यह मंदिर के शहर के प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह 117 वर्ष पुराना बताया जाता है। जन्माष्टमी के लिए मंदिर की आकर्षक सजावट कराई जा रही है। मंदिर में सुबह मंगला दर्शन, श्रंगार आरती, शाम को सखियों का रास का कार्यक्रम होगा। जन्माष्टमी के दूसरे दिन नंदोत्सव का आयोजन होगा।