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फोटो - टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना का कांच उद्योग को नहीं मिलेगा लाभ
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कांच उद्योग को व्हाइट कैटेगीरी की नहीं मिलेगी राहत।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। ताज ट्रिपेजियम जोन में शामिल फिरोजाबाद में व्हाइट केटेगरी वाले उद्योगों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद घनी आबादी क्षेत्र में संचालित चूड़ी उत्पादक इकाईयों को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकेगा। लेकिन ओरेंज कैटेगरी में होने के कारण कांच उद्योग के विस्तारीकरण अथवा नई इकाई स्थापना पर प्रतिबंध जस का तस रहेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने टीटीजेड क्षेत्र में आगामी दस साल का विजन डॉक्यूमेंट दाखिल करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जो आदेश दिया है उससे फिरोजाबाद के कांच उद्योग को ज्यादा राहत नहीं मिली है। 22 मार्च 2018 से फिरोजाबाद का कांच उद्योग विस्तारीकरण एवं नवीन इकाई स्थापना जैसे मुद्दों पर प्रतिबंध अब भी बरकरार है।
हालांकि टीटीजेड में व्हाइट कैटेगरी के उद्योग स्थापना का रास्ता जरूर साफ हो गया है। शहर के घनी आबादी क्षेत्र एसएनरोड, रानीवाला कंपाउंड, रसूलपुर एवं कोटला मोहल्ला आदि में संचालित लगभग 70 इकाईयों को दूसरी जगह शिफ्ट कराने का रास्ता भी साफ हो गया है।
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व्हाइट श्रेणी की इकाई ही हो सकेगी स्थापित
ताज संरक्षित जोन में संचालित इकाईयों को नेशनल हरित प्राधिकरण ने चार श्रेणी रेड, औरेंज, ग्रीन एवं व्हाइट में विभाजित किया है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद टीटीजेड क्षेत्र में केवल व्हाइट कैटेगरी वाले प्लास्टिक के खिलौने, स्टील, बेकरी, प्रेस्टीज, मैटल, तंबाकू की पैकिंग, पैकेजिंग यूनिट, डेरी फारमिंग, ड्राई मसाला पिसाई, कांच हैंडीक्राफ्ट आइटम की असेंबलिंग, सीमेंट की ईंट, वेल्डिंग यूनिट एवं वुड कोरेगेशन के अलावा फ्लोर मिल जैसी औद्योगिक इकाई स्थापित की जा सकती हैं।
70 चूड़ी इकाईयों पर बढ़ेगा शिफ्टिंग का दवाब
कांच उद्योग को नैचुरल गैस की सप्लाई दे रही गेल इंडिया लिमिटेड सुरक्षा कारणों से घनी आबादी क्षेत्र में इकाई संचालन के पक्ष में नहीं है। गेल ने पूर्व में लगभग 70 इकाईयों को नोटिस जारी कर गैस सप्लाई देने में असमर्थता जताई थी। लेकिन 22 मार्च 2018 को जारी सुप्रीम कोर्ट के यथा स्थिति कायम रखने संबंधी निर्देशों के कारण इस पर प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। अब गेल भी घनी आबादी क्षेत्र में संचालित इकाईयों पर शिफ्टिंग का दबाव बढ़ा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी फिरोजाबाद में औद्योगिक विस्तारीकरण और औरेंज श्रेणी में आने वाली कोई भी इकाई स्थापित किया जाना संभव नहीं है।
अमरेश कुमार पांडेय - उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र फिरोजाबाद
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उत्तर प्रदेश सरकार ने टीटीजेड क्षेत्र में आगामी दस साल का विजन डॉक्यूमेंट दाखिल करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जो आदेश दिया है उससे फिरोजाबाद के कांच उद्योग को ज्यादा राहत नहीं मिली है। 22 मार्च 2018 से फिरोजाबाद का कांच उद्योग विस्तारीकरण एवं नवीन इकाई स्थापना जैसे मुद्दों पर प्रतिबंध अब भी बरकरार है।
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हालांकि टीटीजेड में व्हाइट कैटेगरी के उद्योग स्थापना का रास्ता जरूर साफ हो गया है। शहर के घनी आबादी क्षेत्र एसएनरोड, रानीवाला कंपाउंड, रसूलपुर एवं कोटला मोहल्ला आदि में संचालित लगभग 70 इकाईयों को दूसरी जगह शिफ्ट कराने का रास्ता भी साफ हो गया है।
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व्हाइट श्रेणी की इकाई ही हो सकेगी स्थापित
ताज संरक्षित जोन में संचालित इकाईयों को नेशनल हरित प्राधिकरण ने चार श्रेणी रेड, औरेंज, ग्रीन एवं व्हाइट में विभाजित किया है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद टीटीजेड क्षेत्र में केवल व्हाइट कैटेगरी वाले प्लास्टिक के खिलौने, स्टील, बेकरी, प्रेस्टीज, मैटल, तंबाकू की पैकिंग, पैकेजिंग यूनिट, डेरी फारमिंग, ड्राई मसाला पिसाई, कांच हैंडीक्राफ्ट आइटम की असेंबलिंग, सीमेंट की ईंट, वेल्डिंग यूनिट एवं वुड कोरेगेशन के अलावा फ्लोर मिल जैसी औद्योगिक इकाई स्थापित की जा सकती हैं।
70 चूड़ी इकाईयों पर बढ़ेगा शिफ्टिंग का दवाब
कांच उद्योग को नैचुरल गैस की सप्लाई दे रही गेल इंडिया लिमिटेड सुरक्षा कारणों से घनी आबादी क्षेत्र में इकाई संचालन के पक्ष में नहीं है। गेल ने पूर्व में लगभग 70 इकाईयों को नोटिस जारी कर गैस सप्लाई देने में असमर्थता जताई थी। लेकिन 22 मार्च 2018 को जारी सुप्रीम कोर्ट के यथा स्थिति कायम रखने संबंधी निर्देशों के कारण इस पर प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई। अब गेल भी घनी आबादी क्षेत्र में संचालित इकाईयों पर शिफ्टिंग का दबाव बढ़ा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी फिरोजाबाद में औद्योगिक विस्तारीकरण और औरेंज श्रेणी में आने वाली कोई भी इकाई स्थापित किया जाना संभव नहीं है।
अमरेश कुमार पांडेय - उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र फिरोजाबाद