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कांच उद्योग को राहत की उम्मीद
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कांच उद्योग को राहत की उम्मीद
नीरी को मिली जिम्मेदारी, तैयार हो रही औद्योगिक गतिविधियों की गाइड लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गैस कोटा की मांग कर रहीं इकाइयों के लंबित प्रकरणों के जल्द निपटने की उम्मीद जगी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर राष्ट्रीय पर्यावरण शोध अनुसंधान यानि नीरी ने टीटीजेड एरिया में सेक्टोरियल गाइड लाइन तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। नीरी के दिल्ली क्षेत्र के प्रमुख ने फिलहाल उद्योग विभाग को पत्र जारी कर फिरोजाबाद के कांच उद्योग का ब्योरा मांगा है।
फिरोजाबाद में करीब 17 इकाइयां गैस कोटा जारी करने की मांग कर रहीं हैं। वर्ष 2015 से कोटा जारी करने की मांग कर रहीं इन इकाइयों का मामला कई बार टीटीजेड अथॉरिटी की बैठक में उठ चुका है। आगे की कार्रवाई करते हुए टीटीजेड अथॉरिटी के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने राष्ट्रीय पर्यावरण शोध संस्थान नागपुर को सेक्टोरियल गाइड लाइन तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। गाइड लाइन के अनुसार ही गैस कोटा जारी करने की मांग कर रहीं कांच इकाइयों को कोटा जारी करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। वहीं मंडलायुक्त द्वारा जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद राष्ट्रीय पर्यावरण शोध संस्थान के दिल्ली परिक्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एसके गोयल ने उपायुक्त उद्योग को पत्र जारी किया है। पत्र में कांच उद्योग जगत के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी प्रस्तुत करने की बात कही गई है।
ये जिले भी गाइड लाइन में शामिल होंगे
नीरी द्वारा तैयार की जा रही सेक्टोरियल गाइड लाइन में फिरोजाबाद के अलावा आगरा, मथुरा, धौलपुर, एटा और हाथरस जिले में संचालित उद्योग भी शामिल किए जाएंगे।
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राष्ट्रीय पर्यावरण अनुसंधान शोध संस्थान नागपुर द्वारा टीटीजेड एरिया व आसपास के जिला में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी गाइड लाइन तैयार की जा रही है। टीटीजेड कमेटी अध्यक्ष के निर्देश पर तैयार की जा रही गाइड लाइन के संबंध में नीरी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने हमें पत्र लिखा है। पत्र में फिरोजाबाद के कांच एवं चूड़ी उद्योग से जुड़ीं जानकारी मांगी गईं हैं।
- अमरेश पांडे, उपायुक्त उद्योग
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नीरी को मिली जिम्मेदारी, तैयार हो रही औद्योगिक गतिविधियों की गाइड लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। गैस कोटा की मांग कर रहीं इकाइयों के लंबित प्रकरणों के जल्द निपटने की उम्मीद जगी है। मंडलायुक्त के निर्देश पर राष्ट्रीय पर्यावरण शोध अनुसंधान यानि नीरी ने टीटीजेड एरिया में सेक्टोरियल गाइड लाइन तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है। नीरी के दिल्ली क्षेत्र के प्रमुख ने फिलहाल उद्योग विभाग को पत्र जारी कर फिरोजाबाद के कांच उद्योग का ब्योरा मांगा है।
फिरोजाबाद में करीब 17 इकाइयां गैस कोटा जारी करने की मांग कर रहीं हैं। वर्ष 2015 से कोटा जारी करने की मांग कर रहीं इन इकाइयों का मामला कई बार टीटीजेड अथॉरिटी की बैठक में उठ चुका है। आगे की कार्रवाई करते हुए टीटीजेड अथॉरिटी के अध्यक्ष एवं मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने राष्ट्रीय पर्यावरण शोध संस्थान नागपुर को सेक्टोरियल गाइड लाइन तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। गाइड लाइन के अनुसार ही गैस कोटा जारी करने की मांग कर रहीं कांच इकाइयों को कोटा जारी करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। वहीं मंडलायुक्त द्वारा जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद राष्ट्रीय पर्यावरण शोध संस्थान के दिल्ली परिक्षेत्र के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. एसके गोयल ने उपायुक्त उद्योग को पत्र जारी किया है। पत्र में कांच उद्योग जगत के बारे में हर छोटी-बड़ी जानकारी प्रस्तुत करने की बात कही गई है।
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ये जिले भी गाइड लाइन में शामिल होंगे
नीरी द्वारा तैयार की जा रही सेक्टोरियल गाइड लाइन में फिरोजाबाद के अलावा आगरा, मथुरा, धौलपुर, एटा और हाथरस जिले में संचालित उद्योग भी शामिल किए जाएंगे।
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राष्ट्रीय पर्यावरण अनुसंधान शोध संस्थान नागपुर द्वारा टीटीजेड एरिया व आसपास के जिला में औद्योगिक गतिविधियों से जुड़ी गाइड लाइन तैयार की जा रही है। टीटीजेड कमेटी अध्यक्ष के निर्देश पर तैयार की जा रही गाइड लाइन के संबंध में नीरी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने हमें पत्र लिखा है। पत्र में फिरोजाबाद के कांच एवं चूड़ी उद्योग से जुड़ीं जानकारी मांगी गईं हैं।
- अमरेश पांडे, उपायुक्त उद्योग